# गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देकर योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना

> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में 268 जन-कल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार, माफियाराज और महापुरुषों के अनादर पर तीखा हमला बोला।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/ghazipur-men-692-karora-rupaye-ke-vikasa-karyon-ki-saugata-dekara-yogi-adityanath-ne-vipakshi-dalon-para-sadha-nishana-12112 · **Language:** Hindi
**Tags:** योगी आदित्यनाथ, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश समाचार, समाजवादी पार्टी, विकास परियोजनाएं, महाराज सुहेलदेव, कानून व्यवस्था, पूर्वांचल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर जनपद का दौरा कर क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याणकारी व्यवस्थाओं को नई गति प्रदान की। एक भव्य सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 692 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 268 अलग-अलग विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने गाजीपुर की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और सामरिक महत्व को रेखांकित किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इन राजनीतिक दलों ने उत्तर प्रदेश और विशेषकर पूर्वांचल के सामने पहचान का एक गहरा संकट खड़ा कर दिया था।

## गाजीपुर की गौरवशाली विरासत और ऐतिहासिक महापुरुषों का स्मरण
जनसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर की उस पावन भूमि को नमन किया, जिसने देश को अनेक राष्ट्रनायक, लेखक, विद्वान और वीर योद्धा दिए हैं। उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देने वाले शहीद राम उग्र पांडे को याद किया, जिन्हें मरणोपरांत भारतीय सेना के प्रतिष्ठित सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही धरती है जिसने हिंदी साहित्य के मूर्धन्य ललित निबंधकार श्री कुबेरनाथ राय और प्रसिद्ध उपन्यासकार गोपालराम गहमरी जैसे बौद्धिक रत्नों को जन्म दिया, जिन्होंने 200 से अधिक उपन्यासों की रचना कर भारतीय साहित्य को समृद्ध किया।

इसके अलावा, गाजीपुर का पौराणिक और सांस्कृतिक संबंध भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि के महान तपस्थल के रूप में भी रहा है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि इतनी समृद्ध और गौरवशाली परंपरा वाले गाजीपुर जनपद का नाम अतीत में क्यों गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया गया? उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब लोग गाजीपुर का नाम सुनने मात्र से कांप उठते थे और यहां आने से घबराते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह पहचान का संकट उन राजनीतिक दलों की देन था, जिन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया, बल्कि केवल अपने निजी व राजनीतिक स्वार्थों को साधा।

## राष्ट्रनायकों के सम्मान बनाम विदेशी आक्रांताओं के महिमामंडन पर वार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की बीजेपी और एनडीए सरकार सदैव देश के राष्ट्रनायकों का सम्मान करती है। उन्होंने 1000 वर्ष पूर्व का ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि जब विदेशी आक्रांता सालार मसूद भारत पर आक्रमण करने आया था, तब बहराइच के चित्तौड़ा नामक स्थान पर वीर योद्धा महाराज सुहेलदेव ने उसे परास्त कर कड़ी सजा दी थी और भारत की रक्षा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने महाराज सुहेलदेव के पराक्रम को विस्मृत करने का काम किया और कभी उनके सम्मान में कोई आयोजन नहीं होने दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेले आयोजित करवाए, जबकि उनकी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश में किसी आक्रांता का महिमामंडन नहीं होगा। बीजेपी सरकार ने बहराइच के उसी ऐतिहासिक स्थल पर महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक और प्रतिमा स्थापित की है। इसके अतिरिक्त, बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज और आजमगढ़ में एक भव्य विश्वविद्यालय का निर्माण भी कराया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने असली नायकों से प्रेरणा ले सके।

## प्रतिष्ठित संस्थाओं और जनपदों के नाम बदलने की राजनीति का पर्दाफाश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर महापुरुषों और सांस्कृतिक प्रतीकों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया गया था। इसके साथ ही, देश में सुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मान-बिंदुओं की पुनर्स्थापना करने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर स्थापित कॉलेज का नाम भी बदल दिया गया था।

उन्होंने आगे याद दिलाया कि संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी महाराज की पावन स्मृति में गठित भदोही जनपद का नाम बदलने का पाप भी समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में ही किया गया था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन दलों ने न केवल सरकारी खजाने को लूटा और जनता के सामने पहचान का संकट पैदा किया, बल्कि देश के श्रद्धेय महापुरुषों को लगातार अपमानित करने का काम भी किया।

## दशकभर में बदला उत्तर प्रदेश का परिदृश्य और सम्मान
उत्तर प्रदेश के नागरिकों के सामाजिक सम्मान में आए बदलाव की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्ष पहले यदि राज्य का कोई निवासी बाहर जाता था, तो गाजीपुर या उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही लोग दूरी बना लेते थे। उस समय उत्तर प्रदेश के लोगों को अन्य राज्यों में होटल में कमरे नहीं मिलते थे, धर्मशालाओं में रुकने नहीं दिया जाता था और किराए पर मकान मिलना मुश्किल हो जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य की स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। अब पहचान का कोई संकट नहीं है। आज यदि कोई व्यक्ति बाहर जाकर बताता है कि वह गाजीपुर, काशी या उत्तर प्रदेश से आया है, तो सामने वाला व्यक्ति सम्मानपूर्वक आगे बढ़कर उसका स्वागत करता है। यह बदलाव राज्य में सुशासन, विकास और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण ही संभव हो सका है।

