दीपावली से पहले हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, 16 क्विंटल नकली खोया गड्ढे में दबवाकर कराया नष्ट हापुड़ के लालपुर गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग ने देर रात छापा मारकर लगभग 16 क्विंटल मिलावटी खोया बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 3 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार किया है। दीपावली के पर्व को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष निगरानी अभियान के तहत देहात क्षेत्र के लालपुर गांव में देर रात अचानक छापेमारी की गई। इस औचक कार्रवाई में अवैध रूप से संचालित की जा रही एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ, जहां बेहद हानिकारक सामग्री का उपयोग करके भारी मात्रा में नकली खोया तैयार किया जा रहा था। सहायक आयुक्त खाद्य चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे प्रशासनिक अमले ने मौके पर तैयार मिले पूरे स्टॉक को जब्त करने के तुरंत बाद मौके पर ही नष्ट करवा दिया। गुप्त सूचना के आधार पर देर रात लालपुर गांव में दबिश प्रशासनिक अधिकारियों को एक पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था कि हापुड़ देहात थाना अंतर्गत पड़ने वाले लालपुर गांव में बड़े पैमाने पर मिलावटी खोया तैयार करने का गैरकानूनी धंधा चल रहा है। इस इनपुट को सत्यापित करने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने रात के अंधेरे में संबंधित ठिकाने की घेराबंदी कर औचक छापा मारा। मौके पर पहुंचते ही अधिकारियों ने देखा कि वहां अत्यंत अस्वास्थ्यकर और संदिग्ध परिस्थितियों में खोया पकाया जा रहा था। जांच के दौरान लगभग 16 क्विंटल तैयार नकली खोया बरामद हुआ, जिसे त्योहारी बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। पाम ऑयल और वनस्पति घी से तैयार हो रहा था स्टॉक, 4 नमूने लैब भेजे प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस खोये को तैयार करने के लिए पाम ऑयल और वनस्पति घी जैसी हानिकारक चीजों की भारी मिलावट की जा रही थी। आम लोगों की सेहत को गंभीर खतरे में डालने वाले इस मिलावटी कारोबार की वैधानिक पुष्टि के लिए अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाए। खाद्य सुरक्षा टीम ने गुणवत्ता परीक्षण के वास्ते मौके से खोये के 4 अलग-अलग नमूने सील किए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवा दिया। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। जेसीबी से खुदवाया गहरा गड्ढा, 3 लाख 20 हजार रुपये का खोया कराया जमींदोज जब्त किए गए इस नकली खोये की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। यह स्टॉक किसी भी सूरत में बाजार तक न पहुंचे और आम जनता की थाली तक न जा सके, इसके लिए अधिकारियों ने मौके पर ही इसे नष्ट कराने का निर्णय लिया। प्रशासन ने फौरन मौके पर जेसीबी मशीन बुलवाई और जमीन में एक गहरा गड्ढा खुदवाया। इसके बाद 16 क्विंटल मिलावटी खोये को उस गड्ढे में डलवाकर पूरी तरह मिट्टी से दबवा दिया गया ताकि इसका पुनर्चक्रण या दुरुपयोग पूरी तरह असंभव हो जाए। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार जारी रहेगा अभियान खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी मौसम के दौरान बाजारों में शुद्ध खानपान सुनिश्चित करने के लिए उनकी यह सतर्कता आगे भी अनवरत रूप से जारी रहेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि मुनाफाखोरी के चक्कर में नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लगातार औचक निरीक्षण, रात्रिकालीन छापे और सघन सैंपलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि त्योहारों पर मिलावटी मावे और मिठाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खरीदारी के दौरान इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं और स्थानीय व्यापारियों पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटी खोये और मावे से बनी मिठाइयों के खिलाफ देशभर के खाद्य विभाग सतर्क हो जाते हैं। इससे ग्राहकों को बाजार से मिठाई या खोया खरीदते वक्त अधिकृत और विश्वसनीय दुकानों से ही सामान लेने की सलाह दी जाती है। • हापुड़ में: स्थानीय बाजार में लगभग 16 क्विंटल मिलावटी खोया पहुंचने से रोक लिया गया है, जिससे हजारों लोगों की सेहत जहरीले खाद्य पदार्थों से सुरक्षित हो गई है। जिले के मिठाई विक्रेताओं और हलवाइयों पर अब आगामी त्योहारी दिनों में सख्त निरीक्षण और सैंपलिंग का दायरा बढ़ जाएगा। • स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता: पाम ऑयल और वनस्पति घी से बने नकली खोये के सेवन से पाचन तंत्र और दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। जागरूक ग्राहक खोया खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच घर पर आयोडीन टेस्ट या परख के जरिए जरूर करें। • मिलावटखोरों पर असर: लगभग 3 लाख 20 हजार रुपये का अवैध माल नष्ट होने से गैरकानूनी कारोबारियों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। प्रशासन की रात की छापों की नीति से ऐसे अवैध कारखानों पर शिकंजा और कड़ा होगा। ऐसा क्यों हुआ दीपावली के दौरान खोया और मिठाइयों की अत्यधिक मांग के कारण मुनाफाखोर सस्ते और हानिकारक पदार्थों की मिलावट करके भारी मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं। • त्योहारी मांग और आपूर्ति का अंतर: दिवाली के आसपास खोये की खपत अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिसे सामान्य दुग्ध उत्पादन से पूरा करना मुश्किल होता है। इसी कमी का फायदा उठाकर मिलावटखोर पाम ऑयल और वनस्पति घी से नकली खोया तैयार करने लगते हैं। • सस्ता उत्पादन और अधिक मुनाफा: असली दूध से मावा तैयार करने में अधिक लागत और समय लगता है, जबकि पाम ऑयल और वनस्पति तेलों के मिश्रण से बहुत कम कीमत में नकली मावा बन जाता है। इसे बाजार में असली खोये के भाव बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता है। • गोपनीय इनपुट पर प्रशासनिक कार्रवाई: सहायक आयुक्त खाद्य चंद्रशेखर मिश्र को लालपुर गांव में चल रही इस अवैध गतिविधि की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर रात में दबिश दी गई ताकि माल को बाजार में खपाए जाने से पहले ही पकड़ा जा सके। सवाल-जवाब 1. हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने किस जगह छापा मारा? खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम ने हापुड़ देहात क्षेत्र के लालपुर गांव में संचालित हो रही एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा। 2. छापेमारी के दौरान कितना नकली खोया पकड़ा गया? प्रशासनिक टीम ने मौके से लगभग 16 क्विंटल तैयार मिलावटी खोया बरामद किया। 3. जब्त किए गए खोये की अनुमानित कीमत कितनी बताई गई है? नष्ट किए गए 16 क्विंटल मिलावटी खोये की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। 4. यह नकली खोया किन चीजों से तैयार किया जा रहा था? जांच में पाया गया कि इस खोये को तैयार करने के लिए पाम ऑयल और वनस्पति घी जैसी हानिकारक चीजों की मिलावट की जा रही थी। 5. बरामद नकली खोये के साथ प्रशासन ने क्या कार्रवाई की? अधिकारियों ने खोये के 4 नमूने प्रयोगशाला भेजे और पूरे 16 क्विंटल खोये को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर जमीन में दबवाकर नष्ट कर दिया। 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