# कानपुर के रेस्तरां में देर रात हुक्का न मिलने पर मारपीट और बदसलूकी, दरोगा और सिपाही निलंबित

> कानपुर के स्वरूप नगर स्थित एक रेस्तरां में हुक्का देने से इनकार करने पर चार युवकों ने कर्मचारियों से मारपीट की और युवतियों पर फब्तियां कसीं। मामले में संलिप्त पाए जाने पर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-ke-restaran-men-dera-rata-hukka-na-milane-para-marapita-aura-badasaluki-daroga-aura-sipahi-nilnbita-46989 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर पुलिस, स्वरूप नगर, हुक्का विवाद, पुलिस निलंबन, उत्तर प्रदेश अपराध

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित स्वरूप नगर इलाके में देर रात एक रेस्तरां के भीतर उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब ग्राहकों की हुक्का पीने की मांग पूरी नहीं हो सकी। हुक्का उपलब्ध कराने से मना करने पर कार सवार युवकों ने कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक शुरू की, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस घटना के दौरान रेस्तरां कर्मचारियों को पीटा गया, उनके कपड़े फाड़ दिए गए और वहां मौजूद युवतियों पर भद्दी टिप्पणियां की गईं। सुरक्षा कैमरे में कैद हुए इस बवाल की जांच के बाद विभाग ने दो आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

## हुक्का परोसने से मना करने पर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार देर रात लगभग 2:30 बजे चार युवक एक कार में सवार होकर स्वरूप नगर के टर्नऑन रेस्तरां पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही उन्होंने स्टाफ से हुक्का परोसने को कहा। जब रेस्तरां कर्मियों ने नियमों या उपलब्धता के चलते हुक्का देने से साफ इनकार कर दिया, तो युवक भड़क उठे और गाली-गलौज करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि चारों ने मिलकर कर्मचारियों को मारना-पीटना शुरू कर दिया।

रेस्तरां के अंदर शुरू हुई यह हाथापाई कुछ ही पलों में सड़क तक आ पहुंची। आक्रोशित युवकों ने कर्मचारियों के कपड़े तक फाड़ डाले। यह पूरा हंगामा रात 2:30 बजे से लेकर 3:00 बजे तक करीब आधे घंटे तक चलता रहा। सड़क पर मचे इस उपद्रव को देखकर आसपास मौजूद राहगीरों और लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया, जिससे घटना का फुटेज सोशल मीडिया पर भी फैल गया।

## युवतियों पर अभद्र फब्तियां कसने का आरोप
हंगामे के दौरान ही कुछ युवतियां रेस्तरां में अपना छूटा हुआ मोबाइल फोन वापस लेने पहुंची थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उपद्रव कर रहे युवकों ने उन युवतियों को देखकर अशोभनीय और आपत्तिजनक फब्तियां कसीं। इस अशोभनीय व्यवहार के बाद मौके पर अफरा-तफरी और डर का माहौल गहरा गया। रेस्तरां परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया, जिसके आधार पर अब आरोपों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

## दरोगा और सिपाही की संलिप्तता आई सामने
उपद्रव करने वाले चारों लोगों में से दो की पहचान पुलिसकर्मियों के रूप में हुई है। इनमें से एक दरोगा सेंट्रल जोन के एक थाने में तैनात है, जबकि दूसरा एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत का हमराही बताया गया है। उनके साथ दो अन्य अज्ञात साथी भी थे। चश्मदीदों के मुताबिक, जब विवाद गहराया तो एसीपी के हमराही ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए फोन करके स्वरूप नगर चौकी प्रभारी और थाने की पुलिस को मौके पर बुलाने की कोशिश की थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस बल के पहुंचने से पहले ही चारों युवक मौके से फरार हो गए।

## जांच के बाद दो पुलिसकर्मी किए गए निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने तुरंत संज्ञान लिया और इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच एसीपी स्वरूप नगर ज्योति श्री को सौंप दी। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए थे कि अगर जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

कमिश्नरेट कानपुर नगर की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्वरूप नगर रेस्तरां विवाद में दोनों पुलिसकर्मियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। संबंधित पुलिस उपायुक्त ने तुरंत प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया है। इस मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है, जिससे वर्दी की साख को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण पर कड़ा संदेश दिया जा सके।

## इसका आप पर असर
कानपुर में देर रात रेस्तरां में हुई इस घटना और पुलिसकर्मियों के निलंबन से आम नागरिकों और व्यवसायियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।

- **कानपुर में:** देर रात बाहर निकलने वाले नागरिकों और रेस्तरां संचालकों के लिए पुलिस गश्त और सुरक्षा नियमों की निगरानी सख्त की जा सकती है। देर रात तक संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों पर समय सीमा और नियमों के पालन की अतिरिक्त जांच शुरू हो सकती है।
- **भारत में:** किसी भी सार्वजनिक स्थान पर वर्दीधारी या सरकारी कर्मचारियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के खिलाफ तुरंत शिकायत दर्ज कराने और सीसीटीवी साक्ष्य जुटाने की अहमियत रेखांकित होती है। नागरिक ऐसे मामलों में सीधे वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस कमिश्नरेट से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
स्वरूप नगर के रेस्तरां में देर रात हुआ यह विवाद हुक्का परोसने से इनकार किए जाने के बाद शुरू हुआ, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया।

- **हुक्का परोसने से मना करना:** कार सवार युवकों ने देर रात रेस्तरां स्टाफ से हुक्का मांगा था। कर्मचारियों द्वारा हुक्का देने से इनकार करने पर युवकों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
- **प्रभाव का दुरुपयोग:** विवाद में शामिल युवकों में एक दरोगा और एसीपी के हमराही का शामिल होना था, जिन्होंने स्थिति को संभालने के बजाय स्थानीय पुलिस को बुलाने की कोशिश की और खुद मौके से भाग गए।
- **विभागीय जांच का निष्कर्ष:** घटना के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर एसीपी स्वरूप नगर ज्योति श्री की जांच में दोनों पुलिसकर्मियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया, जिसके बाद डीसीपी ने उनके निलंबन का आदेश दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर के स्वरूप नगर में विवाद किस बात को लेकर हुआ था?
शनिवार देर रात करीब 2:30 बजे रेस्तरां में हुक्का देने से इनकार करने पर युवकों ने स्टाफ के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू की थी।

### 2. इस मामले में किन पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई है?
सेंट्रल जोन के थाने में तैनात एक दरोगा और एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत के हमराही सिपाही की संलिप्तता सामने आई है।

### 3. पुलिस विभाग ने आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस उपायुक्त ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

### 4. मामले की जांच किस अधिकारी को सौंपी गई थी?
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले की जांच एसीपी स्वरूप नगर ज्योति श्री को सौंपी थी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._