जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ रवाना हुए 172 किसान, सीएम योगी करेंगे स्वागत; जानिए नई उड़ान सेवा का पूरा शेड्यूल ग्रेटर नोएडा के नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से किसानों को लेकर पहली फ्लाइट लखनऊ पहुंची, जहां 172 किसान पांच बसों से मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। लखनऊ–नोएडा के बीच सीधी उड़ान सेवा 1 जुलाई 2026 से नियमित रूप से शुरू होगी। उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों के बीच हवाई दूरी अब चंद घंटों में सिमट गई है। ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) से किसानों को लेकर रवाना हुई पहली फ्लाइट लखनऊ एयरपोर्ट पर सकुशल उतर चुकी है। जिस जमीन पर कभी इन किसानों के परिवार खेती किया करते थे, उसी जमीन पर बने एयरपोर्ट से वे विमान में सवार होकर राजधानी पहुंचे — और यही पल इस पूरे आयोजन को खास बना रहा है। किसानों के स्वागत में जुटी राजधानी लखनऊ एयरपोर्ट पर किसानों के लिए पांच बसें खड़ी की गई हैं। इन्हीं पांच बसों के जरिए 172 किसान मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उनका स्वागत करेंगे। किसानों के भोजन की व्यवस्था भी आवास में ही की गई है। यानी विमान से उतरने के बाद सीधे सीएम आवास तक का पूरा इंतजाम पहले से तैयार रखा गया था। विधायक बोले — त्याग और विकास का अद्भुत संगम पहली वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत को जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने भारत के विकास इतिहास का बेहद भावुक और ऐतिहासिक पल बताया। उनके मुताबिक यह दिन सिर्फ किसी हवाई सेवा के आरंभ का नहीं, बल्कि उन सपनों के पूरा होने का प्रतीक है जिन्हें कभी नामुमकिन समझा जाता था। उन्होंने इस ओर खास तौर पर ध्यान दिलाया कि जेवर के जो किसान कभी इसी भूमि पर अपने परिवार के साथ खेती करते थे, आज वही उसी धरती से बने एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़े। “जिन किसानों ने राष्ट्रहित और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी पुश्तैनी भूमि समर्पित की, आज उन्हीं परिवारों के सदस्य उसी धरती से हवाई यात्रा कर रहे हैं। यह केवल संयोग नहीं, बल्कि विकास की उस यात्रा का परिणाम है जिसमें किसानों का योगदान सर्वोपरि है।” विधायक ने इसे त्याग, विश्वास और विकास के अद्भुत संगम तथा नए भारत की बदलती तस्वीर का प्रतीक करार दिया। दोनों दिशाओं में चली पहली उड़ान राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ा इंडिगो का विमान सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। इसके कुछ ही देर बाद किसानों और मजदूरों को लेकर एक फ्लाइट लखनऊ के लिए रवाना हुई। यूपी के इस नए एविएशन गेटवे से इस 172 किसानों वाली उड़ान ने अपनी पहली उड़ान भरी। दूसरी ओर, जेवर एयरपोर्ट की शुरुआत के मौके पर लखनऊ से नोएडा के बीच पहली सीधी उड़ान का भी सफल संचालन हुआ — प्रदेश के इन दो बड़े शहरों को पहली बार सीधा हवाई संपर्क मिला। पहली फ्लाइट 6E 2278 से कुल 182 यात्रियों ने सफर किया, जिनमें अभिनेत्री Gul Panag भी शामिल रहीं। एयरपोर्ट पर दीप प्रज्वलन और केक कटिंग के साथ इसका शुभारंभ हुआ, और एक निजी समूह के 80 कर्मचारियों ने भी इस नई सेवा का लाभ उठाया। 15 जून को विशेष परिचालन के तहत कुछ अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जा रही हैं, जबकि नियमित उड़ान सेवा 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी। देश के सबसे लंबे रनवे में शुमार नोएडा एयरपोर्ट का रनवे देश के सबसे लंबे रनवे में से एक है और अत्याधुनिक कैट-III लाइटिंग सिस्टम से लैस है। यह तकनीक घने कोहरे और बेहद कम विजिबिलिटी में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करती है। रनवे को इस तरह तैयार किया गया है कि दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान