# कानपुर के उजागर गांव में नए खरीदे बाग की जोताई पर खूनी संघर्ष, 12 बोर की बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग में चार घायल

> कानपुर के बिधनू इलाके में 15 दिन पहले खरीदे गए एक बाग में जुताई करने पहुंचे लोगों पर दूसरे पक्ष ने 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से गोलियां चला दीं। छर्रे लगने और मारपीट से चार लोग घायल हुए हैं, जबकि मुख्य हमलावर को हथियार समेत गिरफ्तार कर लिया गया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-ke-ujagara-ganva-men-nae-kharide-baga-ki-jotai-para-khuni-sngharsha-12-bora-ki-bnduka-se-tabaratora-phayaringa-men-chara-gh-56570 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर, बिधनू, उजागर गांव, जमीन विवाद, गोलीबारी, घाटमपुर, उत्तर प्रदेश अपराध

कानपुर के ग्रामीण इलाके में एक बाग की मिल्कियत और उस पर खेती शुरू करने को लेकर उठा विवाद अचानक हिंसक टकराव में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी तकरार देखते ही देखते लाठी-डंडों और हाथापाई तक जा पहुंची, जिसके बाद लाइसेंसी हथियार से कई राउंड गोलियां दागी गईं। बंदूक से छूटे छर्रों की चपेट में आने से तीन लोगों के पैर छलनी हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हुआ है। सरेआम हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

## नए खरीदे गए बाग में जुताई करने पहुंचे थे ग्रामीण
यह पूरा खूनी संघर्ष कानपुर जनपद के बिधनू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उजागर गांव में बुधवार दोपहर को पेश आया। विवाद के केंद्र में एक बाग की जमीन है, जिसे एक पक्ष ने लगभग 15 दिन पहले ही खरीदा था। बुधवार के दिन इस नई जमीन पर खेती का काम शुरू करने और खेत की जुताई करने के इरादे से खरीदार पक्ष के लोग ट्रैक्टर और कृषि उपकरण लेकर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने जमीन जोतना शुरू किया, दूसरे पक्ष के लोगों ने वहां पहुंचकर कड़ा ऐतराज जताया और काम तुरंत रोकने का दबाव बनाने लगे।

खेती के अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले काफी देर तक जुबानी बहस चलती रही। देखते ही देखते दोनों ओर से तनाव भड़क गया और लोग आपस में उलझ पड़े। दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण बातचीत का रास्ता बंद हो गया और खेत जंग के मैदान में तब्दील हो गया।

## 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से चलाई गईं कई गोलियां
मारपीट के दौरान ही दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति ने अपना आपा खो दिया और घर से अपनी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक निकाल लाया। उसने सामने खड़े लोगों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुए धमाकों की आवाज से पूरा गांव दहल उठा। फायरिंग के दौरान बंदूक की नाल से निकले छर्रे सीधे तीन ग्रामीणों के पैरों में जा धंसे, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। वहीं, चौथे व्यक्ति को भी संघर्ष के दौरान अंदरूनी और बाहरी चोटें आईं।

गोलीबारी की सूचना मिलते ही बिधनू थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी बल के साथ उजागर गांव पहुंची। पुलिस कर्मियों ने खून से लथपथ पड़े घायलों को संभाला और आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की निगरानी में चौथे व्यक्ति की चोट की प्रकृति की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसे भी छर्रे लगे हैं या वह मारपीट में जख्मी हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी चारों घायलों की हालत स्थिर है और किसी की जान को कोई खतरा नहीं है।

## मुख्य हमलावर हथियार सहित गिरफ्तार, कानूनी प्रक्रिया शुरू
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करते हुए फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक भी अपने कब्जे में ले ली है। घाटमपुर के एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है।

शुरुआती पड़ताल में यह तथ्य पुख्ता हुआ है कि विवादित बाग की रजिस्ट्री या खरीद-फरोख्त महज 15 दिन पहले ही अंजाम दी गई थी। अब तक की जांच में इस टुकड़े को लेकर किसी बहुत पुराने पारिवारिक या जमीनी विवाद की बात सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों की तरफ से लिखित तहरीर मिलने का इंतजार किया जा रहा है। औपचारिक शिकायत दर्ज होते ही सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

