कानपुर के चांदी कारखाने में सेंध लगाने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, 15 किलो से ज्यादा धातु बरामद कानपुर के चकेरी में एक चांदी कारखाने के कर्मचारी ने अपने पिता के साथ मिलकर कीमती धातु चोरी की, जिसे पुलिस ने रामादेवी फ्लाईओवर से बरामद कर लिया। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में एक चांदी प्रसंस्करण कारखाने के भीतर विश्वासघात और चोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कारखाने की कार्यप्रणाली को गहराई से समझ चुके एक युवा कर्मचारी ने अपने पिता के साथ मिलकर लगभग 18 किलो चांदी उड़ा ली थी। चकेरी थाना पुलिस ने निगरानी और तकनीकी पड़ताल के बल पर दोनों आरोपियों को दबोचते हुए उनके कब्जे से 15 किलो 140 ग्राम चांदी पाउडर बरामद कर लिया है। प्रसंस्करण की बारीकियों को समझकर रची गई पूरी साजिश जांच अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमेठी निवासी 21 वर्षीय विकास यादव और उसके 50 वर्षीय पिता बाबूलाल के रूप में की गई है। विकास पिछले करीब छह महीने से इसी चांदी कारखाने में नियमित रूप से काम कर रहा था। इस छह महीने के कार्यकाल में उसने कारखाने की हर छोटी-बड़ी गतिविधि, धातु के प्रसंस्करण की तकनीकी विधि और परिसर में होने वाली गतिविधियों की बारीक समझ हासिल कर ली थी। इसी अंदरूनी समझ का गलत इस्तेमाल करते हुए उसने कारखाने से कीमती धातु को गायब करने की योजना तैयार की और उसमें अपने पिता को भी शामिल कर लिया। 12 अक्टूबर की शिकायत और तकनीकी निगरानी से खुला राज कारखाना प्रबंधन को जब अपने स्टॉक में भारी कमी का आभास हुआ, तब 12 अक्टूबर को चकेरी थाने में लगभग 18 किलो चांदी चोरी होने की आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इतनी विशाल मात्रा में कीमती धातु की चोरी की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों ने कारखाने और आसपास के पूरे इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। इसके साथ ही संदिग्ध नंबरों की सर्विलांस जांच भी तेज की गई। इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और सीसीटीवी साक्ष्यों के आपसी मिलान से पुलिस को विकास की संदिग्ध गतिविधियों के पुख्ता सुराग हासिल हो गए। बीमार रिश्तेदार के ठिकाने पर रखा गया था चोरी का माल पूछताछ में यह तथ्य उजागर हुआ कि विकास ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद उस चांदी पाउडर को बाजार में बेचने की जल्दबाजी नहीं दिखाई। पकड़े जाने के डर से उसने इस पूरी खेप को अपनी एक बीमार चाची के घर पर अस्थायी रूप से छिपाकर रख दिया था। दोनों आरोपियों की मंशा यह थी कि जब मामले की शुरुआती हलचल शांत हो जाए, तब किसी कबाड़ी अथवा गुप्त खरीदार के जरिए इस चांदी को धीरे-धीरे ठिकाने लगाकर नकदी बनाई जाए। हालांकि, इससे पहले कि वे इस माल को किसी तीसरे व्यक्ति तक पहुंचा पाते, कानून के हाथ उन तक पहुंच गए। रामादेवी फ्लाईओवर पर सुबह-सुबह बिछाया गया जाल सर्विलांस से मिली सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस दल ने 14 अक्टूबर की भोर में घेराबंदी शुरू की। सुबह करीब 4:40 बजे रामादेवी से लखनऊ की तरफ जाने वाले मार्ग पर स्थित फ्लाईओवर के ऊपर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को रोका। तलाशी लेने पर विकास यादव के पास से 11 किलो 830 ग्राम और उसके पिता बाबूलाल के थैले से 3 किलो 310 ग्राम चांदी पाउडर बरामद किया गया। दोनों के पास से कुल 15 किलो 140 ग्राम धातु बरामद हुई, जिसे जब्त कर लिया गया है। मात्रा के अंतर की पड़ताल और कानूनी शिकंजा कारखाना प्रबंधन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में करीब 18 किलो चांदी गायब होने की बात कही गई थी, जबकि पुलिस ने मौके से 15.140 किलो चांदी पाउडर बरामद किया है। पुलिस अधिकारी अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं कि बाकी बचे करीब तीन किलो से कम के अंतर का क्या हुआ, क्या आरोपियों ने कुछ हिस्सा पहले ही किसी को दे दिया था या वजन के आकलन में कोई अंतर रहा। