# ग्रेटर नोएडा में 250 सीसीटीवी खंगालने के बाद पकड़ा गया 10 साल से फरार शातिर चोर, 11 लाख के जेवरात मिले

> ग्रेटर नोएडा की बीटा 2 कोतवाली पुलिस ने बंद पड़े मकानों की रेकी कर चोरी करने वाले सारमिन उर्फ शम्भू को दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के पास से 11 लाख रुपये के सोने और चांदी के गहने बरामद किए हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/greater-noida-men-250-cctv-khngalane-ke-bada-pakara-gaya-10-sala-se-pharara-shatira-chora-11-lakha-ke-jevarata-mile-41987 · **Language:** Hindi
**Tags:** ग्रेटर नोएडा अपराध, बीटा 2 पुलिस, चोरी का खुलासा, गौतमबुद्ध नगर पुलिस, अभय मिश्रा, दादरी

ग्रेटर नोएडा में करीब दस वर्षों से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे एक शातिर चोर को बीटा 2 थाना पुलिस ने धर दबोचा है। बंद पड़े रिहायशी मकानों में सेंध लगाने वाले इस आदतन अपराधी तक पहुंचने के लिए पुलिस कर्मियों को इलाके के 250 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने पड़े। पकड़े गए आरोपी के पास से सोने और चांदी के कई कीमती आभूषण बरामद किए गए हैं, जिनका कुल अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 11 लाख रुपये है। इस धरपकड़ और मामले के खुलासे की पूरी जानकारी शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडिशनल डीसीपी अभय मिश्रा ने सार्वजनिक की।

## इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से मिली दादरी निवासी आरोपी की सटीक लोकेशन
पुलिस को मुखबिर तंत्र और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपी की गतिविधियों के बारे में पुख्ता सुराग मिले थे। इसी तकनीकी मदद के आधार पर बीटा 2 थाना पुलिस ने संबंधित थाना क्षेत्र में जाल बिछाकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सारमिन उर्फ शम्भू के रूप में हुई है, जो दादरी थाना क्षेत्र स्थित बादशाह कॉलोनी की गली नंबर 2 का रहने वाला है। वह काफी लंबे वक्त से अलग-अलग इलाकों में अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।

## सोने के तीन नेकलेस और चांदी के आभूषण बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी के गहने बरामद किए हैं। बरामद माल में सोने के 3 नेकलेस, माथे पर सजाने वाले 2 मांग टीका और कानों के ऊपर पहनी जाने वाली 2 बारीक चेन शामिल हैं। इसके अलावा चांदी के आभूषणों का एक बड़ा जखीरा भी जब्त किया गया है। चांदी की वस्तुओं में 2 पाजेब, 2 सेम्पल, गले का 1 हार, हाथ का 1 ब्रेसलेट, बच्चों के हाथ के 4 कड़े और 4 बिछुए शामिल हैं। बरामद किए गए इन सभी गहनों की कुल कीमत करीब 11 लाख रुपये आंकी गई है।

## सूने घरों की रेकी और कई महीनों पहले की वारदातें कबूलीं
एडिशनल डीसीपी अभय मिश्रा के अनुसार, आरोपी दिन के समय कॉलोनियों में घूमकर ऐसे बंद पड़े मकानों की रेकी करता था जिनके मालिक बाहर गए होते थे। मौका मिलते ही वह ताले तोड़कर घर में रखे जेवरात समेट लेता था और उन्हें बेचकर अवैध कमाई से अपनी सुख-सुविधाएं जुटाता था। गहन पूछताछ में आरोपी ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा 1 और अल्फा 2 में तकरीबन 7 से 8 महीने पहले की गई चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल की है। इसके अतिरिक्त उसने ग्रेटर नोएडा इलाके में दर्ज कई अन्य चोरियों को भी अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

## ट्रैकिंग से बचने के लिए रखता था कीपैड वाला मोबाइल
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस की डिजिटल निगरानी से बचने के लिए बेहद सतर्क रहता था। वह कभी भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि साधारण कीपैड वाले मोबाइल फोन का उपयोग करता था ताकि उसकी लोकेशन आसानी से ट्रैक न की जा सके। रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2016 में जेल से रिहा हुआ था और जेल से बाहर आते ही उसने दोबारा चोरी का नेटवर्क खड़ा कर लिया। गौतमबुद्ध नगर पुलिस के साथ-साथ कई अन्य पड़ोसी जिलों की पुलिस भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, जिसका दस साल लंबा खेल अब खत्म हो गया है।