## भ्रष्टाचार, एक्सप्रेसवे घोटाला और प्रशासनिक अनियमितताओं पर प्रहार
समाजवादी पार्टी के शासनकाल के आर्थिक मामलों और विकास कार्यों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नाम पर पिछली सरकार के दौरान 3000 करोड़ रुपये का वारा-न्यारा किया गया था। बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद जब फाइलों की जांच की गई, तो बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद उस निविदा को रद्द कर फिर से नए सिरे से भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य शुरू कराया गया।

युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में जब भी सरकारी नौकरियों की भर्ती निकलती थी, तभी से भ्रष्टाचार और सेंधमारी शुरू हो जाती थी। उस दौर में वसूली के लिए राजनीतिक परिवारों की जोड़ियां सक्रिय हो जाती थीं, जिससे योग्य और मेधावी युवाओं का हक मारा जाता था। उन्होंने कहा कि आज ऐसी धांधली और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है।

## माफियाराज पर अंकुश, जीरो टॉलरेंस नीति और जनसुरक्षा
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों के आते ही राज्य में उपद्रव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, जिससे निवेश पूरी तरह से ठप था। लेकिन आज राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल है।

कानून व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यूपी में अब नो कर्फ्यू, नो दंगा, सब चंगा है।" उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी पर्व-त्योहारों के उत्साह को उपद्रव में बदलेगा, बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाएगा या युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके लिए केवल दो ही जगहें होंगी—जेल या जहन्नुम।

मुख्यमंत्री ने गाजीपुर के पूर्व विधायक श्री कृष्णानंद राय की निर्मम हत्या का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन सत्ता के संरक्षण में पली-पढ़ी माफिया ताकतों ने कृष्णानंद राय समेत 7 युवाओं की निर्ममता से हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि उस समय ठोस प्रमाण होने के बावजूद अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा, लेकिन आज बीजेपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण माफिया मिट्टी में मिला दिए गए हैं और अब अपराधियों के लिए कोई पनाहगाह नहीं बची है।

## प्रधानमंत्री की 4 जातियों की अवधारणा और विकास का भावी दृष्टिकोण
राजनीतिक गोलबंदी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिपादित चार प्रमुख वर्गों की अवधारणा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में केवल चार वास्तविक जातियां हैं—गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाएं और युवा। इन चार वर्गों के उत्थान से ही देश और प्रदेश का वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। उन्होंने जनता को आगाह किया कि जाति के नाम पर बांटने वाले वही लोग हैं जो माफिया की कब्रों पर जाकर फतिहा पढ़ते थे और अपराधियों के सामने नतमस्तक होते थे।

गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की 268 परियोजनाओं के हस्तांतरण को विकास की एक झलक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में इससे भी बड़ी-बड़ी बुनियादी ढांचागत योजनाएं प्रगति पर हैं। बेहतरीन सड़क और रेल कनेक्टिविटी से गाजीपुर में व्यापार, उद्योग और समृद्धि के नए द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि सही जनप्रतिनिधियों का चुनाव ही क्षेत्र के विकास की गारंटी बनता है, जबकि पहले के जनप्रतिनिधि केवल अवैध हथियारों के लाइसेंस बनवाने में व्यस्त रहते थे। मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि नए भारत में उनका भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है और उनकी प्रतिभा राज्य की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

## इसका आप पर असर
**उत्तर प्रदेश में:** गाजीपुर और पूर्वांचल क्षेत्र में 692 करोड़ रुपये की 268 परियोजनाओं से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा।

**गाजीपुर में:** स्थानीय निवासियों को नई विकास परियोजनाओं, मेडिकल सुविधाओं और पारदर्शी रोजगार अवसरों का सीधा लाभ मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. सीएम योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में कितनी लागत की परियोजनाओं की सौगात दी?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 जन-कल्याणकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

### 2. गाजीपुर दौरे के दौरान सीएम योगी ने किन महापुरुषों का उल्लेख किया?
सीएम योगी ने 1971 युद्ध के महावीर चक्र विजेता शहीद राम उग्र पांडे, साहित्यकार कुबेरनाथ राय, उपन्यासकार गोपालराम गहमरी, महाराज सुहेलदेव, भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि का उल्लेख किया।

### 3. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लेकर सीएम योगी ने क्या आरोप लगाए?
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण और भूमि अधिग्रहण में 3000 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया था, जिसे उनकी सरकार ने रद्द कर नए सिरे से पूरा कराया।

### 4. कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर सीएम योगी ने क्या मुख्य संदेश दिया?
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब दंगे और कर्फ्यू समाप्त हो चुके हैं और अपराध तथा माफियाओं के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू है।

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