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  "type": "article",
  "title": "कानपुर के पुरवामीर में घर का आंगन धंसा, 20 फीट गहरे गड्ढे में समाई 18 वर्षीय यशी, NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित पुरवामीर गांव में रक्षाबंधन की तैयारियों के दौरान घर का आंगन अचानक धंस गया, जिससे 18 वर्षीय यशी 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। मौके पर NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला अंतर्गत महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत खौफनाक दुर्घटना घटी। अपने घर के भीतर रक्षाबंधन त्यौहार की तैयारियों में लगी एक 18 वर्षीय युवती के पैरों तले अचानक पक्की जमीन खिसक गई। घर का पक्का आंगन ताश के पत्तों की तरह ढह गया और देखते ही देखते युवती यशी लगभग 20 फीट गहरे अंधेरे गड्ढे में जा समाई। इस अचानक हुई घटना से मकान के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। परिजनों के रोने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर आसपास रहने वाले तमाम ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत स्थानीय महाराजपुर थाना पुलिस एवं राहत एजेंसियों को आपातकालीन सूचना दी।\n\nपूजा की तैयारी के बीच अचानक ढहा मकान का आंगन\nहादसे का शिकार हुई युवती यशी के परिजनों ने बताया कि घर में सुबह से ही रक्षाबंधन पर्व को लेकर खुशियों भरा माहौल था। यशी सुबह स्नान करने के बाद बाथरूम से बाहर निकली ही थी। वह धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजन सामग्री की थाली तैयार कर गांव स्थित कजलिया तालाब पर जाने की योजना बना रही थी। इसी दौरान महज दो से तीन सेकंड के भीतर आंगन का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। यशी को वहां से हटने या खुद को संभालने का जरा सा भी मौका नहीं मिल सका और वह सीधे 20 फीट गहराई में चले गए गड्ढे के भीतर गिर गई।\n\nराहत कार्य में जमीन की कमजोरी बनी चुनौती, बरामदा गिराया गया\nहादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंची महाराजपुर पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दमकल विभाग, NDRF और SDRF की विशेष रेस्क्यू टीमों को तुरंत मौके पर तलब किया। राहतकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि गड्ढे के आसपास मौजूद बाकी जमीन भी काफी कमजोर और जर्जर स्थिति में दिख रही थी। किसी भी प्रकार की भारी मशीनरी का सीधा प्रयोग दोबारा मिट्टी खिसका सकता था और रेस्क्यू दल के लिए भी खतरा बन सकता था। इसीलिए बेहद सावधानी बरतते हुए बचाव दल ने सबसे पहले मकान के बरामदे के एक हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इसके बाद JCB मशीन की सहायता से गड्ढे के किनारे-किनारे खुदाई करके युवती तक सुरक्षित पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जा रहा है।\n\nतीन साल पुरानी बोरिंग और बारिश के रिसाव पर गहराया शक\nयुवती के पिता विनोद सविता ने घटना के संभावित कारणों की जानकारी देते हुए बताया कि करीब तीन साल पहले उन्होंने अपने मकान के आंगन में पानी के लिए बोरवेल की बोरिंग कराई थी। हालांकि उस वक्त वह बोरिंग असफल साबित हुई थी और उसमें पानी नहीं निकल पाया था। इसके पश्चात परिजनों ने मकान के बाहर दूसरी जगह नई बोरिंग करवाई थी। परिजनों को आशंका है कि घर के भीतर कराई गई पुरानी निष्प्रयोज्य बोरिंग के कारण जमीन की गहराई में एक बड़ा खोखलापन या सुरंग जैसी जगह बनी रह गई थी। हाल के दिनों में हुई तेज और लगातार बारिश का पानी फर्श के नीचे तक चला गया, जिससे भूमिगत मिट्टी पूरी तरह गलकर बह गई और ऊपर की जमीन कमजोर होकर अचानक धंस गई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक तकनीकी कारणों का पता रेस्क्यू पूरा होने के बाद विशेषज्ञों की जांच से ही चल पाएगा।\n\nगांव में पसरा सन्नाटा, NDRF-SDRF का रेस्क्यू जारी\nफिलहाल घटना स्थल पर NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की कई टीमें भारी मशीनों के साथ लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। गांव पुरवामीर में इस दुखद हादसे के बाद से ही भारी तनाव का माहौल है और सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमी हुई है। परिजन और ग्रामीण यशी के सकुशल बाहर निकलने के लिए लगातार प्रार्थनाएं कर रहे हैं। जिले के आला अधिकारी मौके पर रहकर हर पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि 20 फीट गहरे गड्ढे में फंसी यशी को बिना किसी और नुकसान के कितनी जल्दी बाहर निकाला जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nकानपुर के पुरवामीर गांव में हुई यह दुर्घटना रिहाइशी मकानों में बोरवेल की पुरानी स्थिति और जलभराव के खतरों को रेखांकित करती है।\n\n• भारत में: देश भर में घरों के भीतर पुरानी या असफल बोरिंग को ठीक से बंद न करने पर भारी जोखिम बना रहता है। मानसून के दौरान ऐसे गड्ढे धंसने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इनकी नियमित सुरक्षा जांच जरूरी है।\n• कानपुर (उत्तर प्रदेश) में: स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव वाले इलाकों में पुरानी बोरिंग तथा जर्जर निर्माणों का निरीक्षण कराने की सलाह दी जाती है। इससे भविष्य में ऐसी अनहोनी की घटनाओं को रोका जा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह हादसा कहां और कब हुआ?\nयह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित पुरवामीर गांव में शुक्रवार सुबह हुई।\n\n2. 20 फीट गहरे गड्ढे में कौन गिरा है?\n18 वर्षीय यशी अपने घर के आंगन में जमीन धंसने के कारण 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई।\n\n3. हादसा किस समय और क्या करते वक्त हुआ?\nयशी सुबह स्नान करने के बाद रक्षाबंधन पूजन सामग्री लेकर कजलिया तालाब जाने की तैयारी कर रही थी, तभी आंगन की जमीन धंस गई।\n\n4. जमीन धंसने का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है?\nकरीब तीन साल पहले घर के अंदर की गई असफल बोरिंग और लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर होना इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।\n\n5. युवती को बचाने के लिए कौन-सी टीमें तैनात हैं?\nNDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें JCB मशीन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।\n\n6. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घर में क्या बदलाव किया गया?\nराहत दल ने गड्ढे तक पहुंचने और JCB से खुदाई का रास्ता बनाने के लिए घर के बरामदे का एक हिस्सा गिरा दिया।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-08-28",
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    "कानपुर हादसा",
    "पुरवामीर गांव",
    "आंगन धंसा",
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    "बोरवेल हादसा"
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