एसआईटी के सामने पेश होंगे संजय सिंह, राम मंदिर दान घोटाले के दस्तावेज सौंपने का दावा आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह 25 जून को एसआईटी के सामने पेश होकर राम मंदिर के दान और जमीन से जुड़े कथित घोटाले के दस्तावेज सौंपेंगे, वहीं अखिलेश यादव ने जांच की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह 25 जून को विशेष जांच टीम (एसआईटी) के सामने पेश होंगे। बुधवार को उन्होंने बताया कि अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान और जमीन के कथित मामलों की पड़ताल कर रही टीम ने उन्हें बुलाया है, और वह अपने साथ कई अहम दस्तावेज लेकर जाएंगे। संजय सिंह के मुताबिक, एसआईटी की अगुवाई कर रहे लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने उन्हें बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे जांच के सिलसिले में तलब किया है। उन्होंने कहा कि समय उन्होंने खुद ही एसआईटी से मांगा था, जो अब उन्हें दे दिया गया है। संजय सिंह बोले, मेरे पास हैं पुख्ता कागजात आप नेता ने दावा किया कि जिन आरोपों की एसआईटी जांच कर रही है, उनसे जुड़े कई दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और वह इन्हें जांच टीम को सौंपेंगे। उन्होंने कहा, "मैं कल एसआईटी के सामने हाजिर होकर चढ़ावे की कथित चोरी, दान के कथित दुरुपयोग और कथित जमीन घोटाले से जुड़े कागजात पेश करूंगा।" अखिलेश यादव ने जांच दल की नीयत पर खड़े किए सवाल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पूरे प्रकरण को 'महापाप' करार दिया और कहा कि इससे लोगों की आस्था का मजाक उड़ाया गया है। बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने चोरी की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़ा कर दिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, "क्या एसआईटी का मतलब 'चोरी में हिस्सेदारी' है या इसका मतलब 'विश्वास में सेंध' है? ये एक महापाप हुआ है और आस्था से खिलवाड़ हुआ है।" उन्होंने आरोप लगाया कि देश और विदेश से आए दान और चढ़ावे का दुरुपयोग किया गया है। अखिलेश ने आगे कहा, "इससे हमारी सनातनी परंपराओं और संस्कृति पर सवालिया निशान लग गया है। यह बेहद संवेदनशील मामला है और इसे पूरी गंभीरता से निपटाया जाना चाहिए।" वीएचपी ने की एफआईआर की पुरजोर मांग राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर छिड़े विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेतृत्व ने भी अपना रुख साफ कर दिया। संगठन ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की कानूनी जांच शुरू कराने की जोरदार पैरवी की है। केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर भड़के संत इसी बीच, अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर संत समाज में खासी नाराजगी देखने को मिली। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने तीखे लहजे में कहा कि कुछ 'कालनेमि' अयोध्या आ रहे हैं। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने दो टूक कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संतों ने राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति न करने की नसीहत दी और कहा कि एसआईटी की जांच में सभी तथ्य अपने आप सामने आ जाएंगे। राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाने वालों पर पलटवार करते हुए महंत शशिकांत दास ने कहा कि जब तक तथ्य सामने न आ जाएं, तब तक आरोप लगाने से बचना चाहिए। संतों ने अयोध्या में केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी भी दी और आरोप लगाया कि राम मंदिर के मसले पर सिर्फ सियासी बयानबाजी हो रही है। इसका आप पर असर • भारत में: राम मंदिर के लिए देश और विदेश से चंदा देने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह अहम है कि उनके दान का हिसाब अब एसआईटी जांच के दायरे में आ गया है। • अयोध्या में: जांच और संतों के विरोध के चलते शहर का सियासी और धार्मिक माहौल गरमाया हुआ है, जिसका सीधा असर स्थानीय लोगों और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. संजय सिंह एसआईटी के सामने कब पेश होंगे? वह 25 जून को, बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे एसआईटी के सामने पेश होंगे। 2. एसआईटी की अगुवाई कौन कर रहा है? जांच की अगुवाई लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। 3. संजय सिंह किन आरोपों से जुड़े दस्तावेज सौंपेंगे? चढ़ावे की कथित चोरी, दान के कथित दुरुपयोग और कथित जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज वह जांच टीम को सौंपेंगे। 4. अखिलेश यादव ने क्या आरोप लगाया? उन्होंने एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाया और पूरे मामले को महापाप तथा आस्था से खिलवाड़ बताया। 5. विश्व हिंदू परिषद की मांग क्या है? वीएचपी ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की कानूनी जांच शुरू कराने की मांग की है। 6. संत समाज किस बात से नाराज है? संत अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे और राम मंदिर के मुद्दे पर हो रही सियासी बयानबाजी से नाराज हैं। https://trendkia.com/uttar-pradesh/esaaiti-ke-samane-pesha-honge-sanjay-singh-ram-mandir-dana-ghotale-ke-dastaveja-saunpane-ka-dava-2869 TrendKia — Har trend, sabse pehle.