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  "title": "कम बारिश की आशंका के बीच चित्रकूट में किसानों को धान छोड़कर मोटे अनाज अपनाने की सलाह",
  "summary": "चित्रकूट में इस बार सामान्य से कम बारिश की आशंका के चलते कृषि विभाग किसानों को धान की जगह मूंग, ज्वार, बाजरा, कोदो, रागी जैसी मोटे अनाज की फसलें अपनाने की सलाह दे रहा है।",
  "content": "बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में पानी की किल्लत कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस साल हालात और मुश्किल दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने जिले में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है, जिसके बाद कृषि विभाग ने किसानों को धान जैसी ज्यादा पानी मांगने वाली फसलों से दूरी बनाने की सलाह दी है।\n\nबारिश कम रही तो धान बनेगा घाटे का सौदा\nचित्रकूट के किसान हर साल सिंचाई के लिए पानी जुटाने में जूझते हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस बार भी जिले में औसत से कम वर्षा होने के आसार हैं। ऐसे हालात में धान जैसी फसल, जिसे बढ़ने के लिए लगातार पानी चाहिए, किसानों के लिए बड़ा नुकसान बन सकती है। यही वजह है कि कृषि विभाग अब गांव-गांव पहुंचकर किसानों को समझा रहा है कि वे कम सिंचाई में तैयार होने वाली फसलें चुनें, ताकि पैदावार पर बारिश की कमी का असर न पड़े।\n\nमूंग से लेकर रागी तक, किसानों के लिए वैकल्पिक फसलों की सूची\nकृषि विभाग ने किसानों को मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, कोदो, सावा, रागी और काकुन जैसी फसलों की खेती करने का सुझाव दिया है। ये सभी फसलें कम पानी में पनप जाती हैं और कम बारिश वाले इलाकों के लिए खासतौर पर उपयुक्त मानी जाती हैं। विभाग का मानना है कि इन फसलों को अपनाने से किसानों को सिंचाई की चिंता कम होगी और उपज पर भी बेहतर असर पड़ेगा।\n\nअलनीनो का असर, वजह भी बताई\nचित्रकूट के उपकृषि निदेशक जेएल गुप्ता ने बताया कि इस साल अलनीनो की वजह से जिले में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई गई है। उनके मुताबिक चित्रकूट पहले से ही जल संकट झेलने वाले जिलों में गिना जाता है, इसलिए ऐसी फसलें चुनना जरूरी हो गया है जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकें। उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, कोदो, रागी और काकुन जैसी फसलें कम सिंचाई में ही तैयार हो जाती हैं, इसलिए अगर किसान इनकी खेती की तरफ रुख करें तो कम बारिश के बावजूद उन्हें नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा, बल्कि आमदनी भी अच्छी बनी रहेगी।\n\nबीज भंडार में उपलब्ध, किसान सीधे खरीद सकते हैं\nजेएल गुप्ता ने यह भी बताया कि विभाग के बीज भंडार में मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, कोदो, सावा, रागी और काकुन सहित सभी जरूरी बीज मौजूद हैं। किसान चाहें तो सीधे बीज भंडार से जाकर इन्हें खरीद सकते हैं। कृषि विभाग की टीमें लगातार गांवों का दौरा कर किसानों को इस बदलाव के फायदे समझा रही हैं, ताकि कम बारिश की स्थिति में भी उनकी खेती और आमदनी सुरक्षित रह सके।\n\nइसका आप पर असर\nअगर आप खेती-किसानी से जुड़े हैं तो यह खबर सीधे आपकी फसल और कमाई से जुड़ी है।\n\n• भारत में: जिन इलाकों में इस बार बारिश कम रहने का अनुमान है, वहां के किसान भी धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों की जगह मोटे अनाज अपनाकर नुकसान से बच सकते हैं।\n• चित्रकूट में: किसान अब कृषि विभाग के बीज भंडार से मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, कोदो, सावा, रागी और काकुन के बीज सीधे खरीद सकते हैं, जिससे कम बारिश की स्थिति में भी उन्हें बेहतर पैदावार और आमदनी मिल सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चित्रकूट में इस बार बारिश को लेकर क्या अनुमान है?\nमौसम विभाग के मुताबिक इस साल जिले में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।\n\n2. कृषि विभाग किसानों को धान की जगह क्या उगाने की सलाह दे रहा है?\nमूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, कोदो, सावा, रागी और काकुन जैसी कम पानी वाली फसलें।\n\n3. कम बारिश के अनुमान की वजह क्या बताई गई है?\nउपकृषि निदेशक जेएल गुप्ता के मुताबिक इसकी वजह अलनीनो का असर है।\n\n4. यह सलाह किसकी तरफ से दी जा रही है?\nचित्रकूट के उपकृषि निदेशक जेएल गुप्ता और कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को यह सलाह दे रही हैं।\n\n5. किसान बदली हुई फसलों के बीज कहां से खरीद सकते हैं?\nकृषि विभाग के बीज भंडार में सभी जरूरी बीज उपलब्ध हैं, जहां से किसान इन्हें सीधे खरीद सकते हैं।\n\n6. इस बार धान की खेती में किसानों को क्या खतरा है?\nकम बारिश के चलते पर्याप्त सिंचाई न मिलने से धान की पैदावार पर नुकसान का खतरा है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-04",
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    "कृषि विभाग",
    "मोटे अनाज",
    "धान की खेती",
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    "किसान सलाह"
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