# ग्रेटर नोएडा को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी नई 105 मीटर चौड़ी सड़क, बचेंगे 45 मिनट

> यूपी सरकार ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने जा रही है, जिससे मेरठ जाए बिना सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी और सफर 30 से 45 मिनट कम हो जाएगा।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/greater-noida-ko-sidhe-ganga-expressway-se-joregi-nai-105-mitara-chauri-saraka-bachenge-45-minata-29408 · **Language:** Hindi
**Tags:** गंगा एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, जीएनआईडीए, नोएडा एयरपोर्ट, जेवर एयरपोर्ट, यूपी सरकार, हापुड़ बाईपास

ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए अब गाड़ी को मेरठ के रास्ते लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच बनाने के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत यात्रा का समय महज 30 मिनट के भीतर सिमट जाएगा। इस पूरी योजना की कमान ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यानी जीएनआईडीए के हाथ में है, जिसने शहर में माल ढुलाई और आम यात्रियों दोनों की आवाजाही आसान बनाने के लिए विस्तृत खाका खींचा है।

## 105 मीटर चौड़ी सड़क का प्रस्ताव
जीएनआईडीए ने गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव पर लखनऊ में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई, जहां प्राधिकरण के अधिकारियों ने पूरी योजना का ब्योरा रखा। अधिकारियों के मुताबिक यह नई सड़क नोएडा और ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे के बीच की दूरी तय करने में लगने वाले समय को करीब 30 से 45 मिनट तक घटा देगी। मौजूदा कनेक्टिविटी को करीब 15 किलोमीटर तक और बढ़ाया जाएगा, जिससे ग्रेटर नोएडा सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा नोएडा और ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक रोज या अक्सर आने-जाने वाले लोगों को मिलेगा, जिन्हें अभी तक मेरठ होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।

## एयरपोर्ट तक भी बनेगी 6 लेन एलिवेटेड सड़क
प्राधिकरण ने सिर्फ गंगा एक्सप्रेसवे तक ही नहीं, बल्कि जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक भी बेहतर कनेक्टिविटी का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब यानी एमएमएलएच से लेकर जेवर एयरपोर्ट तक 6 लेन की एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क खासतौर पर माल ढुलाई के लिए तैयार किए जा रहे पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर बनेगी और सीधे जेवर हवाई अड्डे से जुड़ेगी। इसके पीछे मकसद यह है कि लॉजिस्टिक्स हब में पहुंचने वाला सामान बिना किसी रुकावट के सीधे एयर कार्गो टर्मिनल तक पहुंच सके, जिससे माल की ढुलाई पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी।

## ग्रेटर नोएडा में तैयार होंगी दो बड़ी परियोजनाएं
इस पूरी योजना के तहत ग्रेटर नोएडा में दो बड़ी परियोजनाएं आकार लेंगी, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) और मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच)। इन दोनों परियोजनाओं से न सिर्फ माल ढुलाई में सुविधा होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स हब और हवाई अड्डे के बीच आवाजाही भी काफी बेहतर हो जाने की उम्मीद है। प्राधिकरण का कहना है कि यह पूरा प्रस्ताव दरअसल ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान 2041 में संशोधन की बड़ी योजना का ही एक हिस्सा है। इस संशोधन का मकसद शहर में माल ढुलाई वाले ट्रैफिक और आम यात्रियों की आवाजाही को आपस में अलग करना है, ताकि दोनों तरह के ट्रैफिक की वजह से लगने वाला जाम कम हो सके।

## एयरपोर्ट से एक्सप्रेसवे तक जल्द शुरू होगा काम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने प्रस्ताव में साफ किया है कि जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी सुधारने वाले इस प्रोजेक्ट पर काम जल्द शुरू हो जाएगा। इससे न सिर्फ एयरपोर्ट से एक्सप्रेसवे तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि ग्रेटर नोएडा, नोएडा और आसपास के दूसरे बड़े शहरों के बीच की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। सरकार की मंशा साफ है, वह चाहती है कि ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे और एनसीआर के बाकी बड़े शहरों तक का सफर 30 मिनट के भीतर पूरा हो जाए।

