कानपुर के कोटरा मकरनपुर में टेसू-झांझिया उत्सव के दौरान हर्ष फायरिंग, गोली लगने से बुजुर्ग की मौत कानपुर के कोटरा मकरनपुर गांव में टेसू-झांझिया लोक परंपरा के जश्न के दौरान चली दुनाली बंदूक की गोली 60 वर्षीय बुजुर्ग के सीने में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी गुड्डू सिंह को गिरफ्तार कर असलहा बरामद कर लिया है। कानपुर स्थित कोटरा मकरनपुर गांव में पारंपरिक लोक उत्सव टेसू-झांझिया का आयोजन चल रहा था, जहां अचानक चली एक गोली ने पूरे गांव के उल्लास को मातम में बदल दिया। लोकगीतों की गूंज और त्योहार के माहौल के बीच हुई हर्ष फायरिंग ने एक परिवार के बुजुर्ग मुखिया को छीन लिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 60 वर्षीय सुवालाल उर्फ रामखेलावन निषाद की जान चली गई। वारदात के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व तनाव फैल गया। सीने में लगी गोली और अस्पताल में तोड़ा दम कोटरा मकरनपुर के रहने वाले सुवालाल उर्फ रामखेलावन निषाद गांव में आयोजित टेसू-झांझिया कार्यक्रम का हिस्सा बने हुए थे। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों में से किसी ने नशे की हालत में अपनी दुनाली बंदूक निकाली और हवा में गोलियां दागनी शुरू कर दीं। इस अंधाधुंध हर्ष फायरिंग के बीच एक सीधी गोली सुवालाल के सीने में जा धंसी। गोली लगते ही बुजुर्ग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े और अचेत हो गए। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल उन्हें संभाला। आनन-फानन में परिवार के सदस्य उन्हें घाटमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। वहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने सुवालाल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की घोषणा सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जिस घर में थोड़ी देर पहले तक उत्सव की रौनक थी, वहां अचानक बुजुर्ग की असमय मौत से सन्नाटा और रुदन पसर गया। परिजनों के आरोप और नामजदगी मृतक बुजुर्ग के बेटे अजय ने बताया कि टेसू-झांझिया का कार्यक्रम चल रहा था, तभी उन्हें अचानक वहां गोली चलने की जानकारी मिली। अजय जब भागकर मौके पर पहुंचे, तो उनके पिता गंभीर रूप से घायल अवस्था में जमीन पर पड़े थे और उनके सीने से खून बह रहा था। परिजन तुरंत उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती बातचीत में परिजनों ने गांव के ही अन्नू सिंह ठाकुर पर नशे की हालत में दुनाली बंदूक से अंधाधुंध हर्ष फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगाया था। उनका कहना था कि इसी लापरवाही भरी गोलीबारी में सुवालाल को गोली लगी। हालांकि, पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी में मुख्य अभियुक्त के रूप में गुड्डू सिंह का नाम सामने आया है और उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। पुलिस दोनों नामों और घटना के समय मौजूद अन्य व्यक्तियों की असल भूमिका की बारीकी से पड़ताल कर रही है। पुलिस की कानूनी कार्रवाई और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल कोटरा मकरनपुर गांव पहुंचा और आवश्यक जांच शुरू की। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ-साथ पीड़ित परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। घाटमपुर के सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णकान्त ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया और मुख्य अभियुक्त गुड्डू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सहायक पुलिस आयुक्त के अनुसार, पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया असलहा भी बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही दो अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच अधिकारी घटना की हर परिस्थिति, फायरिंग के दौरान असलहा थामने वाले और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका के आधार पर ठोस साक्ष्य जुटाकर आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी करेंगे। परंपरा का उल्लास और सार्वजनिक आयोजनों में फायरिंग का खतरा टेसू-झांझिया उत्तर भारत के ग्रामीण अंचलों में शरद पूर्णिमा के आसपास उत्साहपूर्वक मनाई जाने वाली एक बेहद पुरानी लोक परंपरा है। इस आयोजन में टेसू को दूल्हा और झांझी को दुल्हन मानकर सजाया जाता है। गांव के बच्चे और बड़े पारंपरिक गीत गाते हुए इनके प्रतीकात्मक विवाह की रस्में पूरी करते हैं। धार्मिक व सांस्कृतिक मान्यताओं में इस लोक कथा का संबंध महाभारत काल के वीर बर्बरीक से भी जोड़ा