ग्रेटर नोएडा ट्रेड शो के चौथे दिन तक 3,765 कारोबारी समझौते, ₹5,500 करोड़ के अनुबंध तय ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले ने चार दिनों में ₹5,500 करोड़ के सौदे और ₹12,500 करोड़ की व्यापारिक पूछताछ हासिल की है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के चौथे संस्करण ने राज्य के विनिर्माण और स्थानीय शिल्प को व्यापक आर्थिक विस्तार दिया है। पच्चीस सितंबर से उनतीस सितंबर तक निर्धारित इस पांच दिवसीय आयोजन के चौथे दिन यानी अट्ठाईस सितंबर की शाम तक कुल 3,765 औपचारिक व्यापारिक सहमति पत्रों पर दस्तखत किए जा चुके हैं। इन हस्ताक्षरित अनुबंधों का संचयी वित्तीय मूल्य ₹5,500 करोड़ आंका गया है, जो विदेशी मुद्रा में लगभग 574 मिलियन अमेरिकी डॉलर बैठता है। व्यापारिक पूछताछ में ₹12,500 करोड़ का आंकड़ा दर्ज हस्ताक्षरित ज्ञापनों के अतिरिक्त मेले में शामिल होने आए देशी और विदेशी कॉर्पोरेट घरानों की ओर से भारी व्यावसायिक दिलचस्पी सामने आई है। आधिकारिक संकलन के मुताबिक 28 सितंबर तक विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में कुल ₹12,500 करोड़ मूल्य की नई कारोबारी पूछताछ दर्ज की गई है। प्रदर्शनी का आखिरी दिन अभी शेष होने के कारण आयोजकों को उम्मीद है कि समापन तक व्यापारिक सौदों और पूछताछ का यह संयुक्त पैमाना और बड़ा आकार ले लेगा। हजारों द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं का सफल संचालन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के अपर महानिदेशक सुविध शाह ने बताया कि चार दिनों की समयावधि में 35,387 बिजनेस-टू-बिजनेस वार्ताओं को अमली जामा पहनाया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खरीदारों के लिए विशेष रूप से आयोजित रिवर्स बायर्स सेलर्स मीट के अंतर्गत 11,887 उच्चस्तरीय बैठकें संपन्न कराई गईं। इसके समानांतर, मुख्य प्रदर्शनी परिसर में घरेलू एवं वैश्विक खरीदारों के बीच 23,500 आमने-सामने की कारोबारी वार्ताएं दर्ज हुईं। इन संगठित बैठकों ने राज्य के निर्यातकों, शिल्पकारों और उत्पादकों को सीधे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने का व्यावहारिक मंच उपलब्ध कराया। स्थानीय उद्यमों और ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक फलक मेले में हुए अनुबंधों और भारी-भरकम पूछताछ ने यह साबित किया है कि यह आयोजन महज पारंपरिक प्रदर्शनी न रहकर एक सशक्त बाजार तंत्र में बदल चुका है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के अलावा एक जिला एक उत्पाद योजना, हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि उपज, खाद्य प्रसंस्करण तथा अत्याधुनिक औद्योगिक निर्माण इकाइयों को नए ग्राहक मिले हैं। जमीनी स्तर के कारीगरों और छोटे कारखानेदारों को बिचौलियों के बिना सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से मोलभाव करने की सुविधा मिली है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक प्रोत्साहन मिलना तय है। एक्सपो मार्ट में पांच लाख से अधिक आगंतुकों का आगमन आर्थिक सौदों के समानांतर इस एक्सपो में आने वाले लोगों की तादाद ने भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संकलित आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अट्ठाईस सितंबर तक कुल 5,48,881 लोगों की आमद दर्ज की गई। इस समग्र संख्या में 1,56,523 पेशेवर घरेलू खरीदार शामिल रहे, जबकि 3,92,358 सामान्य दर्शकों ने विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया। खरीदारों और आम जनता की इस निरंतर आवाजाही ने प्रदर्शनी के सभी हॉलों में कारोबारी गतिविधियों को लगातार ऊर्जावान बनाए रखा। गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया था संयुक्त उद्घाटन स्थानीय उत्पादन को वैश्विक फलक तक पहुंचाने की औद्योगिक नीति के तहत आयोजित इस मेले का औपचारिक शुभारंभ 25 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इस बार के संस्करण का मुख्य ध्येय उत्तर प्रदेश की विनिर्माण क्षमता, कुटीर उद्योगों और पारम्परिक कलाओं को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के अनुरूप ढालना रखा गया है। विभिन्न देशों से आए आयातकों के सीधे संवाद ने राज्य के पारंपरिक ताने-बाने को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के केंद्र में स्थापित कर दिया है। समापन दिवस पर नए कीर्तिमान स्थापित होने के आसार चौथे दिन के मजबूत आंकड़ों के बाद 29 सितंबर को होने वाला अंतिम दिन आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समापन सत्र के दौरान नए