हापुड़ में घरेलू कलह के चलते मोबाइल टावर पर चढ़ा पति, घंटों मशक्कत के बाद प्रशासन ने नीचे उतारा उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पत्नी के मायके चले जाने से नाराज एक शख्स करीब 130 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस ने अमरोहा से पत्नी को बुलाकर दोनों की बातचीत कराई, जिसके बाद वह सकुशल नीचे उतरा। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से घरेलू तकरार का एक बेहद अजीबोगरीब और खतरनाक मामला प्रकाश में आया है, जहां जीवनसाथी के साथ विवाद होने के बाद एक नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। यह पूरा वाकया हापुड़ के अंतर्गत आने वाले गढ़मुक्तेश्वर इलाके के लोदीपुर शोभन गांव में पेश आया। शनिवार सुबह करीब 11 बजे गांव के लोगों ने जब एक शख्स को जमीन से लगभग 100 से 130 फीट की ऊंचाई पर लगे जियो के मोबाइल टावर के बिल्कुल ऊपरी छोर पर खड़ा देखा, तो हर तरफ अफरा-तफरी फैल गई। कुछ ही पलों के भीतर मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों का भारी जमावड़ा लग गया और हर कोई उस व्यक्ति की जान को लेकर गंभीर चिंता में पड़ गया। मायके चली गई थी पत्नी, वापस बुलाने के लिए उठाया कदम ऊंचे टावर पर चढ़े इस शख्स का नाम फैज़ है, जो मूल रूप से मेरठ जिले के शाहजहांपुर इलाके का निवासी है। दोनों पति-पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर तीखी नोकझोंक और विवाद हो गया था। इस आपसी तकरार से खफा होकर उसकी पत्नी अमरोहा जिले में स्थित अपने मायके चली गई थी। फैज़ लगातार यह मांग कर रहा था कि उसकी पत्नी बिना देरी किए तुरंत ससुराल वापस लौट आए। जब सामान्य बातचीत से उसकी बात नहीं बनी, तो उसने अपनी मांग मनवाने के लिए यह बेहद जोखिम भरा रास्ता चुना। वह शनिवार की सुबह सीधे मोबाइल टावर पर चढ़ गया और ऊंचाई से ही अपनी पत्नी को बुलाने की शर्त दोहराने लगा। घंटों चला गतिरोध और अमरोहा से बुलाई गई पत्नी हालात की नजाकत और खतरे को भांपते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने फौरन क्षेत्रीय पुलिस तथा अग्निशमन विभाग को इस घटना की सूचना दी। कॉल मिलते ही पुलिस बल और राहत दल तुरंत गांव में पहुंचे। फैज़ लगभग 6 से 7 घंटे तक उस खतरनाक ऊंचाई पर डटा रहा, जिससे राहत व बचाव कार्य में जुटे प्रशासनिक अधिकारियों के भी पसीने छूट गए। पुलिस प्रशासन ने लाउडस्पीकर और माइक का इस्तेमाल करते हुए उसे लगातार समझाने की कोशिश की और सुरक्षित नीचे उतरने की अपील की। इसके बावजूद वह अपनी जिद पर अड़ा रहा और साफ कर दिया कि जब तक पत्नी सामने नहीं आएगी, वह नीचे नहीं उतरेगा। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने फौरन अमरोहा में संपर्क किया और उसकी पत्नी को तुरंत घटनास्थल पर बुलवाया। काउंसलिंग और सुलह के बाद सुरक्षित नीचे आया युवक पत्नी के लोदीपुर शोभन पहुंचते ही पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता शुरू की और दोनों की आपस में बात करवाई। इस दौरान युवक की काउंसलिंग भी की गई ताकि वह शांत हो सके। पत्नी के समझाने, बातचीत करने और पुलिस अधिकारियों से मिले ठोस आश्वासन के बाद आखिरकार शाम के समय फैज़ टावर से सुरक्षित नीचे उतरने को राजी हो गया। युवक के सकुशल नीचे आते ही मौके पर मौजूद पुलिस, अग्निशमन दल और सैकड़ों ग्रामीणों ने चैन की सांस ली। जमीन पर उतरने के बाद पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह सामान्य किया और युवक को जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण तथा प्राथमिक जांच के लिए अस्पताल रवाना कर दिया। इसका आप पर असर इस घटना से स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ा। • हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर में: इस घटना के चलते कई घंटों तक स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को रेस्क्यू अभियान में व्यस्त रहना पड़ा। ग्रामीणों और राहगीरों को सलाह दी गई कि वे ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में भीड़ लगाने से बचें ताकि बचाव दल सुचारू रूप से कार्य कर सके। • पारिवारिक और कानूनी स्तर पर: सार्वजनिक संपत्ति और मोबाइल टावर पर अनाधिकृत रूप से चढ़ना कानूनी दृष्टि से खतरनाक और दंडनीय हो सकता है। ऐसे मामलों में विवाद सुलझाने के लिए सीधे पुलिस या विधिक परामर्श केंद्रों की मदद लेना सुरक्षित विकल्प है। • आपातकालीन सेवाओं पर असर: करीब सात घंटे तक दमकल और पुलिस बल के तैनात रहने से अन्य आपातकालीन कार्यों पर अस्थायी दबाव बना। स्थानीय लोगों को किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में फौरन डायल 112 जैसी हेल्पलाइन पर संपर्क करने के निर्देश हैं। • नागरिक सुरक्षा: उच्च क्षमता वाले टेलीकॉम टावरों पर सुरक्षा घेरा सख्त करने की आवश्यकता रेखांकित हुई है। इससे भविष्य में अनधिकृत व्यक्तियों के ऐसे ऊंचे ढांचे पर चढ़ने की घटनाओं को रोका जा सकेगा। ऐसा क्यों हुआ यह घटना एक वैवाहिक विवाद के बाद पति द्वारा अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करने के कारण हुई। • विवाद और मायके जाना: पति और पत्नी के बीच घरेलू मसले को लेकर अनबन हुई थी, जिससे नाराज होकर पत्नी अमरोha स्थित अपने मायके चली गई थी। • दबाव बनाने का प्रयास: पत्नी के तुरंत वापस न लौटने पर फैज़ ने उसे फौरन वापस बुलाने के लिए एक खतरनाक और सार्वजनिक तरीका चुना। • टावर तक आसान पहुंच: गांव में स्थित टेलीकॉम टावर के आसपास संभावित सुरक्षा अवरोधों की कमी के चलते युवक आसानी से चढ़ने में सक्षम हो गया। • प्रशासनिक हस्तक्षेप: स्थिति तब सुलझी जब पुलिस ने मध्यस्थता की, अमरोहा से पत्नी को मौके पर बुलाया और दोनों की काउंसलिंग करवाई। सवाल-जवाब 1. यह घटना उत्तर प्रदेश के किस जिले में हुई? यह घटना हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र स्थित लोदीपुर शोभन गांव में हुई। 2. टावर पर चढ़ने वाले युवक की क्या पहचान है? युवक की पहचान फैज़ के रूप में हुई है, जो मेरठ जिले के शाहजहांपुर का रहने वाला है। 3. युवक मोबाइल टावर पर क्यों चढ़ा था? पत्नी से हुए विवाद के बाद वह नाराज होकर अमरोहा अपने मायके चली गई थी, जिसे तुरंत वापस बुलाने के लिए उसने यह कदम उठाया। 4. यह पूरा ड्रामा कितने घंटे तक चला? यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब 6 से 7 घंटे तक चला और शाम के समय समाप्त हुआ। 5. युवक को नीचे कैसे उतारा गया? पुलिस ने अमरोहा से उसकी पत्नी को मौके पर बुलवाया और दोनों के बीच काउंसलिंग व बातचीत कराई, जिसके बाद वह सुरक्षित नीचे उतर आया। https://trendkia.com/uttar-pradesh/hapur-men-gharelu-kalaha-ke-chalate-mobaila-tavara-para-charha-pati-ghnton-mashakkata-ke-bada-prashasana-ne-niche-utara-42457 TrendKia — Har trend, sabse pehle.