गोरखपुर में सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, चौरी चौरा में 84 योजनाओं की सौगात देकर किसानों के लिए नए राहत पैकेज की घोषणा की गोरखपुर के चौरी चौरा में 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। साथ ही चक्रवात, भारी बारिश और ओलावृष्टि से जूझ रहे किसानों की मदद के लिए एक नया मुआवजा पैकेज लाने का ऐलान किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर जिले के चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र को एक बड़ी सौगात दी है। क्षेत्र में रेल उपरिगामी सेतु समेत कुल 84 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, ऐतिहासिक घटनाओं और किसानों की समस्याओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने विपक्षी समाजवादी पार्टी के पिछले कार्यकालों पर गंभीर आरोप लगाए और साथ ही चक्रवात, अतिवृष्टि तथा ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों के नुकसान की पूरी भरपाई के लिए एक बिल्कुल नया राहत पैकेज लाने की बड़ी घोषणा की। कानून-व्यवस्था और पूर्ववर्ती सरकारों पर सीधा हमला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के शासनकाल को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी उपलब्धि यही रही कि उसने अपने चार बार के शासन में प्रदेश भर में 1500 दंगे करवाए। उनका आरोप था कि उस दौर में सत्ता के संरक्षण में 10 लाख गुंडे पाले गए थे, जो हर जिले में लूटपाट मचाते थे और व्यापारियों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार गंभीर खतरा बने रहते थे। अपनी सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राज्य के युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं और संगठित अपराध तथा माफिया तंत्र को मिट्टी में मिलाने का ठोस काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है, आज वे परेशान होकर सड़कों पर अराजकता फैला रहे हैं और माहौल बिगाड़ने की फिराक में हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह माहौल प्रधानमंत्री मोदी के विरोध का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर गरीबों के हितों के खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र है। उन्होंने सड़कों पर उपद्रव करने वालों को किसान विरोधी, महिला विरोधी, आतंकवाद और अलगाववाद का समर्थक बताया और लोगों से नक्सलवाद की इस मानसिकता के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया। व्यापारियों और बेटियों की सुरक्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पहले राह चलती बेटियों के साथ खुलेआम छेड़खानी होती थी और व्यापारियों को सरेराह लूट लिया जाता था। मौजूदा सरकार की सख्त नीति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अब अगर किसी ने बेटियों की गरिमा को ठेस पहुंचाई या व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की, तो उसके लिए या तो जेल होगी या फिर जहन्नुम, इसके अलावा कोई तीसरा ठिकाना नहीं बचेगा। चौरी चौरा कांड और कांग्रेस के इतिहास पर सवाल ऐतिहासिक प्रसंगों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की चर्चित पंक्ति उद्धृत की कि अंधा चकाचौंध का मारा, क्या जाने इतिहास बेचारा। उन्होंने कहा कि आज देश में खुद को किंगमेकर समझने वालों द्वारा सड़कों पर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उस संदर्भ में इतिहास के सच को जानना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब ऐतिहासिक चौरी-चौरा की घटना की चर्चा होती है, तो यह तथ्य कभी नहीं भूलना चाहिए कि अंग्रेजी हुकूमत ने वहां के 172 देशभक्तों को फांसी की क्रूर सजा सुनाई थी। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अक्सर इस बात का बहुत ज्यादा शोर मचाती है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के सबसे बड़े पैरोकार थे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जब 4 फरवरी 1922 को चौरी-चौरा कांड हुआ और ब्रितानी हुकूमत ने किसानों, मजदूरों और व्यापारियों समेत 172 लोगों को मौत की सजा दी, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू कानूनी मदद के लिए कहीं भी नजर नहीं आए। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि उस संकट की घड़ी में पंडित मदन मोहन मालवीय आगे आए थे। उन्होंने अदालत में क्रांतिकारियों का पक्ष इतनी मजबूती और कानूनी दक्षता के साथ रखा कि वे 151 स्वतंत्रता सेनानियों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और युवाओं को फांसी के फंदे से सुरक्षित बचाने में पूरी तरह कामयाब रहे। भोपा बाजार रेलवे ओवरब्रिज: सोच से धरातल तक का सफर चौरी चौरा क्षेत्र में नवनिर्मित रेल उपरिगामी सेतु की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों की परेशानी को याद किया। उन्होंने बताया कि भोपा बाजार में स्थित रेलवे लाइन ने पूरे इलाके को दो हिस्सों में बांटकर रख दिया था। जब वे 4 फरवरी 2022 को इस क्षेत्र में आए थे, तब यह पूरा इलाका कई घंटों तक चलने वाले भीषण जाम की चपेट में रहता था। रेलवे फाटक बंद रहने के कारण दोनों ओर वाहनों और पैदल यात्रियों की भारी कतारें लग जाती थीं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल रहता था और रोजमर्रा की आवाजाही ठप हो जाती थी। उसी दौरान कमलेश पासवान ने इस समस्या को सामने रखते हुए पूछा था कि क्या इस जगह पर एक ओवरब्रिज का निर्माण संभव है। मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि चौरी-चौरा शहीद स्मारक के निकट स्थानीय नागरिकों की सुगम आवाजाही के लिए एक शानदार फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है। जो योजना कभी केवल एक विचार और मांग थी, वह अब जमीन पर एक ठोस हकीकत बन चुकी है। संकटग्रस्त किसानों के लिए नए मुआवजे का पैकेज समारोह के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे किसानों के लिए एक अहम राहत घोषणा की। हाल के दिनों में आए साइक्लोन, बेमौसम भारी बारिश और भयंकर ओलावृष्टि की वजह से जिन अन्नदाताओं की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनके लिए सरकार विशेष कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने पूर्व में दिए गए मुआवजे को नुकसान के अनुपात में नाकाफी करार दिया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य की डबल इंजन सरकार किसानों के संपूर्ण नुकसान की भरपाई करने के लिए बहुत जल्द एक व्यापक और नया राहत पैकेज पेश करेगी। उन्होंने मौके पर ही सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का त्वरित और सटीक सर्वे पूरा करें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ अपने अन्नदाताओं के साथ खड़ी है और सर्वे की रिपोर्ट आते ही बिना किसी देरी के राहत राशि सीधे किसानों को मुहैया कराई जाएगी। इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री ने X पर साझा की। इसका आप पर असर प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा और गोरखपुर क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर सड़क अवसंरचना का लाभ होगा। • उत्तर प्रदेश के किसानों पर प्रभाव: चक्रवात, भारी वर्षा और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों का विस्तृत सरकारी सर्वे शुरू कर दिया गया है। पहले मिले मुआवजे को नाकाफी मानकर सरकार नया पैकेज ला रही है, जिससे किसानों के खातों में बढ़ी हुई मुआवजा राशि पहुंचेगी। • गोरखपुर और चौरी चौरा में: भोपा बाजार रेलवे लाइन पर नया ओवरब्रिज शुरू होने से घंटों लगने वाले जाम से मुक्ति मिल गई है। इससे शहीद स्मारक के आसपास आवागमन सुगम होगा और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी। • ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहायता: 84 नई विकास परियोजनाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार होगा। इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। • प्रशासनिक समय सीमा: सभी जिलाधिकारियों को फसल नुकसान का आकलन तुरंत पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रभावित किसानों को अपने नजदीकी राजस्व अधिकारियों से संपर्क कर अपने नुकसान का विवरण दर्ज कराने में तेजी दिखानी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ मुख्यमंत्री का यह दौरा चौरी चौरा में लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और हालिया प्राकृतिक आपदाओं से उपजे कृषि संकट के समाधान के उद्देश्य से हुआ। • अवसंरचना की पुरानी जरूरत: भोपा बाजार रेलवे क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम के कारण स्थानीय जनता वर्षों से परेशान थी। 4 फरवरी 2022 को दौरे के दौरान स्थानीय मांग उठने के बाद ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। • मौसम की अप्रत्याशित मार: राज्य के कई जिलों में आए चक्रवात, बेमौसम मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने खड़ी फसलों को व्यापक क्षति पहुंचाई। पूर्व में घोषित सहायता राशि किसानों के वास्तविक नुकसान की तुलना में अपर्याप्त साबित हो रही थी। • राजनीतिक और वैचारिक संदर्भ: विपक्षी दलों द्वारा कानून-व्यवस्था और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर उठाई जा रही आवाजों का जवाब देने के लिए चौरी-चौरा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पिछली सरकारों के अपराध आंकड़ों का उल्लेख किया गया। सवाल-जवाब 1. सीएम योगी ने गोरखपुर में कुल कितनी विकास परियोजनाओं की शुरुआत की? सीएम योगी आदित्यनाथ ने चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र में रेल उपरिगामी सेतु सहित कुल 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। 2. किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने क्या खास घोषणा की है? उन्होंने साइक्लोन, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए एक नया मुआवजा पैकेज लाने और सर्वे जल्द पूरा करने का ऐलान किया। 3. चौरी चौरा कांड में क्रांतिकारियों का कानूनी बचाव किसने किया था? सीएम योगी के अनुसार 4 फरवरी 1922 की घटना के बाद पंडित मदन मोहन मालवीय ने अदालत में मजबूती से पैरवी कर 151 लोगों को फांसी के फंदे से बचाया था। 4. भोपा बाजार रेलवे ओवरब्रिज की मांग कब और किसने उठाई थी? मुख्यमंत्री के 4 फरवरी 2022 के दौरे के समय भीषण जाम की समस्या को देखते हुए कमलेश पासवान ने वहां ओवरब्रिज बनाने का सवाल उठाया था। 5. कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या चेतावनी दी? उन्होंने कहा कि अगर किसी ने बेटी की सुरक्षा या व्यापारी के कारोबार में सेंध लगाई तो उसके लिए केवल जेल या जहन्नुम ही विकल्प होगा। https://trendkia.com/uttar-pradesh/gorakhpur-men-siema-yogi-ka-vipaksha-para-tikha-hamala-chauri-chaura-men-84-yojanaon-ki-saugata-dekara-kisanon-ke-lie-nae-rahata-p-54435 TrendKia — Har trend, sabse pehle.