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसका आप पर असर औद्योगिक इकाइयों में अंदरूनी कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली चोरियों पर कानून का शिकंजा कसने से सुरक्षा नियमों और पृष्ठभूमि सत्यापन की जरूरत साफ नजर आती है। • भारत में: विनिर्माण और कीमती धातुओं के प्रसंस्करण क्षेत्र में काम करने वाले उद्योगों को अपने यहां इनवेंटरी जांच और सीसीटीवी निगरानी के नियम और सख्त करने होंगे। इस तरह के खुलासों से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नियमित ऑडिट और आंतरिक सुरक्षा ऑडिट का महत्व समझ आता है। • कानपुर में: रामादेवी और चकेरी औद्योगिक क्षेत्र के कारखानों में बाहरी जिलों से आने वाले कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन में तेजी लाई जाएगी। स्थानीय कबाड़ियों और बुलियन व्यापारियों को भी बिना बिल या संदिग्ध स्रोतों से धातु पाउडर खरीदने से बचने की हिदायत दी गई है। • उद्योग मालिकों के लिए: मूल्यवान धातुओं की प्रतिदिन तौल और शिफ्ट बदलने के दौरान तलाशी के प्रोटोकॉल को कड़ाई से लागू करना अनिवार्य हो जाता है। इससे कर्मचारियों द्वारा धीरे-धीरे सामग्री गायब करने के जोखिम को समय रहते रोका जा सकता है। • कानूनी कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा चलने से कार्यस्थल पर अमानत में खयानत करने वालों के लिए यह एक कड़ा संदेश है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना कारखाने में काम करने वाले कर्मचारी द्वारा छह महीने के दौरान हासिल की गई अंदरूनी जानकारी और निगरानी व्यवस्था में खामियों का फायदा उठाकर अंजाम दी गई। • अंदरूनी पहुंच और प्रक्रिया की समझ: मुख्य आरोपी विकास यादव पिछले छह महीने से कारखाने में कार्यरत था, जिससे उसे चांदी के शोधन, वजन और भंडारण की पूरी दिनचर्या का सटीक अंदाजा हो गया था। इसी नियमित पहुंच ने उसे बिना किसी बाहरी संदेह के धातु चुराने का मौका दिया। • निगरानी और भौतिक तलाशी का अभाव: कारखाने से 18 किलो जैसी बड़ी मात्रा में धातु का निकल जाना यह दर्शाता है कि दैनिक शिफ्ट समाप्ति पर तलाशी या वजन का कड़ा मिलान समय पर नहीं हो रहा था। इस तकनीकी चूक का फायदा उठाकर आरोपी माल को बाहर निकालने में सफल रहा। • अपराध में पारिवारिक साझेदारी: आरोपी ने चुराई गई धातु को अकेले संभालने के बजाय अपने पिता को शामिल किया ताकि परिवहन और बिक्री की व्यवस्था को अंजाम दिया जा सके। • छिपाने और खपाने की रणनीति: माल को सीधे बाजार में ले जाने के बजाय एक बीमार रिश्तेदार के घर छिपाया गया ताकि मामला ठंडा पड़ने पर कबाड़ियों के नेटवर्क से नकदी जुटाई जा सके। सवाल-जवाब 1. कानपुर में चांदी चोरी की यह घटना किस थाना क्षेत्र की है? यह घटना कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में स्थित एक चांदी प्रोसेसिंग कारखाने की है। 2. पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है? पुलिस ने अमेठी निवासी 21 वर्षीय विकास यादव और उसके 50 वर्षीय पिता बाबूलाल को गिरफ्तार किया है। 3. आरोपियों के कब्जे से कुल कितनी चांदी बरामद हुई है? पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 किलो 140 ग्राम चांदी पाउडर बरामद किया है। 4. दोनों आरोपियों को कब और कहां से पकड़ा गया? दोनों को 14 अक्टूबर की सुबह करीब 4:40 बजे रामादेवी से लखनऊ जाने वाले मार्ग पर फ्लाईओवर से पकड़ा गया। 5. कारखाने से कितनी चांदी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी? कारखाना प्रबंधन ने 12 अक्टूबर को करीब 18 किलो चांदी चोरी होने की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। 6. चोरी की गई चांदी को आरोपियों ने कहां छिपाकर रखा था? पूछताछ के अनुसार विकास ने चोरी की चांदी को अपनी बीमार चाची के घर पर छिपाकर रखा था। https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-ke-chandi-karakhane-men-sendha-lagane-vale-pita-putra-giraphtara-15-kilo-se-jyada-dhatu-baramada-47463 TrendKia — Har trend, sabse pehle.