## इसका आप पर असर
इस कार्रवाई से ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में बंद मकानों की सुरक्षा को लेकर चल रही चिंताओं में बड़ी राहत मिली है।

- **भारत में:** देश भर के शहरी इलाकों में लंबे समय के लिए घर बंद करके जाने वाले लोगों को सुरक्षा कैमरों और पड़ोसियों की सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बंद पड़े मकान अक्सर रेकी करने वाले चोर गिरोहों के आसान निशाने बन जाते हैं।
- **ग्रेटर नोएडा में:** सेक्टर अल्फा 1 और अल्फा 2 के पीड़ित परिवारों के लिए चोरी गए आभूषणों की पहचान और कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें वापस पाने का रास्ता खुला है। स्थानीय निवासियों को लंबी यात्रा पर जाने से पहले अपनी स्थानीय आरडब्ल्यूए या संबंधित थाने को सूचित करने की सलाह दी जाती है।
- **तकनीकी सतर्कता:** पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सीसीटीवी नेटवर्क अपराध सुलझाने में सबसे निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कॉलोनियों में मुख्य प्रवेश द्वारों और गलियों में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों की सक्रियता अपराध रोकथाम के लिए बेहद जरूरी है।
- **आभूषण सुरक्षा:** घरों में भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात रखने के बजाय बैंक लॉकर का इस्तेमाल सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होता है। घरों में आभूषणों के बिल और तस्वीरें सुरक्षित रखने से चोरी के बाद पुलिस पहचान में आसानी होती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह गिरफ्तारी पुलिस द्वारा 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के तकनीकी विश्लेषण और लंबे समय से चल रही निगरानी के बाद संभव हो सकी।

- **सीरियल चोर की कार्यप्रणाली:** आरोपी दिन में खाली और बंद घरों की रेकी करता था और रात में ताले तोड़कर वारदात को अंजाम देता था। आभूषण बेचकर मिलने वाली रकम से वह अपना खर्च चलाता था और बार-बार ठिकाना बदल लेता था।
- **डिजिटल ट्रैकिंग से बचाव:** वह आधुनिक स्मार्टफोन के बजाय कीपैड वाले साधारण मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था ताकि पुलिस की इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टीम उसकी सही लोकेशन ट्रेस न कर सके। 2016 में जेल से छूटने के बाद से वह लगातार कई जिलों में सक्रिय रहकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
- **सीसीटीवी फुटेज का मिलान:** सेक्टर अल्फा 1 और अल्फा 2 की चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने 250 कैमरों के फुटेज जोड़े, जिससे संदिग्ध का रूट मैप और हुलिया स्पष्ट हो गया। इस सटीक इनपुट के बाद दादरी की बादशाह कॉलोनी से जुड़े इस आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा गया।

## सवाल-जवाब

### 1. ग्रेटर नोएडा पुलिस ने किस आरोपी को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने करीब 10 साल से फरार चल रहे शातिर चोर सारमिन उर्फ शम्भू को गिरफ्तार किया है, जो दादरी की बादशाह कॉलोनी का निवासी है।

### 2. आरोपी के पास से कितने रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं?
पुलिस ने उसके कब्जे से सोने और चांदी के कई जेवरात बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये है।

### 3. बरामद आभूषणों में कौन-कौन सी वस्तुएं शामिल हैं?
बरामदगी में 3 सोने के नेकलेस, 2 मांग टीका, 2 कान की चेन के अलावा चांदी की पाजेब, हार, ब्रेसलेट, कड़े और बिछुए शामिल हैं।

### 4. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए क्या तरीका अपनाया?
बीटा 2 पुलिस ने 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।

### 5. आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए किस तरह का फोन रखता था?
वह ट्रैकिंग से बचने के लिए स्मार्टफोन के बजाय केवल साधारण कीपैड वाले फोन का इस्तेमाल करता था।

### 6. आरोपी ने किन इलाकों में चोरियों की बात स्वीकार की है?
उसने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा 1 और अल्फा 2 में 7 से 8 महीने पहले की गई चोरियों के अलावा कई अन्य वारदातों को कबूल किया है।

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