हाईटेक शहर का अंधेरा सच: ग्रेटर नोएडा की 105 मीटर रोड पर खराब स्ट्रीट लाइटों से जान का खतरा ग्रेटर नोएडा की महत्वपूर्ण 105 मीटर रोड पर महीनों से स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रोजाना दादरी और सिकंदराबाद के बीच सफर करने वाले हजारों राहगीरों और जुनपत गांव के लोगों की सुरक्षा दांव पर लगी है। ग्रेटर नोएडा की पहचान लंबे समय से भारत के सबसे आधुनिक, नियोजित और तेजी से उभरते स्मार्ट शहरों में होती रही है। यहां की शानदार चौड़ी सड़कें, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतरीन नागरिक सुविधाएं विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का दावा करती हैं। हालांकि, इस 'हाईटेक' शहर के कुछ हिस्सों की जमीनी हकीकत एक बिल्कुल अलग और बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश करती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधीन आने वाली महत्वपूर्ण 105 मीटर रोड इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण बन गई है। इस पूरी सड़क पर बुनियादी सुविधाओं का इतना अभाव है कि यहां से गुजरने वाले लोग रोज अपनी जान जोखिम में डालते हैं। काफी लंबे समय से इस अहम मार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह खराब पड़ी हैं। इसके परिणामस्वरूप, सूरज ढलते ही पूरा इलाका घने और डरावने अंधेरे में डूब जाता है। इस बदहाली ने न केवल स्थानीय ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है, बल्कि रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है। ग्रामीणों और राहगीरों के लिए रात का सफर बना मुसीबत इस मार्ग की महत्ता और यहां के खतरों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह सड़क दो बड़े औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ती है। जुनपत गांव के रहने वाले मोहित भाटी ने हालात की गंभीरता को समझाते हुए बताया कि उनका गांव इस 105 मीटर रोड से महज एक किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। यह चौड़ी सड़क सिकंदराबाद और दादरी को आपस में जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। इसी वजह से यहां दिन-रात हजारों छोटे-बड़े और भारी वाणिज्यिक वाहनों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। भाटी के मुताबिक, इतने व्यस्त और तेज रफ्तार वाले मार्ग पर रोशनी का कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण रात के वक्त लोगों का घरों से निकलना लगभग असंभव हो गया है। घुप अंधेरे ने इस सड़क को हादसों के एक डेंजर जोन में तब्दील कर दिया है, और हाल ही में यहां कई दर्दनाक दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। परेशान ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभागों और आला अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं, लेकिन आज तक इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई भी ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं की गई है。 जुनपत चौकी के पास भी पसरा रहता है घना अंधेरा सुरक्षा के नजरिए से संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर भी लापरवाही का यही आलम देखने को मिलता है। स्थानीय निवासी दीपक शर्मा ने इस स्थिति की विडंबना को उजागर करते हुए बताया कि जिस जगह पर वे खड़े हैं, जुनपत पुलिस चौकी वहां से बिल्कुल सटी हुई है। इसके बावजूद, सड़क के दोनों किनारों पर लगी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह से खराब और कबाड़ स्थिति में पड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि कभी-कभार कुछ लाइटें संयोग से जल जाती हैं, लेकिन ज्यादातर समय इस पूरे इलाके में सिर्फ खौफनाक अंधेरा ही पसरा रहता है। रोशनी न होने के कारण जहां एक तरफ तेज रफ्तार वाहन चालकों को सड़क का किनारा देखने में भारी कठिनाई होती है, वहीं दूसरी तरफ पैदल चलने वाले आम राहगीर, महिलाएं और बच्चे भी खुद को घोर असुरक्षित महसूस करते हैं। शर्मा ने प्रशासन को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द से जल्द प्रकाश व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यहां किसी भी बड़े और जानलेवा हादसे को टाला नहीं जा सकेगा। एसीईओ ने दिया जल्द समाधान का पक्का भरोसा इस अहम रास्ते से हर दिन हजारों लोग अपने काम-धंधे, फैक्ट्रियों, दफ्तरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए गुजरते हैं। इस मार्ग से नियमित तौर पर आवागमन करने वाले अंकित शर्मा ने बताया कि जब लोग दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद शाम को काम खत्म करके अपने घर लौटते हैं, तो सड़क पर घुप अंधेरा होने की वजह से उन्हें एक अलग ही मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के अंधेरे में कई बार ड्राइवरों को सड़क की स्थिति, गड्ढे या सामने से आ रहे वाहन स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई देते, जिससे अचानक ब्रेक लगाने या दुर्घटना होने का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने सामूहिक रूप से कई बार अधिकारियों का ध्यान इस भयावह समस्या की ओर खींचा है, लेकिन इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं और स्थिति में कोई भी विशेष सुधार देखने को नहीं मिला है। लगातार बढ़ रहे जन आक्रोश और मीडिया में उठ रहे सवालों के बाद, आखिरकार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने इस मामले में दखल दिया है। एसीईओ प्रेरणा सिंह ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि 105 मीटर रोड पर अंधेरे की यह गंभीर समस्या अब पूरी तरह से उनके संज्ञान में आ चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस लापरवाही को लेकर संबंधित विभाग को कड़े और आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी वादा किया है कि प्राधिकरण की तकनीकी टीम जल्द ही मौके का विस्तृत निरीक्षण करेगी और उसके तुरंत बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने स्थानीय जनता को यह पक्का भरोसा दिलाया है कि खराब पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को फौरन दुरुस्त कराकर पूरे क्षेत्र में रोशनी की पुख्ता और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में ग्रामीणों और राहगीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला देश भर के विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव की कमी को उजागर करता है। • ग्रेटर नोएडा में: 105 मीटर रोड के आसपास रहने वाले जुनपत गांव के लोगों और दादरी-सिकंदराबाद के बीच सफर करने वाले यात्रियों को रोजाना जान जोखिम में डालकर अंधेरे में गाड़ी चलानी पड़ रही है। सवाल-जवाब 1. ग्रेटर नोएडा में कहां स्ट्रीट लाइटें खराब हैं? सिकंदराबाद और दादरी को जोड़ने वाली 105 मीटर रोड पर जुनपत गांव और जुनपत चौकी के पास स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। 2. स्थानीय लोग 105 मीटर रोड की शिकायत क्यों कर रहे हैं? सड़क पर लाइटें खराब होने के कारण रात में घना अंधेरा रहता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है और राहगीरों को भारी असुरक्षा महसूस होती है। 3. क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस समस्या पर कोई जवाब दिया है? हां, एसीईओ प्रेरणा सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही लाइटें ठीक करा दी जाएंगी। 4. अंधेरे के कारण किन जगहों के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है? जुनपत गांव के निवासियों के साथ-साथ सिकंदराबाद और दादरी के बीच इस 105 मीटर रोड से सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/haiteka-shahara-ka-andhera-sacha-greater-noida-ki-105-mitara-roda-para-kharaba-strita-laiton-se-jana-ka-khatara-10229 TrendKia — Har trend, sabse pehle.