# झांसी के चिरगांव में घर तोड़ते समय मिट्टी से निकलीं चांदी की पुरानी मुद्राएं, उमड़ पड़े लोग

> झांसी के चिरगांव कस्बे में एक पुराने मकान की तोड़फोड़ के दौरान निकली मिट्टी में चांदी के सिक्के मिलने की बात फैलते ही सैकड़ों लोग मौके पर जमा होकर मिट्टी खंगालने लगे। सिक्कों की असलियत और संख्या को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/jhansi-ke-chirgaon-men-ghara-torate-samaya-mitti-se-nikalin-chandi-ki-purani-mudraen-umara-pare-loga-4091 · **Language:** Hindi
**Tags:** झांसी, चिरगांव, चांदी के सिक्के, खुदाई, उत्तर प्रदेश, पुरातत्व

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव कस्बे में एक पुराने मकान को तोड़े जाने के दौरान निकली मिट्टी में चांदी के सिक्के मिलने की खबर ने पूरे इलाके को हिला दिया। मिट्टी में सिक्के होने की बात जैसे ही आसपास फैली, देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोग जमा हो गए और हाथों से मिट्टी खंगालकर सिक्के ढूंढने लगे। कुछ ही देर में घटनास्थल का नजारा किसी मेले जैसा हो गया।

## कैसे शुरू हुई पूरी घटना
जैन मंदिर के सामने रहने वाले दीपू गुप्ता अपना पुराना मकान तुड़वा रहे थे। तोड़फोड़ से निकली मिट्टी को वह महाकालेश्वर मंदिर के रास्ते होते हुए तालाबपुरा स्थित तालाब के पास डलवा रहे थे। इसी डाली गई मिट्टी में खेल रही एक छोटी बच्ची को अचानक एक चांदी का पुराना सिक्का हाथ लगा। बच्ची ने बिना देर किए यह बात अपने घरवालों को बताई। परिवार के लोग फौरन मौके पर पहुंचे और मिट्टी में और सिक्कों की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच आसपास मौजूद कुछ और लोगों को भी पुराने चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद यह खबर पूरे कस्बे में आग की तरह फैल गई और लोग टोलियों में मौके की ओर बढ़ने लगे।

## मौके पर उमड़ी भीड़, मचा हड़कंप
खबर फैलते ही घटनास्थल पर मेले जैसा नजारा बन गया। बड़ी तादाद में लोग तालाबपुरा पहुंच गए और मिट्टी के ढेर में हाथों से सिक्कों की खोज करने लगे। कोई कुदाल से मिट्टी खोद रहा था तो कोई नंगे हाथों से ही ढेर छान रहा था। इस दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला और मिट्टी के ढेर के आसपास पैर रखने तक की जगह नहीं बची। हालांकि, अब तक न तो यह साफ हो पाया है कि कुल कितने सिक्के मिले, न ही यह पुष्टि हुई है कि ये सिक्के असली चांदी के हैं या नहीं। सिक्कों का ऐतिहासिक महत्व कितना है, इस पर भी अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

## प्रशासन चुप, जांच हुई तो लिया जा सकता है कब्जे में
इस पूरे मामले में झांसी प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। नियम के मुताबिक अगर जांच में यह सिक्के पुरातात्विक महत्व के निकलते हैं, तो संबंधित विभाग इन्हें अपने कब्जे में लेकर विस्तृत जांच करा सकता है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता और चर्चा दोनों बनी हुई है, और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मिट्टी से मिले ये सिक्के कितने पुराने और कितने कीमती हैं।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर आम लोगों की जेब या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित नहीं करती, लेकिन इसका स्थानीय असर जरूर है।

- **भारत में:** ऐसी घटनाएं याद दिलाती हैं कि पुरानी संपत्तियों की खुदाई में ऐतिहासिक महत्व की चीजें मिलने पर बिना जांच के भीड़ जुटाना और सामान उठा ले जाना कानूनी दिक्कत खड़ी कर सकता है।
- **झांसी में:** चिरगांव इलाके के लोगों को अब यह जानने के लिए प्रशासन की जांच का इंतजार करना होगा कि मिट्टी में मिले सिक्के असली हैं या नहीं और उन पर मालिकाना हक किसका बनता है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहां हुई?
यह घटना उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव कस्बे में हुई।

### 2. सबसे पहले चांदी का सिक्का किसे मिला?
मिट्टी में खेल रही एक छोटी बच्ची को सबसे पहले चांदी का पुराना सिक्का मिला।

### 3. किसका मकान तोड़ा जा रहा था?
जैन मंदिर के सामने रहने वाले दीपू गुप्ता अपना पुराना मकान तुड़वा रहे थे।

### 4. मकान से निकली मिट्टी कहां डाली जा रही थी?
मिट्टी को महाकालेश्वर मंदिर के रास्ते होते हुए तालाबपुरा स्थित तालाब के समीप डलवाया जा रहा था।

### 5. क्या सिक्कों की असलियत की पुष्टि हुई है?
नहीं, अभी तक सिक्कों की संख्या, उनकी असलियत और ऐतिहासिक महत्व की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

### 6. प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाया है?
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन पुरातात्विक महत्व पाए जाने पर संबंधित विभाग सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर जांच करा सकता है।

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