ऑर्डर्स, अतिरिक्त समझौतों और आगंतुकों की आमद में और इजाफा होना तय है। चार दिनों में हासिल की गई यह प्रगति दर्शाती है कि राज्य की औद्योगिक विकास दर और व्यापारिक स्वीकार्यता देश और दुनिया के कारोबारी गलियारों में तेजी से बढ़ रही है। इसका आप पर असर इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हुए भारी निवेश और समझौतों का सीधा असर राज्य की स्थानीय इकाइयों, रोजगार और निर्यात अवसरों पर पड़ेगा। • भारत में: घरेलू विनिर्माताओं और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ सीधे आपूर्ति अनुबंध हासिल करने का अवसर मिला है। इससे देश के विनिर्माण निर्यात और अंतरराज्यीय व्यापारिक आदान-प्रदान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। • उत्तर प्रदेश में: स्थानीय एमएसएमई, हस्तशिल्प और ओडीओपी से जुड़े कारीगरों को ₹5,500 करोड़ के प्रत्यक्ष सौदे मिलने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार सृजित होंगे। बिचौलियों के हटने से छोटे उत्पादकों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य और बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकेगा। • उद्योगों और कारीगरों के लिए: वैश्विक खरीदारों के साथ हुए 35,000 से अधिक परामर्शों से स्थानीय इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों की समझ मिली है। आने वाले महीनों में इन संपर्कों के जरिए ₹12,500 करोड़ की पूछताछ के वास्तविक ऑर्डर्स में तब्दील होने की संभावना है। • स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए: एक्सपो में 5.48 लाख से अधिक आगंतुकों के पहुंचने से होटल, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्र को सीधा वित्तीय लाभ हुआ है। ग्रेटर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में आगामी औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ यह व्यापारिक उछाल राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर जोड़ने के संगठित प्रयासों और व्यापक औद्योगिक बुनियादी ढांचे की वजह से संभव हुआ है। • सीधे बाजार संपर्क की रणनीति: राज्य ने स्थानीय कारीगरों और निर्माताओं को सीधे विदेशी खरीदारों के सम्मुख प्रस्तुत करने के लिए रिवर्स बायर्स सेलर्स मीट जैसी व्यवस्थाएं कीं। इस सीधे संवाद ने पारंपरिक व्यापारिक बिचौलियों को हटाकर त्वरित सौदों का मार्ग प्रशस्त किया। • ओडीओपी और एमएसएमई पर नीतिगत फोकस: प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक ब्रांडिंग देने के लिए विशेष प्रदर्शनियां और सुविधाएं दी गईं। इससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को एक ही स्थान पर प्रामाणिक स्थानीय उत्पादों का विशाल चयन मिल सका। • आयोजन की पूर्व तैयारी और मंच: ग्रेटर नोएडा के विश्वस्तरीय एक्सपो सेंटर में आयोजित इस चौथे संस्करण के लिए घरेलू और विदेशी व्यापारिक संगठनों के साथ महीनों पहले से समन्वय किया गया था। इस संगठित तैयारी ने रिकॉर्ड फुटफॉल और 35,000 से अधिक बैठकों को संभव बनाया। सवाल-जवाब 1. ट्रेड शो के पहले चार दिनों में कितने मूल्य के समझौते हुए? 28 सितंबर तक ट्रेड शो में कुल ₹5,500 करोड़ (लगभग 574 मिलियन अमेरिकी डॉलर) के 3,765 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। 2. आयोजन के दौरान कुल कितनी व्यापारिक पूछताछ दर्ज की गई? देश और विदेश के खरीदारों की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में कुल ₹12,500 करोड़ की नई कारोबारी पूछताछ दर्ज की गई है। 3. मेले में कितनी बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें आयोजित हुईं? चार दिनों में कुल 35,387 बैठकें हुईं, जिनमें 11,887 रिवर्स बायर्स सेलर्स मीट में और 23,500 मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में संपन्न हुईं। 4. ट्रेड शो में 28 सितंबर तक कितने आगंतुक पहुंचे? आयोजन में 5,48,881 कुल फुटफॉल दर्ज की गई, जिसमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 आम दर्शक शामिल रहे। 5. इस व्यापार मेले का आयोजन कहां और कब तक हो रहा है? यह आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 सितंबर से 29 सितंबर तक आयोजित किया गया है। 6. ट्रेड शो का औपचारिक उद्घाटन किन नेताओं ने किया था? इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन 25 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया था। https://trendkia.com/uttar-pradesh/greater-noida-treda-sho-ke-chauthe-dina-taka-3-765-karobari-samajhaute-5-500-karora-ke-anubndha-taya-40060 TrendKia — Har trend, sabse pehle.