{
  "type": "article",
  "title": "गांव के तालाबों से हटेगा प्लास्टिक, आजमगढ़ में शुरू हुई सौ पंचायतों की मुहिम",
  "summary": "आजमगढ़ जिला प्रशासन ने जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए 100 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब बनाने की योजना शुरू की है, जिसका पहला चरण 22 ब्लॉकों से शुरू हो रहा है.",
  "content": "आजमगढ़ जिले में शहरी इलाकों के साथ-साथ अब गांवों की सूरत बदलने पर भी जोर दिया जा रहा है. जिला प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में हरियाली बढ़ाने और पानी बचाने के मकसद से एक नई योजना पर काम शुरू किया है, जिसके तहत गांव के तालाबों को पूरी तरह प्लास्टिक से मुक्त बनाया जाएगा और उनके आसपास हरा भरा माहौल भी तैयार किया जाएगा. इसका सीधा फायदा गांव में रहने वाले लोगों को बेहतर वातावरण के रूप में मिलेगा.\n\nइस योजना को धरातल पर उतारने के लिए मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी नाम से एक अभियान चलाया जा रहा है. इसकी शुरुआत आजमगढ़ जिले की 100 ग्राम पंचायतों से की जा रही है, जहां पर्यावरण के अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब बनाए जाएंगे. प्रशासन का मानना है कि इन तालाबों के तैयार होते ही गांवों में जल संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा, साथ ही आसपास की प्रकृति और मूक जानवरों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा. योजना दो चरणों में लागू की जाएगी. पहले चरण में जिले के 22 ब्लॉकों में से हर ब्लॉक से एक-एक तालाब चुना गया है, जबकि दूसरे चरण में हर ब्लॉक से चार-चार तालाब चुने जाएंगे.\n\nतालाबों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की खास व्यवस्था\nइन मॉडल तालाबों की सबसे बड़ी खासियत यही रहेगी कि इनमें कहीं भी प्लास्टिक का नामोनिशान नहीं होगा. साफ सफाई बनाए रखने के लिए तालाबों में फिल्टर चैंबर लगाए जाएंगे, जिससे आसपास गंदगी न फैले और स्वच्छता बनी रहे. साथ ही तालाब को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए अलग से पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे, ताकि जमीन के अंदर पानी को रिचार्ज करने का काम भी बेहतर तरीके से हो सके. एक बार यह तालाब तैयार हो जाएं तो गांव वाले इनका इस्तेमाल खेतों की सिंचाई करने और मवेशियों के लिए पानी के स्रोत के तौर पर भी कर सकेंगे.\n\nपानी को साफ रखने के लिए बायो फिल्टर और पौधे\nतालाब का पानी हमेशा साफ बना रहे, इसके लिए ग्रे वॉटर के तालाब में पहुंचने से पहले ही बायो फिल्टर सिस्टम लगाए जाएंगे. इसके अलावा नाली के आखिरी छोर पर कंकर और रेत का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि गंदा पानी सीधे तालाब में न मिले. तालाब के चारों ओर कई तरह के उपयोगी पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध रहे और हरियाली बनी रहे. इस पूरी कवायद का मकसद तालाबों को सिर्फ पानी जमा करने की जगह न बनाकर, गांव के पर्यावरण को सुधारने का एक जरिया बनाना है.\n\nअधिकारी ने बताया योजना का मकसद\nइस पूरे मामले पर जिला पंचायती राज अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के मकसद से यह मॉडल तालाब विकसित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इससे गांव में रहने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि यह तालाब खेतों की सिंचाई और पशुओं के लिए भी उतने ही उपयोगी साबित होंगे.\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह मॉडल तालाब योजना जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त गांवों को बढ़ावा देने का एक उदाहरण बन सकती है, जिसे दूसरे जिलों में भी अपनाकर भूजल स्तर सुधारने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है.\n• आजमगढ़ में: जिले की 100 ग्राम पंचायतों के किसानों और पशुपालकों को सिंचाई और मवेशियों के लिए साफ पानी मिलेगा, साथ ही गांवों में हरियाली और स्वच्छता भी बढ़ेगी.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आजमगढ़ में कितनी ग्राम पंचायतों में मॉडल तालाब बनाए जाएंगे?\nशुरुआत में जिले की 100 ग्राम पंचायतों में यह मॉडल तालाब बनाए जाएंगे.\n\n2. यह अभियान किस नाम से चलाया जा रहा है?\nइसे मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी अभियान नाम दिया गया है.\n\n3. पहले चरण में कितने ब्लॉकों में तालाब चुने गए हैं?\nप्रथम चरण में जिले के 22 ब्लॉकों में से हर ब्लॉक में एक-एक तालाब चुना गया है.\n\n4. दूसरे चरण में क्या योजना है?\nदूसरे चरण में हर ब्लॉक में चार-चार तालाब चुने जाएंगे.\n\n5. तालाब में पानी साफ रखने के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी?\nग्रे वॉटर के प्रवेश से पहले बायो फिल्टर सिस्टम और नाली के अंत में कंकर-रेत का इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही फिल्टर चैंबर भी बनाए जाएंगे.\n\n6. इन तालाबों का उपयोग किन कामों में होगा?\nइनका उपयोग खेतों की सिंचाई, पशुपालन और भूजल रिचार्ज के लिए किया जा सकेगा.\n\n7. इस पहल पर अधिकारी ने क्या कहा?\nजिला पंचायती राज अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि इससे जल संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों को सिंचाई व पशुपालन में फायदा होगा.",
  "url": "https://trendkia.com/uttar-pradesh/ganva-ke-talabon-se-hatega-plastika-azamgarh-men-shuru-hui-sau-pnchayaton-ki-muhima-4861",
  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-05",
  "tags": [
    "जल संरक्षण",
    "आजमगढ़",
    "मॉडल तालाब",
    "प्लास्टिक मुक्त अभियान",
    "ग्राम पंचायत",
    "हरियाली"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}