कन्नौज में पढ़ाई कर रही 16 साल की छात्रा से दरिंदगी और जबरन गर्भपात, मामा समेत 10 पर केस कानपुर की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा के साथ कन्नौज के तिर्वा में रिश्ते के मामा और उसके दोस्त ने दुष्कर्म किया, गर्भवती होने पर परिजनों ने जबरन गर्भपात करा दिया। उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ कन्नौज जिले में घिनौनी वारदात का मामला सामने आया है। छात्रा अपनी शिक्षा पूरी करने के उद्देश्य से कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र स्थित अपने ननिहाल में रह रही थी। इसी दौरान रिश्ते में लगने वाले मामा और उसके एक साथी ने किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपियों ने किशोरी के साथ बार-बार दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। जब इस बात की जानकारी परिवार के अन्य लोगों को हुई, तो बदनामी के डर और मामले को दबाने के लिए किशोरी का जबरन गर्भपात करा दिया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर कानपुर के रावतपुर थाने में नाना-नानी, मामा-मामी समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ननिहाल में रहकर पढ़ाई के दौरान हुआ यौन शोषण कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र की निवासी महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में पूरी आपबीती बयां की है। शिकायत के अनुसार, उनकी 16 साल की नाबालिग बेटी बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए कन्नौज जिले के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में अपने नाना-नानी के घर पर रह रही थी। आरोप है कि घर में रहने के दौरान रिश्ते के मामा की नीयत उस पर खराब हो गई। मामा ने डरा-धमकाकर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद मामा के एक दोस्त ने भी किशोरी को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। आरोपियों ने छात्रा को जान से मारने और परिवार में बदनाम करने की धमकी दी, जिसके चलते वह खौफ के साए में जीती रही और लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बता सकी। इसी डर का फायदा उठाकर दोनों आरोपी उसके साथ लगातार घिनौना कृत्य करते रहे। चार महीने 20 दिन का गर्भ गिराने का गंभीर आरोप पीड़िता के गर्भवती होने के बाद इस पूरे मामले ने बेहद गंभीर मोड़ ले लिया। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जब तक मामले का खुलासा हुआ तब तक किशोरी करीब चार महीने और 20 दिन की गर्भवती हो चुकी थी। इस स्थिति में कानूनी और चिकित्सीय दोनों दृष्टियों से गर्भपात कराना बेहद जोखिम भरा और अवैध था। इसके बावजूद इस संगीन अपराध पर पर्दा डालने के लिए परिवार के लोगों ने मिलकर साजिश रची। आरोप है कि नाना-नानी और मामा-मामी ने मिलीभगत कर एक निजी स्थान पर किशोरी का जबरन गर्भपात करा दिया। इस दौरान किशोरी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। किसी तरह यह बात जब पीड़िता की मां तक पहुंची, तो उन्होंने तत्काल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर न्याय की गुहार लगाई। कानपुर में जीरो एफआईआर दर्ज, तिर्वा पुलिस करेगी जांच मां की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कानपुर नगर के रावतपुर थाने में पॉक्सो कानून और दुष्कर्म समेत कई अन्य सख्त धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। इस मुकदमे में मुख्य आरोपियों के साथ-साथ अपराध को छिपाने और जबरन गर्भपात कराने में मदद करने वाले 10 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें किशोरी के नाना, नानी, रिश्ते के मामा, मामी और मामा का दोस्त शामिल हैं। चूंकि अपराध स्थल कन्नौज जिले का तिर्वा कोतवाली क्षेत्र है, इसलिए मामले की केस डायरी और समस्त कागजात आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए तिर्वा पुलिस को भेजे जा रहे हैं। एडीसीपी वेस्ट योगेश कुमार ने इस संबंध में बताया कि प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर रावतपुर थाने में जीरो एफआईआर पंजीकृत कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की समस्त विवेचना और कानूनी कार्रवाई तिर्वा के संबंधित थाने द्वारा की जाएगी। पुलिस अब पीड़िता के बयान दर्ज कराने, उसका विधिवत मेडिकल परीक्षण कराने और गर्भपात से जुड़े चिकित्सीय साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया में जुटी है। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गर्भपात किस अस्पताल या क्लिनिक में कराया गया था और इसमें किन स्वास्थ्य कर्मियों की संलिप्तता थी। सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। इसका आप पर असर इस मामले से बच्चों की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़े कई अहम बिंदु सामने आते हैं जिनका आम परिवारों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • राष्ट्रीय स्तर पर: पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई अनिवार्य की गई है। जीरो एफआईआर के प्रावधान से नागरिक देश के किसी भी थाने में प्राथमिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं, चाहे घटना किसी भी जिले में हुई हो। • कानपुर और कन्नौज में: स्थानीय पुलिस ने संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्राधिकार के विवाद में उलझे बिना मामला दर्ज किया है। इससे क्षेत्रीय नागरिकों को यह भरोसा मिलता है कि परिजन ऐसे गंभीर अपराधों की रिपोर्ट दर्ज कराने में झिझक न दिखाएं। • परिजनों के लिए सतर्कता: रिश्तेदारों के घर रहकर पढ़ाई कर रहे नाबालिग बच्चों की नियमित निगरानी और उनसे खुला संवाद रखना अनिवार्य है। परिजनों को चाहिए कि वे बच्चों के व्यवहार में अचानक आने वाले बदलावों या डर के संकेतों को गंभीरता से समझें। • अवैध गर्भपात पर सख्त रुख: गर्भावस्था के चार महीने से अधिक बीतने पर बिना विधिक अनुमति गर्भपात कराना कानूनी अपराध है। जांच के दायरे में आने वाले संदिग्ध क्लीनिकों और अवैध दवा विक्रेताओं पर स्वास्थ्य प्रशासन की निगरानी सख्त हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह दुखद घटना ननिहाल में रहने के दौरान नाबालिग छात्रा की लाचारी, आरोपियों के डर और परिजनों द्वारा सामाजिक बदनामी से बचने की साजिश के कारण घटित हुई। • आरोपियों का अनुचित दबाव और भय: रिश्ते के मामा और उसके साथी ने नाबालिग छात्रा की एकांत स्थिति और भरोसे का गलत फायदा उठाया। उन्होंने पीड़िता को लगातार डराया और जान से मारने की धमकी दी, जिससे वह लंबे समय तक अपने माता-पिता से शिकायत नहीं कर सकी। • कानून से बचने के लिए जबरन गर्भपात: करीब चार महीने और बीस दिन की गर्भावस्था सामने आने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना देने के बजाय अपराध को छुपाने का रास्ता चुना। अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के फेर में परिवार के दस सदस्यों ने गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराकर साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की। • जीरो एफआईआर के जरिए विधिक प्रक्रिया: घटना स्थल कन्नौज होने के बावजूद पीड़िता की मां ने कानपुर के रावतपुर थाने में शिकायत की, जहां पुलिस ने बिना समय गंवाए जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला तिर्वा पुलिस को स्थानांतरित कर दिया ताकि जांच बाधित न हो। सवाल-जवाब 1. पीड़िता के साथ यह घटना कहां और किन परिस्थितियों में हुई? पीड़िता कानपुर की रहने वाली है और वह पढ़ाई के लिए कन्नौज के तिर्वा में अपने नाना-नानी के घर रह रही थी, जहां यह वारदात हुई। 2. इस मामले में मुख्य आरोपी कौन हैं? छात्रा के रिश्ते में लगने वाले मामा और मामा के एक दोस्त पर बार-बार दुष्कर्म करने का मुख्य आरोप है। 3. कानपुर पुलिस ने कितने लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है? रावतपुर पुलिस ने नाना-नानी, मामा-मामी और अन्य रिश्तेदारों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 4. गर्भपात को लेकर क्या आरोप लगाए गए हैं? आरोप है कि किशोरी जब चार महीने और 20 दिन की गर्भवती हो गई, तब अपराध छिपाने के लिए परिजनों ने उसका जबरन गर्भपात करा दिया। 5. मामले में आगे की जांच किस पुलिस थाने द्वारा की जाएगी? कानपुर में जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामले की विस्तृत विवेचना कन्नौज जिले की तिर्वा कोतवाली पुलिस द्वारा की जाएगी। https://trendkia.com/uttar-pradesh/kannauj-men-parhai-kara-rahi-16-sala-ki-chhatra-se-darindagi-aura-jabarana-garbhapata-mama-sameta-10-para-kesa-45270 TrendKia — Har trend, sabse pehle.