{
  "type": "article",
  "title": "कन्नौज में पेड़ के नीचे मिला राजकिशोर दुबे का शव, सिर में लगी थी गोली",
  "summary": "हत्या के प्रयास के मामले में सात साल की जेल काटकर लौटे 45 वर्षीय राजकिशोर दुबे का शव कन्नौज में संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों कोणों से मामले की पड़ताल कर रही है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ महीने पहले ही सात साल के कारावास की मियाद पूरी कर जेल से रिहा हुए 45 वर्षीय व्यक्ति का शव पेड़ के पास पड़ा मिला। मृतक के सिर में गोली लगने का गहरा घाव था। आधी रात के समय हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मुआयना कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।\n\nब्राह्मण नगला में आधी रात को हुई घटना\nयह पूरा मामला छिबरामऊ कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ब्राह्मण नगला गांव का है। मृतक की शिनाख्त 45 वर्षीय राजकिशोर दुबे के तौर पर हुई है। शुक्रवार को पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात परिजनों ने अचानक तेज आवाज सुनी थी। जब वे बाहर निकले तो राजकिशोर दुबे को एक पेड़ के समीप खून से लथपथ अचेत अवस्था में पड़ा देखा। मौके की छानबीन के दौरान पुलिस को घटनास्थल से.315 बोर के दो कारतूस भी मिले हैं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है।\n\nवरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य\nवारदात की सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, छिबरामऊ के क्षेत्राधिकारी मयंक मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी कपिल दुबे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के लिए तुरंत फोरेंसिक टीम को भी तलब किया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के अनुसार, मृतक मूल रूप से पड़ोसी जनपद मैनपुरी के भोगांव पुलिस थाना क्षेत्र स्थित मेहरापुर गांव का निवासी था और वर्तमान में ब्राह्मण नगला में अपनी बहन के घर पर ही रह रहा था।\n\nसात वर्ष की सजा काटकर डेढ़ माह पहले आया था बाहर\nपरिजनों द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, राजकिशोर दुबे अविवाहित थे। लगभग आठ वर्ष पहले उन्होंने शराब के नशे की हालत में एक व्यक्ति पर गोली चला दी थी। इस मामले में उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। अपनी सजा पूरी करने के बाद वह करीब डेढ़ माह पूर्व ही जेल से छूटकर आए थे और अपनी बहन के यहां रहने लगे थे।\n\nहत्या अथवा आत्महत्या: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार\nपुलिस अधिकारी अब इस बात की तफ्तीश में जुटे हैं कि यह सुनियोजित कत्ल का मामला है अथवा व्यक्ति ने स्वयं अपनी जान ली है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा, \"मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।\" पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है और सभी संभावित बिंदुओं पर पूछताछ जारी है।\n\nइसका आप पर असर\nकन्नौज में हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।\n\n• उत्तर प्रदेश में: राज्य में हाल ही में जेल से रिहा हुए व्यक्तियों और आपराधिक इतिहास वाले मामलों में स्थानीय पुलिस की निगरानी प्रणाली पर फिर से ध्यान गया है। संबंधित क्षेत्रों में पुलिस गश्त और सत्यापन प्रक्रियाओं को कड़ा किया जा सकता है।\n• कन्नौज में: छिबरामऊ के ब्राह्मण नगला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अचानक हुई गोलीबारी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थानीय निवासी मामले की त्वरित जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।\n• कानूनी प्रक्रिया पर: मौत के कारणों की पुष्टि के लिए विसरा और बैलिस्टिक साक्ष्यों के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट निर्णायक होगी। इसके आधार पर तय होगा कि मामला भारतीय न्याय व्यवस्था में हत्या के तहत दर्ज होगा या आत्महत्या की फाइल में।\n• नागरिक सतर्कता पर: संदिग्ध हथियारों या लावारिस कारतूसों की मौजूदगी पर ग्रामीणों को तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना देने की अपील की जाती है। किसी भी तरह की अफवाहों से बचते हुए आधिकारिक पुलिस बयान पर ही भरोसा करने की सलाह है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nराजकिशोर दुबे की मौत का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है, और पुलिस हत्या एवं आत्महत्या दोनों संभावनाओं की पड़ताल में जुटी हुई है।\n\n• मौके के प्राथमिक हालात: मृतक के सिर में गोली का घाव मिला और घटनास्थल से .315 बोर के दो कारतूस बरामद हुए। परिवार ने गुरुवार देर रात एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनी थी, जिसके बाद शव पेड़ के नीचे पाया गया।\n• आपराधिक अतीत की पृष्ठभूमि: राजकिशोर दुबे करीब आठ साल पहले शराब के नशे में एक व्यक्ति को गोली मारने के जुर्म में धारा 307 के तहत सात साल की सजा काटकर मात्र डेढ़ महीने पहले ही जेल से छूटे थे। पुरानी रंजिश अथवा जेल से लौटने के बाद के तनाव की संभावनाओं की भी जांच की जा रही है।\n• जांच और आधिकारिक निष्कर्ष: पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने साफ किया है कि मौत का वास्तविक कारण केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थापित हो सकेगा। फोरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए उंगलियों के निशान और साक्ष्य इस गुत्थी को सुलझाने में अहम होंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मृतक की पहचान किस नाम से हुई है?\nमृतक की पहचान 45 वर्षीय राजकिशोर दुबे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मैनपुरी जिले के मेहरापुर गांव के रहने वाले थे।\n\n2. राजकिशोर दुबे का शव कहां और किस हालत में मिला?\nउनका शव कन्नौज के छिबरामऊ क्षेत्र के ब्राह्मण नगला गांव में एक पेड़ के नीचे सिर में गोली लगने के निशान के साथ मिला।\n\n3. घटनास्थल से पुलिस को क्या बरामद हुआ है?\nपुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान .315 बोर के दो कारतूस बरामद किए हैं।\n\n4. राजकिशोर दुबे जेल में किस मामले में सजा काट रहे थे?\nवह करीब आठ साल पहले नशे में एक व्यक्ति को गोली मारने के आरोप में आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत सात साल की सजा काट रहे थे।\n\n5. वह जेल से कब रिहा हुए थे?\nवह अपनी सात साल की सजा पूरी करने के बाद करीब डेढ़ महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे।\n\n6. पुलिस के अनुसार मौत का कारण कब स्पष्ट होगा?\nएसपी विनोद कुमार के अनुसार, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।",
  "url": "https://trendkia.com/uttar-pradesh/kannauja-men-pera-ke-niche-mila-rajkishore-dubey-ka-shava-sira-men-lagi-thi-goli-38361",
  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-25",
  "tags": [
    "कन्नौज",
    "उत्तर प्रदेश पुलिस",
    "अपराध",
    "छिबरामऊ",
    "राजकिशोर दुबे",
    "पोस्टमार्टम"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}