# कानपुर में ओमप्रकाश राजभर का सपा पर तीखा हमला, अखिलेश यादव को जहूराबाद सीट से दी चुनावी चुनौती

> उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कानपुर में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव को गाजीपुर की जहूराबाद विधानसभा सीट से चुनावी मुकाबला करने की खुली चुनौती दी।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanapura-men-om-prakash-rajbhar-ka-sapa-para-tikha-hamala-akhilesh-yadav-ko-zahoorabad-sita-se-di-chunavi-chunauti-46354 · **Language:** Hindi
**Tags:** ओमप्रकाश राजभर, अखिलेश यादव, योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी, जहूराबाद विधानसभा, उत्तर प्रदेश राजनीति, कानपुर, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी

उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी गठबंधन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में कानपुर पहुंचे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों और हालिया चुनावों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर विस्तृत जवाब दिया।

## सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनों और महिला सुरक्षा के विषय पर चर्चा करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें सपा प्रमुख ने कहा था कि उत्तर प्रदेश वालों ने विवाद खड़ा किया है। राजभर ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार पर उंगली उठाने से पहले सपा प्रमुख को अपने पुराने शासनकाल के रिकॉर्ड की समीक्षा करनी चाहिए।

राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान सड़कों पर आम नागरिकों के साथ खुलेआम बदसलूकी की घटनाएं होती थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में अपराधी और माफिया बेखौफ होकर हथियारों के साथ घूमा करते थे, जिससे पूरे प्रदेश में जनता के बीच गंभीर भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष को आज के हालात पर टिप्पणी करने से पहले अपने पुराने कार्यकाल में जनता के सामने पेश आई चुनौतियों का भी जवाब देना होगा।

## चुनावी नतीजों और वोट चोरी के आरोपों पर घेराबंदी

विपक्षी दलों की ओर से लगातार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति पर भी ओमप्रकाश राजभर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लंबे अरसे से सत्ता की कुर्सी से दूर हैं और उन्हें जनता के चुनावी जनादेश को खुले दिल से स्वीकार करना सीखना चाहिए। इस सिलसिले में उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला दिया।

राजभर ने याद दिलाया कि 2024 के संसदीय चुनावों में समाजवादी पार्टी के 37 सांसद और कांग्रेस के छह सांसद जीतकर संसद पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ 2019 में 303 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी 2024 में घटकर 240 सीटों पर सिमट गई। उन्होंने तर्क दिया कि जब निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के जरिए विभिन्न विपक्षी दलों को इतनी बड़ी संख्या में सीटें हासिल हुई हैं, तो फिर वोट चोरी की बात कहकर सड़कों पर हंगामा करने का कोई तार्किक आधार नहीं बचता। उन्होंने कहा कि चुनावों में पराजय का सामना करने के बाद विपक्ष केवल ध्यान भटकाने के लिए निराधार आरोप उछालने का काम करता है।

## जहूराबाद से सीधे मुकाबले की खुली चुनौती

अयोध्या से चुनाव लड़ने के संबंध में अखिलेश यादव को मिली चुनौती के सवाल पर भी ओमप्रकाश राजभर ने बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने चुनावी मैदान में उतरने से हिचकते हैं, तो उन्हें सबसे पहले गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट पर आकर उनसे सीधा मुकाबला करना चाहिए।

राजभर ने दो टूक शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुकाबले की बात सोचने से पहले जहूराबाद सीट पर आकर चुनावी परीक्षा पास करनी चाहिए। राजनीतिक हलकों में राजभर के इस बयान को सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दी गई जमीनी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

## इसका आप पर असर
यह राजनीतिक बयानबाजी उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी मुकाबलों और क्षेत्रीय राजनीतिक ध्रुवीकरण के रुख को स्पष्ट करती है।

- **उत्तर प्रदेश के मतदाताओं पर प्रभाव:** पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के बीच चुनावी दावेदारी तेज होगी। स्थानीय मतदाता दोनों गठबंधनों के पुराने और मौजूदा शासन रिकॉर्ड की तुलना के आधार पर अपना मत तय करेंगे।
- **गाजीपुर और जहूराबाद क्षेत्र में:** जहूराबाद विधानसभा सीट पर राजनीतिक सरगर्मियां और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ जाएगी। इस सीट पर शीर्ष नेतृत्व के बीच मुकाबले की चर्चा से स्थानीय स्तर पर विकास और जनहित के मुद्दे केंद्र में आ सकते हैं।
- **चुनावी विमर्श में बदलाव:** कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता जैसे विषय आगामी अभियानों में प्रमुखता से उठाए जाएंगे। आम जनता के सामने विकास कार्यों और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नेताओं की जवाबदेही तय करने का अवसर रहेगा।
- **राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के लिए:** गठबंधन सहयोगियों और विपक्षी दलों के जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच सांगठनिक स्तर पर आक्रामकता बढ़ेगी। बूथ स्तर पर मतदाताओं को साधने और चुनावी दावों को साबित करने की होड़ तेज होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
ओमप्रकाश राजभर का यह आक्रामक बयान हालिया चुनावी नतीजों और विपक्षी दलों द्वारा लगातार उठाए जा रहे प्रशासनिक व चुनावी सवालों के जवाब में आया है।

- **विपक्षी प्रदर्शनों और आरोपों का मुकाबला:** विपक्षी दलों द्वारा वोट चोरी के आरोपों और दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर सत्ता पक्ष की तरफ से जवाबी हमला बोलना जरूरी माना गया। राजभर ने 2024 के लोकसभा आंकड़ों का हवाला देकर इन आरोपों को तथ्यहीन साबित करने की कोशिश की।
- **अयोध्या सीट पर चर्चा की प्रतिक्रिया:** अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच राजभर ने इस मुद्दे को पूर्वांचल की अपनी गृह सीट जहूराबाद की तरफ मोड़ा। उनका उद्देश्य सपा प्रमुख के चुनावी आत्मविश्वास को चुनौती देना था।
- **गठबंधन में अपनी राजनीतिक हैसियत बनाए रखना:** राजभर अक्सर तीखे बयानों के जरिए अपनी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की जमीनी मौजूदगी और आक्रामकता को बनाए रखने की रणनीति पर काम करते हैं। इस तरह के सीधे हमलों से वे खुद को गठबंधन की अग्रिम पंक्ति में प्रस्तुत करते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में अपराधी खुलेआम हथियार लेकर घूमते थे और जनता के साथ सड़कों पर बदसलूकी होती थी।

### 2. राजभर ने अखिलेश यादव को किस सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी?
उन्होंने अखिलेश यादव को गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी।

### 3. राजभर ने 2024 के लोकसभा चुनावों के किन आंकड़ों का जिक्र किया?
उन्होंने बताया कि 2024 में सपा को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा 2019 की 303 सीटों से घटकर 240 सीटों पर आ गई।

### 4. वोट चोरी के आरोपों पर राजभर का क्या रुख था?
राजभर ने कहा कि जब चुनाव में विभिन्न दलों को सीटें मिली हैं, तो वोट चोरी के आरोप लगाना बेबुनियाद है।

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