जाता है। कोटरा मकरनपुर में इसी पावन लोक परंपरा के जश्न के बीच चली गोली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। नशे में की गई एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने एक बेकसूर बुजुर्ग की जिंदगी खत्म कर दी और पूरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे दिया। पुलिस द्वारा असलहा जब्ती और गिरफ्तारी के बाद गांव में स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे। इसका आप पर असर सार्वजनिक और लोक उत्सवों में अवैध हर्ष फायरिंग निर्दोष लोगों के जीवन के लिए सीधा खतरा पैदा करती है। • भारत में: देश भर में सामाजिक कार्यक्रमों और त्योहारों में शस्त्र प्रदर्शन व हर्ष फायरिंग पर कानूनी प्रतिबंध है। इस प्रकार की लापरवाही गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर गैर-जमानती मुकदमों का कारण बनती है। • कानपुर में: ग्रामीण इलाकों में होने वाले पारंपरिक उत्सवों में स्थानीय प्रशासन अब हथियारों के प्रदर्शन को लेकर निगरानी सख्त करेगा। कोटरा मकरनपुर और आसपास के गांवों में किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पहले पुलिस सत्यापन और आयोजकों की जवाबदेही तय की जाएगी। • नागरिकों की सुरक्षा: किसी भी सार्वजनिक या घरेलू उत्सव में हथियार लहराने या गोली चलाने वालों की सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए। भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में लाइसेंसी असलहे लेकर जाने पर भी शस्त्र निरस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है। • पीड़ित परिवार के अधिकार: ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष को विधिक सहायता और शासकीय नियमों के तहत मुआवजे की मांग के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने का अधिकार होता है। परिजनों को समय रहते प्राथमिक सूचना रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सुरक्षित रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक उत्सव के दौरान नशे की हालत में लाई गई दुनाली बंदूक से की गई अंधाधुंध हर्ष फायरिंग के कारण यह दुखद घटना घटित हुई। • नशे में हथियार का उपयोग: कार्यक्रम में मौजूद व्यक्ति अत्यधिक नशे की हालत में था और उसने होश खोकर दोनाली बंदूक से हवा में फायरिंग शुरू कर दी। नियंत्रण बिगड़ने के कारण गोली सीधे सामने खड़े बुजुर्ग के सीने में जा लगी। • भीड़भाड़ में सुरक्षा का अभाव: टेसू-झांझिया जैसे लोक आयोजनों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे एकत्रित होते हैं, जहां हथियारों के प्रवेश को रोकने की कोई औपचारिक व्यवस्था नहीं थी। इसी ढिलाई का फायदा उठाकर हथियारबंद व्यक्ति भीड़ के बीच पहुंच गया। • हर्ष फायरिंग की कुप्रथा: ग्रामीण उत्सवों और वैवाहिक समारोहों में रुतबा दिखाने के लिए गोलियां चलाने की प्रवृत्ति पहले भी कई जानलेवा हादसों का कारण बन चुकी है। सख्त कानूनों के बावजूद मौके पर मौजूद लोगों द्वारा समय रहते विरोध न करने से ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाती हैं। सवाल-जवाब 1. कानपुर के कोटरा मकरनपुर गांव में क्या घटना हुई? टेसू-झांझिया उत्सव के दौरान नशे की हालत में की गई हर्ष फायरिंग में 60 वर्षीय सुवालाल उर्फ रामखेलावन निषाद के सीने में गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। 2. पीड़ित बुजुर्ग को घटना के बाद किस अस्पताल ले जाया गया था? परिजनों द्वारा बुजुर्ग को तत्काल घाटमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 3. मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के तौर पर किसे गिरफ्तार किया है? घाटमपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त गुड्डू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त असलहा भी बरामद किया है। 4. क्या पुलिस ने इस मामले में अन्य लोगों को भी पकड़ा है? पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। 5. परिजनों ने शुरुआत में किस व्यक्ति पर गोली चलाने का आरोप लगाया था? मृतक के परिजनों ने गांव के अन्नू सिंह ठाकुर पर नशे की हालत में दुनाली बंदूक से फायरिंग करने का आरोप लगाया था। 6. टेसू-झांझिया क्या है और यह कब मनाया जाता है? यह उत्तर भारत की एक पारंपरिक लोक प्रथा है, जो शरद पूर्णिमा के आसपास मनाई जाती है और जिसमें टेसू व झांझी का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-ke-kotra-makanpur-men-tesu-jhanjhiya-utsava-ke-daurana-harsha-phayaringa-goli-lagane-se-bujurga-ki-mauta-51718 TrendKia — Har trend, sabse pehle.