# कानपुर में पुरानी रंजिश के चलते दिल दहला देने वाली वारदात, कार की छत पर हाथ फंसाकर डेढ़ किमी तक घसीटा और फिर चढ़ा दी गाड़ी

> कानपुर में दशहरा मेला देखकर लौट रहे 37 वर्षीय सेल्समैन बीरू सिंह भदौरिया की पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई। आरोप है कि आरोपियों ने कार की खिड़कियों में उनके हाथ फंसाकर उन्हें डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा और सड़क पर फेंककर उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-horror-man-dragged-for-1-5-km-tied-to-car-roof-over-old-enmity-run-over-and-killed-50243 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर अपराध, बीरू सिंह भदौरिया, कानपुर मर्डर, उत्तर प्रदेश पुलिस, हनुमान विहार कानपुर, कानपुर न्यूज

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुरानी रंजिश के कारण इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दशहरा मेला देखकर अपने घर की तरफ लौट रहे 37 वर्षीय एक व्यक्ति को बेरहमी से निशाना बनाया गया। आरोप है कि पहले उन्हें कार से टक्कर मारी गई, उसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और फिर उन्हें जबरन कार की छत पर लाद दिया गया। इस खौफनाक वारदात में हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उनके दोनों हाथों को कार की खिड़कियों में फंसाकर शीशे बंद कर दिए गए और वाहन को तेज रफ्तार में भगाया गया। करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीड़ित को इसी हालत में घसीटा गया और फिर राजेंद्र नगर स्थित अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास उन्हें सड़क पर फेंक दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने उनके ऊपर कार चढ़ा दी और मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सनसनीखेज घटना के कई सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को जब मृतक का शव उनके घर पहुंचा, तो परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस कार्रवाई में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

 

## दशहरा मेला देखकर लौट रहे थे बीरू, रास्ते में घेरकर की गई मारपीट
 प्राप्त जानकारी के अनुसार कानपुर साउथ के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के अर्रा इलाके के रहने वाले बीरू सिंह भदौरिया एक फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी में सेल्समैन के तौर पर कार्यरत थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी रीना, दो बेटियां सीवी और ईशानी, बेटा विराज, उनके पिता राम शंकर सिंह और बड़े भाई कुलदीप सिंह भदौरिया हैं। बीरू की इस आकस्मिक और दर्दनाक मौत से उनके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही बीरू का खाड़ेपुर नई बस्ती के रहने वाले राजवीर और मेवालाल के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के कारण दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी। मंगलवार की रात जब बीरू दशहरा मेला देखकर अपने घर वापस लौट रहे थे, तभी कथित तौर पर मेवालाल अपनी कार लेकर वहां पहुंच गया। उस कार में राजवीर समेत तीन अन्य लोग भी सवार बताए जा रहे हैं। आरोप है कि कार में सवार इन लोगों ने रास्ते में ही बीरू को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। जब बीरू ने वहां से बचकर भागने की कोशिश की, तो उन्हें कार से जोरदार टक्कर मार दी गई। इसके बाद आरोपियों ने जो कृत्य किया, वह इस पूरे मामले का सबसे वीभत्स और खौफनाक पहलू बन गया, जिसे सुनकर किसी भी व्यक्ति की रूह कांप जाए।

 

## खिड़कियों में हाथ फंसाकर और शीशे लॉक कर डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ती रही कार
 प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के आरोपों के मुताबिक, कार से टक्कर मारने के बाद घायल बीरू को उठाकर गाड़ी की छत पर डाल दिया गया। इसके बाद उनके दोनों हाथों को आगे की खिड़कियों में फंसा दिया गया और खिड़कियों के शीशे लॉक कर दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने कार को तेज रफ्तार में दौड़ाना शुरू कर दिया। बीरू लगातार कार की छत पर फंसे रहे और आरोपी उन्हें इसी हालत में लेकर इलाके की विभिन्न गलियों और सड़कों पर घूमते रहे। करीब डेढ़ किलोमीटर तक कार को इसी तरह दौड़ाने के बाद आरोपियों ने वाहन को रोका और शीशे खोलकर बीरू को राजेंद्र नगर में अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास सड़क पर नीचे फेंक दिया। परिजनों का यह भी गंभीर आरोप है कि सड़क पर गिराने के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने बीरू के ऊपर से कार गुजार दी। इस बेहद क्रूर वारदात के कारण बीरू के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान आए और खिड़कियों में हाथ फंसे रहने की वजह से उनकी उंगलियां भी बुरी तरह से कुचल गई थीं।

 

## राहगीर ने पहचानकर दी परिजनों को सूचना, अस्पताल में हुई मौत
 इस वीभत्स घटना के बाद जब पीड़ित सड़क पर अछत पड़े थे, तो वहां से गुजर रहे देवेंद्र सिंह चौहान की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बीरू को पहचान लिया और उनके परिवार के लोगों को इस अनहोनी की सूचना दी। खबर मिलते ही परिजन फौरन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उन्हें एक निजी अस्पताल लेकर गए। हालांकि, उनकी हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें तुरंत हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीरू की मौत की पुष्टि होते ही उनके घर में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी रीना और मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बुधवार को जब परिजन शव को लेकर अपने घर पहुंचे, तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया और पुलिस की लचर कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। परिजनों का कहना था कि पुलिस शुरू से ही इस मामले में संजीदा नहीं रही और आरोपियों को बचाने का प्रयास करती नजर आई।

 

