गोरखपुर से शामली तक 700 किमी की नई रफ्तार, 22 जिलों से होकर गुजरेगा यूपी का अगला ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से शामली तक 700 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे बनेगा, जो पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी और नेपाल बॉर्डर से दिल्ली एनसीआर तक सीधी कनेक्टिविटी देगा। उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और बड़ा एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है, जो प्रदेश के सड़क नक्शे को पूरी तरह बदल सकता है। योगी सरकार ने गोरखपुर से शामली तक 700 किलोमीटर लंबे एक नए ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। खास बात यह है कि अभी प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के बीच बना गंगा एक्सप्रेसवे है, जिसकी लंबाई 594 किलोमीटर है, लेकिन अब बनने वाला यह नया कॉरिडोर उससे भी आगे निकल जाएगा। प्रदेश सरकार पिछले करीब 9 सालों से सड़क ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। इस दौरान यूपी में एक्सप्रेसवे का बड़ा जाल बिछाया गया है। इनमें से कई शुरू हो चुके हैं, तो कई पर काम तेज रफ्तार से चल रहा है। अब इसी कड़ी में गोरखपुर से शामली तक का यह नया प्रोजेक्ट जुड़ रहा है, जिससे आर्थिक तरक्की और यातायात दोनों को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही इससे रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक एक सीधी लाइन यह सुपर एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से शुरू होकर पश्चिमी यूपी के शामली जिले तक पहुंचेगा। पूरी तरह ग्रीनफील्ड आधार पर तैयार होने वाला यह कॉरिडोर पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक को एक धागे में पिरो देगा। इससे एक तरफ सफर का समय काफी घट जाएगा, तो दूसरी तरफ लॉजिस्टिक्स, कारोबार और औद्योगिक विकास को बड़ा सहारा मिलेगा। योगी सरकार के लिए यह बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। अधिकारियों के मुताबिक, इस सुपर एक्सप्रेसवे की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसे आधुनिक डिजाइन, चौड़े लेन, बेहतर सुरक्षा सुविधाओं और एक आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित किया जाएगा। किन जिलों से होकर गुजरेगा रास्ता यह रूट गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, हरदोई, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती और संत कबीर नगर के रास्ते होते हुए शामली से जुड़ेगा। नेपाल बॉर्डर से दिल्ली एनसीआर तक सीधी पहुंच इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर नेपाल बॉर्डर से दिल्ली एनसीआर तक सीधी पहुंच बन जाएगी। इसके बनने से औद्योगिक इलाकों, कृषि उत्पादों के परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दिल्ली, लखनऊ और गोरखपुर कॉरिडोर पर इस समय जो भारी दबाव है, वह भी काफी हद तक कम हो जाएगा। निर्माण के दौरान और बाद में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसका आप पर असर • भारत में: इस 700 किमी एक्सप्रेसवे से नेपाल बॉर्डर से दिल्ली एनसीआर तक सीधी पहुंच बनेगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों और मालवाहक ट्रांसपोर्ट का समय और खर्च घटेगा। • उत्तर प्रदेश में: गोरखपुर, लखनऊ, बरेली, मेरठ और शामली समेत 22 जिलों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी, सस्ता परिवहन और निर्माण के दौरान हजारों नौकरियों का मौका मिलेगा। सवाल-जवाब 1. नया सुपर एक्सप्रेसवे कहां से कहां तक बनेगा? यह ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे पूर्वी यूपी के गोरखपुर से शुरू होकर पश्चिमी यूपी के शामली जिले तक जाएगा। 2. इस एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी होगी? इसकी कुल लंबाई 700 किलोमीटर होगी। 3. क्या यह गंगा एक्सप्रेसवे से लंबा होगा? हां, अभी सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे 594 किमी का है, जबकि यह नया कॉरिडोर 700 किमी लंबा होगा। 4. यह एक्सप्रेसवे कितने जिलों से होकर गुजरेगा? यह करीब 22 जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, बरेली, मेरठ और शामली शामिल हैं। 5. इस प्रोजेक्ट को मंजूरी किसने दी है? उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। 6. इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा? इससे सफर का समय घटेगा, नेपाल बॉर्डर से दिल्ली एनसीआर तक सीधी पहुंच बनेगी और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। https://trendkia.com/uttar-pradesh/gorakhpur-se-shamli-taka-700-kimi-ki-nai-raphtara-22-jilon-se-hokara-gujarega-up-ka-agala-grinaphilda-supara-eksapresave-2707 TrendKia — Har trend, sabse pehle.