गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी धमाके पर अज्ञात के खिलाफ 7 धाराओं में मुकदमा दर्ज गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी के पीछे हुए जोरदार धमाके के मामले में पुलिसकर्मी की शिकायत पर 7 धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। घटना की जांच के लिए फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड की टीमें जुटी हुई हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी के पिछले हिस्से में हुए रहस्यमयी विस्फोट के मामले में पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह पूरा मामला वहां तैनात एक पुलिसकर्मी की आधिकारिक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसमें कई गंभीर कानूनों और अधिनियमों का हवाला दिया गया है। पुलिस महकमे के भीतर हुई इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता काफी बढ़ गई है और आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बरती जा रही है। घटना का समय और नुकसान का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 नवंबर 2026 की रात लगभग 8:50 बजे की है, जबकि आधिकारिक मुकदमा 7 नवंबर 2026 को शाम 5:29 बजे दर्ज किया गया। FIR के मुताबिक, जिस समय यह धमाका हुआ, उस दौरान वसुंधरा पुलिस चौकी पर SI विकास सिंह ड्यूटी पर मौजूद थे। अचानक हुए इस तेज धमाके की गूंज से पूरी चौकी दहल उठी। विस्फोट का असर इतना तीव्र था कि चौकी के पिछले हिस्से में बने कमरों और बाथरूम की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गईं। इसके अलावा वहां लगी खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और चौकी के भीतर रखा अन्य सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जांच और अज्ञात आरोपी पर शिकंजा विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए घटना के तुरंत बाद फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वॉड और अन्य प्रमुख जांच एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। फिलहाल इस मामले में किसी की सीधी पहचान नहीं हो पाई है, इसलिए FIR में अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह धमाका किस वजह से हुआ और इसमें किस किस्म के विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था। फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए नमूनों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। दर्ज की गई कानूनी धाराएं पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में कुल 7 सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें भारतीय न्याय संहिता और अन्य विशेष अधिनियम शामिल हैं - भारतीय न्याय संहिता: BNS, 2023 की धारा 326(f) के तहत मामला दर्ज हुआ है। - नुकसान से जुड़ी धारा: BNS, 2023 की धारा 326(g) को भी इसमें शामिल किया गया है। - सरकारी कार्य में बाधा: BNS, 2023 की धारा 132 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। - सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षा: सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 जोड़ी गई है। - संपत्ति क्षति अधिनियम: सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 4 के तहत भी केस दर्ज है। - विस्फोटक अधिनियम: विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 3 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। - विस्फोटक सामग्री: विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 को भी FIR में जगह मिली है। इसका आप पर असर गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में पुलिस चौकी के पीछे हुए इस बम धमाके से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। - भारत में: इस तरह की घटनाएं संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा के मोर्चे पर आंतरिक समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। सुरक्षा बल ऐसी घटनाओं के बाद देश भर के पुलिस थानों और चौकियों पर सतर्कता बढ़ा देते हैं। • गाजियाबाद में: वसुंधरा और आसपास के स्थानीय रहवासियों को पुलिस गश्त बढ़ने और सुरक्षा जांच के दौरान आवाजाही में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत पड़ सकती है। इस मामले में पुलिस जल्द ही संदिग्धों की पहचान के लिए जांच के दायरे को और व्यापक बना सकती है। ऐसा क्यों हुआ गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी के पीछे हुए इस रहस्यमयी धमाके के सटीक कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है। फॉरेंसिक और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह विस्फोट किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी कारण था। - घटना का समय: यह जोरदार धमाका 6 नवंबर 2026 की रात लगभग 8:50 बजे हुआ, जिससे चौकी की दीवारों और खिड़कियों को भारी नुकसान पहुंचा। • जांच के चरण: घटना के तुरंत बाद फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड को मौके पर तैनात किया गया ताकि घटनास्थल से विस्फोटक अवशेष और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा सकें। • अज्ञात आरोपी: पुलिस ने अभी तक किसी भी संदिग्ध को नामजद नहीं किया है और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। सवाल-जवाब 1. गाजियाबाद की किस पुलिस चौकी के पीछे धमाका हुआ? गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी के पीछे यह धमाका हुआ। 2. यह धमाका किस तारीख और समय पर हुआ था? यह घटना 6 नवंबर 2026 की रात करीब 8:50 बजे हुई थी। 3. इस मामले में एफआईआर कब दर्ज की गई? इस मामले में 7 नवंबर 2026 को शाम 5:29 बजे FIR दर्ज की गई। 4. एफ़आईआर में कितने अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है? एफआईआर में किसी का नाम नहीं है और अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। 5. इस मामले में कुल कितनी धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है? इस मामले में कुल 7 धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 6. घटना के समय चौकी पर कौन पुलिसकर्मी मौजूद था? घटना के दौरान वसुंधरा पुलिस चौकी पर SI विकास सिंह मौजूद थे। https://trendkia.com/uttar-pradesh/fir-lodged-under-7-sections-against-unknown-accused-over-vasundhara-police-post-blast-in-ghaziabad-57626 TrendKia — Har trend, sabse pehle.