# जेवर एयरपोर्ट रूट पर दौड़ेंगी 45 इलेक्ट्रिक और 3 हाइड्रोजन बसें, सीएम योगी ने लखनऊ से दिखाई हरी झंडी

> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र से जेवर एयरपोर्ट तक चलने वाली 45 इलेक्ट्रिक व 3 हाइड्रोजन बसों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रवाना किया और नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का शुभारंभ भी किया।

**Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/jevara-eyaraporta-ruta-para-daurengi-45-ilektrika-aura-3-haidrojana-basen-siema--477

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सार्वजनिक परिवहन को नया रूप देने की दिशा में शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र से जेवर एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 45 इलेक्ट्रिक बसों और 3 हाइड्रोजन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी मौके पर उन्होंने नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो की भी शुरुआत की।

## हर शहर-गांव तक पहुंचेगी ग्रीन मोबिलिटी
मुख्यमंत्री ने इस सेवा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच से जोड़ा, जिसमें देश को ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट का रास्ता दिखाया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश सरकार हर शहर और गांव को पेट्रोल-डीजल से मुक्त इलेक्ट्रिक परिवहन सेवा से जोड़ देगी। उनका कहना था कि हर नागरिक को बेहतर, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का अधिकार है। सीएम ने यह भी टिप्पणी की कि जब परिवहन विभाग का बेड़ा लगातार बड़ा हो रहा है, तो उसके काम भी उतने ही बड़े नजर आने चाहिए।

## 15 जून से शुरू होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ पश्चिम एशिया में बना गतिरोध आज दुनिया के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर रहा है। इन्हीं कारणों से दुनिया वायु प्रदूषण, अतिवृष्टि, अनावृष्टि और ओलावृष्टि झेल रही है, और थोपे गए युद्धों की कीमत पूरी मानवता को चुकानी पड़ रही है।

इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि 15 जून से भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े आईटी और इलेक्ट्रॉनिक हब में यात्रियों तथा नागरिकों को सुगम वायुसेवा से जोड़ने के मकसद से तीनों अथॉरिटी — नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा — ने परिवहन निगम के जरिए यह बस सेवा शुरू की है। मुख्यमंत्री ने इसे नेट जीरो लक्ष्य की ओर बढ़ता एक अहम कदम बताया।

## औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरा यह इलाका
सीएम योगी ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी आज आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स और सेमीकंडक्टर समेत कई औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया की बड़ी कंपनियों को यहां लाया जा रहा है, तो पर्यावरण के अनुकूल परिवहन वक्त की मांग बन जाता है। कुछ हिस्सों में मेट्रो पहले से चल रही है, लेकिन लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिहाज से इलेक्ट्रिक बस सेवा मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि 15 जून तक तीनों अथॉरिटी मिलकर 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर देंगी। आगे मांग के हिसाब से इस संख्या को क्रमिक रूप से बढ़ाते हुए तीनों अथॉरिटी के माध्यम से कुल 500 बसें चलाई जाएंगी।

## 2017 से पहले और बाद के यूपी का फर्क
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में साफ बदलाव दिख रहा है, और बीते 9 वर्षों में यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार ने कर दिखाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले टूटी सड़कें, गायब बिजली, असुरक्षा और अव्यवस्था के बीच नागरिकों के सामने पहचान का संकट था और उस दौर में प्रदेश में निवेश की बात दिवास्वप्न जैसी लगती थी।

इसके उलट आज का उत्तर प्रदेश विश्वस्तरीय सड़क और एयर कनेक्टिविटी के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पास हाईवे और एक्सप्रेसवे समेत 4 लाख किमी का रोड नेटवर्क है और इंटर स्टेट कनेक्टिविटी बेहद बेहतर है। जो प्रदेश कभी बदहाल सड़कों के लिए बदनाम था, उसने आज एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली है।

सीएम ने बताया कि 2019 के प्रयागराज कुंभ के दौरान सरकार ने कैबिनेट में गंगा एक्सप्रेसवे की घोषणा की थी। मेरठ से प्रयागराज के बीच बने देश के इस सबसे बड़े एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले अक्सर हैरान रह जाते हैं कि क्या यह वही उत्तर प्रदेश है, जहां कभी सड़क और गड्ढे में फर्क करना मुश्किल था। उन्होंने पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, दिल्ली-मेरठ 12 लेन एक्सप्रेसवे और जल्द ही लोकार्पित होने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को नए यूपी की नई पहचान बताया।

## प्रदेश में अब 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट
हवाई संपर्क की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में महज 11 महीने में एयरपोर्ट तैयार हो गया और जेवर में देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन चुका है। उन्होंने अयोध्या का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे, लेकिन उसके बाद अयोध्यावासियों को कभी वायुसेवा नहीं मिल पाई और यह नगरी हजारों वर्ष तक उपेक्षित तथा आजादी के बाद भी अपमानित रही। आज वहां महर्षि वाल्मीकि को समर्पित एयरपोर्ट संचालित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि लखनऊ, अयोध्या, काशी, कुशीनगर और नोएडा समेत प्रदेश में अब 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। नोएडा एयरपोर्ट यात्री सेवा के साथ-साथ कार्गो और एमआरओ हब के रूप में भी खुद को स्थापित करने जा रहा है।

## 17 नगर निगमों में 700 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के जिन 20 शहरों में मेट्रो चल रही है, उनमें से 7 अकेले उत्तर प्रदेश के हैं। प्रदेश के 17 नगर निगमों में पहले से 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और अब नोएडा में भी यह सुविधा शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले इलेक्ट्रिक बसें बाहर से मंगानी पड़ती थीं, लेकिन अब Tata Motors और Ashok Leyland की हिंदुजा ग्रुप ने लखनऊ में इलेक्ट्रिक बस के दो-दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाकर यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही देनी शुरू कर दी है।

## यीडा में सीवर वाटर से बनेगी हाइड्रोजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज से यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में 3 हाइड्रोजन बसें भी सड़क पर उतारी जा रही हैं, जिन्हें यीडा को NTPC ने उपलब्ध कराया है। उन्होंने इसकी एक खास तकनीकी बात भी साझा की — इन बसों के लिए हाइड्रोजन बनाने में ग्राउंड या सरफेस वाटर नहीं, बल्कि सीवर वाटर का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी को एक अभिनव अवधारणा बताते हुए कहा कि इन बसों का संचालन भी जेवर एयरपोर्ट के पास किया जाएगा। वायु प्रदूषण घटाने और जहरीले वातावरण से बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमारों को बचाने में इनकी बड़ी भूमिका होगी।

## नेट जीरो की ओर बढ़ता प्रदेश
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार नेट जीरो लक्ष्य को लेकर पूरी तरह समर्पित है। इसी दिशा में विश्व बैंक की मदद से 2741 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश क्लीन एयर से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो प्रदेश को स्वच्छ हवा और टिकाऊ विकास की ओर ले जाने का बड़ा प्रयास है।

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