Airbus A380 भी यहां आसानी से उतर सके। एयरपोर्ट का पहला चरण और जमीनी हकीकत हवाई अड्डे के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है, जिसमें इसकी सालाना यात्री क्षमता 1.2 करोड़ रखी गई है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 6 मार्च 2026 को इसे ‘एयरोड्रोम’ लाइसेंस जारी किया था। मौजूदा चरण में एक रनवे, अत्याधुनिक टर्मिनल भवन और हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) टावर समेत सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की गई हैं। गौतमबुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बना यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत परियोजनाओं में गिना जाता है। इसके लिए करीब 1,334 हेक्टेयर (तकरीबन 3,300 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया। राज्य सरकार ने विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से जरूरी अनुमतियां लेकर तय समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा कराया। उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना बताया था। 1 जुलाई से ऐसा रहेगा उड़ानों का शेड्यूल नियमित सेवा के तहत 1 जुलाई से नोएडा से लखनऊ के लिए फ्लाइट 6E 7624 सुबह 5:50 बजे उड़ेगी और सुबह 7:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में फ्लाइट 6E 7625 लखनऊ से सुबह 7:25 बजे उड़ान भरकर सुबह 8:40 बजे नोएडा पहुंचेगी। इसी तरह नोएडा से फ्लाइट 6E 7628 दोपहर 3:05 बजे उड़ान भरकर शाम 4:15 बजे लखनऊ पहुंचेगी, जबकि लखनऊ से फ्लाइट 6E 7629 रात 9:40 बजे चलकर रात 10:50 बजे नोएडा पहुंचेगी। किराये की बात करें तो नोएडा से लखनऊ की सीधी फ्लाइट का किराया 3394 रुपये और लखनऊ से नोएडा का किराया 4021 रुपये चल रहा है — लखनऊ से दिल्ली के विमान का किराया भी करीब इतना ही रहता है। इंडिगो की यह विमान सेवा सातों दिन चलेगी। अब तक लखनऊ से नोएडा जाने वाले यात्रियों को पहले दिल्ली जाना पड़ता था और वहां से मेट्रो या निजी साधनों के सहारे नोएडा पहुंचना होता था। सीधी उड़ान शुरू होने से अब यात्रियों के समय और पैसे, दोनों की बचत होगी। इसका आप पर असर आपके लिए इसका क्या मतलब है: • भारत में: उत्तर प्रदेश को एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मिल गया है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्री है और जो उत्तर भारत की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। • लखनऊ–नोएडा में: अब इन दोनों शहरों के बीच सीधी उड़ान से दिल्ली होकर जाने की झंझट खत्म — किराया 3394 से 4021 रुपये के बीच और सेवा सातों दिन उपलब्ध, जिससे समय और पैसा दोनों बचेगा। सवाल-जवाब 1. जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ कितने किसान गए और उनका स्वागत कौन करेगा? इस फ्लाइट से 172 किसान लखनऊ गए, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे और सीएम आवास में उनके भोजन की व्यवस्था की गई है। 2. लखनऊ–नोएडा के बीच नियमित उड़ान सेवा कब से शुरू होगी? नियमित उड़ान सेवा 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी, जबकि 15 जून को विशेष परिचालन के तहत अतिरिक्त उड़ानें चलाई जा रही हैं। 3. नोएडा से लखनऊ और लखनऊ से नोएडा का किराया कितना है? नोएडा से लखनऊ की सीधी फ्लाइट का किराया 3394 रुपये और लखनऊ से नोएडा का किराया 4021 रुपये चल रहा है। यह इंडिगो सेवा सातों दिन चलेगी। 4. पहली वाणिज्यिक फ्लाइट में कौन-कौन सवार था? पहली फ्लाइट 6E 2278 से 182 यात्रियों ने सफर किया, जिनमें अभिनेत्री Gul Panag भी शामिल थीं, और एक निजी समूह के 80 कर्मचारियों ने भी सेवा का लाभ उठाया। https://trendkia.com/uttar-pradesh/jevara-eyaraporta-se-lakhanau-ravana-hue-172-kisana-siema-yogi-karenge-svagata-j-942 TrendKia — Har trend, sabse pehle.