## इसका आप पर असर
जमीनी सौदों और कृषि भूमि पर कब्जे के दौरान होने वाले विवाद गंभीर कानूनी और सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं।

- **कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में:** जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद बिना स्पष्ट सीमांकन या स्थानीय सहमति के जुताई करने से पड़ोसियों या पुराने दावेदारों से हिंसक टकराव हो सकता है। किसी भी विवादित जमीन पर काम शुरू करने से पहले राजस्व विभाग और पुलिस से स्थिति स्पष्ट करवा लेना ही सुरक्षित रहता है।
- **लाइसेंसी हथियार धारकों के लिए:** आपसी मारपीट या जमीन के झगड़े में लाइसेंसी बंदूक का इस्तेमाल करने पर तत्काल गिरफ्तारी और शस्त्र लाइसेंस रद्द होने की नौबत आती है। कानूनन आत्मरक्षा के अलावा किसी भी विवाद में निजी हथियार लहराना या गोली चलाना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।
- **संपत्ति खरीदारों के लिए:** किसी भी बाग या कृषि भूखंड को खरीदने से पहले 15 दिन या उससे पुराने कब्जेदार के दावों की पूरी पड़ताल राजस्व अभिलेखों से करनी चाहिए। कागजी रजिस्ट्री के साथ-साथ भौतिक दखल के समय सावधानी बरतना भारी कानूनी झंझटों से बचा सकता है।
- **ग्रामीणों और पड़ोसियों के लिए:** खेतों में होने वाली अचानक गोलीबारी से राहगीरों और आसपास के लोगों को छर्रे लगने का भारी खतरा रहता है। जमीन को लेकर मारपीट की नौबत आते ही खुद उलझने के बजाय फौरन डायल 112 या स्थानीय थाने को सूचित करना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना 15 दिन पहले खरीदे गए एक बाग की जुताई को लेकर दो पक्षों के बीच उपजे तात्कालिक गतिरोध और लाइसेंसी हथियार के अनियंत्रित इस्तेमाल के कारण हुई।

- **तात्कालिक कारण:** बुधवार दोपहर को एक पक्ष जब नव-क्रय बाग में खेती करने के लिए हल चलाने पहुंचा, तो दूसरे पक्ष ने मौके पर आकर काम का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प और लाठी-डंडों की मारपीट का रूप ले लिया।
- **तनाव भड़कने की परिस्थितियां:** जिस बाग को लेकर विवाद हुआ, उसकी खरीदारी केवल 15 दिन पहले ही की गई थी। नए स्वामित्व के बाद जमीन की जुताई को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोई पूर्व सहमति नहीं थी, जिससे खेत में आमना-सामना होते ही टकराव भड़क उठा।
- **हथियार का इस्तेमाल:** मारपीट के दौरान दूसरे पक्ष के एक शख्स ने गुस्से में आकर अपनी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक निकाल ली और कई चक्र गोलियां चला दीं। बंदूक से निकले छर्रों ने सामने खड़े ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे विवाद जानलेवा बन गया।
- **जांच और आगे की कार्रवाई:** प्राथमिक पूछताछ में किसी पुराने पारिवारिक विवाद की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को बंदूक सहित गिरफ्तार कर लिया है और तहरीर मिलने के बाद औपचारिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर में जमीन विवाद और गोलीबारी की यह घटना कहां हुई?
यह वारदात कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र स्थित उजागर गांव में बुधवार दोपहर को हुई।

### 2. विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था?
विवाद एक बाग की जमीन पर खेती करने और जुताई शुरू करने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ, जिसे एक पक्ष ने करीब 15 दिन पहले ही खरीदा था।

### 3. इस घटना में कितने लोग जख्मी हुए हैं?
इस घटना में कुल चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन लोगों के पैरों में बंदूक के छर्रे लगे हैं और एक अन्य व्यक्ति मारपीट में चोटिल हुआ है।

### 4. क्या घायलों की जान को कोई खतरा है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी चारों घायलों की हालत सामान्य और स्थिर है, और वे पूरी तरह खतरे से बाहर हैं।

### 5. हमलावर ने किस हथियार से गोलीबारी की थी?
हमलावर ने अपनी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से कई राउंड गोलियां चलाई थीं।

### 6. पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मुख्य आरोपी को घटना में प्रयुक्त 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक के साथ गिरफ्तार कर लिया है और लिखित तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।

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