कानपुर में अगरबत्ती और गुलाल बनाने के बहाने चल रहा था नकली पान मसाला का अवैध कारोबार, छापेमारी में मशीनें जब्त कानपुर के इस्पात नगर में अगरबत्ती और गुलाल निर्माण के नाम पर किराए पर ली गई इमारत में अवैध पान मसाला पैकेजिंग यूनिट पकड़ी गई, जहां से नामी ब्रांडों की सामग्री बरामद हुई। उत्तर प्रदेश के कानपुर में वाणिज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा (SIB), रेंज-डी की टीम ने इस्पात नगर इलाके में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यहां एक इमारत की पहली मंजिल को गुलाल और अगरबत्ती बनाने के नाम पर किराए पर लिया गया था, लेकिन इसकी आड़ में अवैध रूप से पान मसाला की पैकेजिंग की जा रही थी। कर विभाग के अधिकारियों ने जब ठिकाने पर अचानक छापा मारा, तो वहां नामी कंपनियों के ब्रांड वाली भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री, कच्चा माल और एक वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन बरामद हुई। छापेमारी के दौरान मौका पाकर फैक्ट्री संचालक रितिक अग्रवाल वहां से भागने में सफल रहा। वरिष्ठ अफसरों की टीम ने की छापेमारी इस पूरी कार्रवाई को वाणिज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में अंजाम दिया गया। टीम का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर सान्या छाबड़ा, कुमार आनंद और ज्वाइंट कमिश्नर सुशील गौतम कर रहे थे। अधिकारियों ने मौके से मिले सभी कच्चे माल, तैयार पैकेजिंग सामग्री और वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन को जब्त कर लिया। इस मामले में कर चोरी और अन्य कानूनी उल्लंघनों की आगे की जांच के लिए जब्त की गई सभी सामग्रियों को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग को सौंप दिया गया है। संचालक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और पुलिस जांच विभागीय जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि फरार फैक्ट्री संचालक रितिक अग्रवाल पर पहले भी कानून का शिकंजा कस चुका है। उसके खिलाफ बिधनू थाने में पूर्व में भी एक प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। इस्पात नगर में पकड़े गए इस गैरकानूनी परिसर को लेकर अब सीजीएसटी और अन्य संबंधित विभाग विस्तृत जांच में जुटे हैं। फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। कानपुर में अवैध कारोबारों पर लगातार शिकंजा कानपुर में गैरकानूनी गतिविधियों और तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियों की यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले बाबूपुरवा थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक मकान के गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में नशीला सिरप पकड़ा था। उस कार्रवाई में कोडीन युक्त सिरप की 25 हजार बोतलें बरामद की गई थीं, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ 95 लाख रुपये आंका गया था। उस मामले में बिहार के मधुबनी निवासी मिहिर कुमार ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था, जो फर्जी दस्तावेजों और फर्जी बिल्टी के जरिए नई दिल्ली की एक फर्म के नाम पर खेप मंगाकर प्रयागराज और वाराणसी समेत कई अन्य जिलों में सप्लाई करता था। इसका आप पर असर इस कार्रवाई से नकली और मिलावटी उत्पादों के अवैध कारोबार पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा होगी। • भारत में: देश भर में नामी ब्रांड्स के नाम पर नकली और अमानक उत्पाद बेचने वाले नेटवर्क पर सरकारी एजेंसियों की निगरानी सख्त होगी। इससे उपभोक्ताओं को बाजार में असली और सुरक्षित उत्पाद मिलने में मदद मिलेगी। • कानपुर में: स्थानीय स्तर पर औद्योगिक इलाकों में अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों और टैक्स चोरी के मामलों की गहन जांच शुरू होगी। किराए पर संपत्ति देने वाले मकान मालिकों और व्यापारियों को अब किरायेदारों के सत्यापन को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। • उपभोक्ताओं के लिए: बाजार में मिलने वाले खाद्य और तंबाकू उत्पादों की प्रामाणिकता की पुष्टि करना बेहद जरूरी हो जाता है। किसी भी संदिग्ध पैकेजिंग या मिलावट की शिकायत तुरंत संबंधित विभाग में दर्ज कराई जा सकती है। • कारोबारियों के लिए: नियमों का उल्लंघन करने और जीएसटी की चोरी करने वाली व्यावसायिक इकाइयों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ गया है। सभी पंजीकृत फर्मों को अपने परिसर और व्यावसायिक गतिविधियों का सही ब्योरा रखना होगा। ऐसा क्यों हुआ कानपुर के इस्पात नगर में अगरबत्ती और गुलाल निर्माण के बहाने परिसर किराए पर लेकर टैक्स चोरी और नकली पान मसाला बनाने का अवैध काम किया जा रहा था। वाणिज्य कर विभाग की विशेष शाखा को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई। • गोपनीय इनपुट और टैक्स चोरी: विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) को जानकारी मिली थी कि एक पंजीकृत व्यवसाय के नाम पर लिए गए परिसर में बिना टैक्स चुकाए दो प्रमुख ब्रांड्स के पान मसाला की अनधिकृत पैकेजिंग की जा रही थी। • संचालक का पुराना आपराधिक इतिहास: फैक्ट्री संचालक रितिक अग्रवाल पहले से ही बिधनू थाने में दर्ज आपराधिक मामले में शामिल रहा है, जिससे उसके संगठित तौर पर ऐसे अवैध काम में सक्रिय होने की पुष्टि होती है। • कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच: मौके से वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन और कच्चा माल मिलने के बाद जीएसटी चोरी और कॉपीराइट उल्लंघन के तहत मामला सीजीएसटी विभाग को स्थानांतरित किया गया है ताकि पूरे गिरोह का पता लगाया जा सके। सवाल-जवाब 1. कानपुर में यह छापेमारी किस इलाके में की गई? यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के इस्पात नगर इलाके में स्थित एक इमारत की पहली मंजिल पर की गई। 2. फैक्ट्री परिसर को किस काम के नाम पर किराए पर लिया गया था? परिसर को आधिकारिक तौर पर अगरबत्ती और गुलाल निर्माण के लिए किराए पर लिया गया था, लेकिन वहां अवैध पान मसाला पैकेजिंग चल रही थी। 3. छापेमारी के दौरान कौन-कौन से सामान बरामद किए गए? अधिकारियों ने मौके से दो नामी ब्रांडों की पैकेजिंग सामग्री, कच्चा माल और एक वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन जब्त की। 4. कार्रवाई का नेतृत्व किन अधिकारियों ने किया? इस छापेमारी का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर सान्या छाबड़ा, कुमार आनंद और ज्वाइंट कमिश्नर सुशील गौतम ने किया। 5. फैक्ट्री संचालक का क्या नाम है और उसके खिलाफ क्या जानकारी मिली है? संचालक का नाम रितिक अग्रवाल है, जो मौके से फरार हो गया और उसके खिलाफ बिधनू थाने में पहले भी केस दर्ज है। 6. जब्त की गई सामग्री को किस विभाग को सौंपा गया है? बरामद सामान और मशीन को आगे की कानूनी जांच और कार्रवाई के लिए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग को सौंपा गया है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-men-agarabatti-aura-gulala-banane-ke-bahane-chala-raha-tha-nakali-pana-masala-ka-avaidha-karobara-chhapemari-men-mashinen-j-45889 TrendKia — Har trend, sabse pehle.