## दो दर्जन से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई वारदात की खौफनाक तस्वीरें
 इस पूरे मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज एक बहुत बड़ा और अहम सबूत बनकर सामने आए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना से जुड़े दृश्य दो दर्जन से अधिक कैमरों में रिकॉर्ड हुए हैं। इन फुटेज में साफ तौर पर तेज रफ्तार से दौड़ती हुई वह कार और उसकी छत पर फंसे हुए युवक के होने के दृश्य दिखाई देने की बात कही गई है। इसके बावजूद परिजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी और गंभीर घटना होने तथा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बाद भी पुलिस ने शुरुआती स्तर पर उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने में कोई तत्परता नहीं दिखाई। उनका सीधा आरोप है कि आरोपियों को पकड़ने के बजाय पुलिस मामले को दबाने और हल्का करने में जुटी रही। परिजनों के अनुसार, थानाध्यक्ष की तरफ से यह आशंका जताई गई कि शायद कार चालक को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि युवक कार की छत पर फंसा हुआ है। इस अजीब और गैर-जिम्मेदाराना बयान से परिजन और अधिक आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कड़े सवाल किए। हालांकि, पुलिस की भूमिका और उसकी कार्यप्रणाली पर उठाए गए इन तमाम गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा प्राथमिकी की मौजूदा कानूनी स्थिति की आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। इस बीच परिजनों का यह भी कहना है कि यह साफ तौर पर एक निर्मम हत्या का मामला है, इसके बावजूद पुलिस ने इसे केवल एक साधारण एक्सीडेंट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। परिजनों का कहना था कि उन्होंने अपनी पहली प्रार्थना में एक्सीडेंट की बात लिखी थी, लेकिन जब उन्हें इस खौफनाक सच्चाई का पता चला कि यह एक सोची-समझी हत्या थी, तो उन्होंने थानाध्यक्ष से बात की, लेकिन उन्होंने नए सिरे से जांच करने या धाराएं बढ़ाने के बजाय पुरानी एक्सीडेंट की एफआईआर पर ही मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।

 

## फतेहपुर के जहानाबाद में मिली कार और मोबाइल की लोकेशन
 पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार मेवालाल के नाम की है और घटना के वक्त उसके भी कार के अंदर ही मौजूद होने का आरोप है। पुलिस ने जब उस कार के नंबर प्लेट और आरोपियों के इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन की तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन को ट्रेस किया, तो उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के ही फतेहपुर जिले के जहानाबाद इलाके में मिली। फिलहाल इस मामले में सीसीटीवी फुटेज, गाड़ी की लोकेशन और परिजनों द्वारा दिए गए बयान पुलिस की आगे की जांच के लिए बेहद अहम कड़ियां साबित हो रहे हैं। पीड़ित परिवार लगातार यह मांग कर रहा है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके ऊपर कानून के तहत सबसे कठोर कार्रवाई की जाए। अब यह देखना बेहद अहम होगा कि पुलिस की आगे की जांच में और कौन-कौन से नए तथ्य खुलकर सामने आते हैं और इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस प्रशासन आगे क्या ठोस कदम उठाता है।

## इसका आप पर असर
इस दिल दहला देने वाली घटना ने कानपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और कानून-व्यवस्था पर पड़ता है।

- **भारत में:** देश भर में सड़क पर होने वाली हिंसा और सड़क सुरक्षा के मामलों में कानून-व्यवस्था की सख्ती पर नए सिरे से बहस छिड़ गई है। आम नागरिकों को रात के समय सुनसान रास्तों पर चलते समय अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता महसूस हो रही है।

- **कानपुर में:** स्थानीय निवासियों और विशेषकर रात के समय यात्रा करने वाले लोगों में भारी डर और रोष व्याप्त है। स्थानीय पुलिस प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ गश्त बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए जनता के दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दर्दनाक घटना पुरानी रंजिश और आपसी विवाद के परिणाम स्वरूप घटी, जहां दो पक्षों के बीच पहले से ही तनाव चल रहा था। मामले की जांच कर रही पुलिस और परिजनों के बयानों के अनुसार, कुछ दिन पहले आरोपियों और पीड़ित के बीच हुए विवाद के बाद इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

- **पुरानी रंजिश:** कुछ दिन पहले पीड़ित बीरू सिंह भदौरिया और मुख्य आरोपियों के बीच विवाद हुआ था, जो इस खूनी रंजिश की मुख्य वजह बना।

- **मेले से वापसी:** दशहरा मेले से लौट रहे युवक को आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से रास्ते में घेरकर इस वारदात को अंजाम दिया।

- **आपराधिक संलिप्तता:** आरोपियों ने कार का इस्तेमाल करके पहले टक्कर मारी और फिर बेरहमी से घसीटकर हत्या की इस घटना को अंजाम दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहाँ पर घटी?
यह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।

### 2. मृतक का नाम क्या था और वह क्या काम करते थे?
मृतक का नाम बीरू सिंह भदौरिया था और वे एक फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करते थे।

### 3. आरोपियों ने वारदात को कैसे अंजाम दिया?
आरोपियों ने पीड़ित को कार से टक्कर मारने के बाद कार की छत पर डालकर उनके दोनों हाथ खिड़कियों में फंसाए और शीशे बंद कर डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा।

### 4. वारदात में इस्तेमाल की गई कार किसकी थी?
रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में इस्तेमाल की गई कार मेवालाल की बताई गई है।

### 5. पुलिस ने कार और आरोपियों की लोकेशन कहाँ ट्रेस की?
पुलिस द्वारा तकनीकी सर्विलांस के जरिए कार और आरोपियों की लोकेशन फतेहपुर जिले के जहानाबाद में ट्रेस की गई।

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