## इसका आप पर असर
यह प्रोजेक्ट सीधे तौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में रहने और आने-जाने वाले लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालेगा।

- **भारत में:** गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ता है, इसलिए बेहतर कनेक्टिविटी से दिल्ली-एनसीआर से यूपी के अंदरूनी शहरों तक माल और यात्री आवाजाही तेज होगी।
- **ग्रेटर नोएडा और नोएडा में:** 105 मीटर चौड़ी नई सड़क बनने से लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए मेरठ का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, सफर में सीधे 30 से 45 मिनट की बचत होगी।
- **जेवर एयरपोर्ट आने-जाने वालों के लिए:** नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 6 लेन एलिवेटेड सड़क बनने से एयरपोर्ट आना-जाना आसान होगा और कार्गो भेजने वाले कारोबारियों को भी तेज सुविधा मिलेगी।
- **प्रॉपर्टी बाजार पर असर:** बेहतर कनेक्टिविटी वाले इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की मांग अक्सर बढ़ती है, इसलिए हापुड़ बाईपास और गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास निवेश करने वालों को इस प्रस्ताव पर नजर रखनी चाहिए।
- **ट्रैफिक जाम से राहत:** मास्टर प्लान 2041 में संशोधन से माल ढुलाई और यात्री यातायात अलग होंगे, जिससे ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर भारी वाहनों के कारण लगने वाला जाम कम होने की उम्मीद है।

## ऐसा क्यों हुआ
अभी गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए ग्रेटर नोएडा और नोएडा से आने वाले वाहनों को मेरठ की तरफ से घूमकर जाना पड़ता है, क्योंकि इस इलाके से एक्सप्रेसवे तक कोई सीधी और चौड़ी सड़क मौजूद नहीं है। यही वजह है कि जीएनआईडीए ने कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया।

- **सीधी सड़क की कमी:** ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे के बीच अभी तक सीधा और चौड़ा रास्ता नहीं है, इसलिए वाहनों को लंबा चक्कर काटना पड़ता है और समय ज्यादा लगता है।
- **बढ़ता माल और यात्री यातायात:** ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक गतिविधियां और जेवर एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं बढ़ने के साथ माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही दोनों बढ़ रही हैं, जिसके लिए मौजूदा सड़क नेटवर्क पर्याप्त नहीं है।
- **मास्टर प्लान में संशोधन की जरूरत:** प्राधिकरण फ्रेट और पैसेंजर ट्रैफिक को अलग करना चाहता है, इसलिए मौजूदा ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान 2041 में बदलाव किया जा रहा है।
- **आगे क्या होगा:** प्रस्ताव पर लखनऊ में मंत्री स्तर की चर्चा हो चुकी है और प्राधिकरण के मुताबिक जल्द ही इस पर काम शुरू होगा, हालांकि निर्माण शुरू होने की सटीक तारीख अभी सामने नहीं आई है।

## सवाल-जवाब

### 1. गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में अभी क्या दिक्कत है?
अभी ग्रेटर नोएडा और नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए मेरठ के रास्ते घूमकर जाना पड़ता है, जिसमें ज्यादा समय लगता है।

### 2. नई सड़क कितनी चौड़ी होगी और कहां तक बनेगी?
जीएनआईडीए ने हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव दिया है।

### 3. इस प्रोजेक्ट से कितना समय बचेगा?
अधिकारियों के मुताबिक यात्रा का समय करीब 30 से 45 मिनट तक कम हो जाएगा।

### 4. यह प्रस्ताव किसकी अध्यक्षता में तय हुआ?
यह प्रस्ताव लखनऊ में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में चर्चा में आया।

### 5. जेवर एयरपोर्ट के लिए क्या अलग से योजना है?
हां, एमएमएलएच से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 6 लेन की एलिवेटेड सड़क बनाने का प्रस्ताव है।

### 6. ग्रेटर नोएडा में कौन सी दो बड़ी परियोजनाएं आ रही हैं?
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) और मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच)।

### 7. यह प्रस्ताव किस बड़ी योजना का हिस्सा है?
यह ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान 2041 में संशोधन की योजना का हिस्सा है।

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