# कानपुर में चचेरे भाई की जान लेने वाला रवि प्रजापति चढ़ा पुलिस के हत्थे

> काकादेव के शास्त्री नगर में मामूली तकरार के बाद हुई मारपीट में राकेश की जान चली गई थी। पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी रवि कुमार प्रजापति को 24 घंटे के अंदर धर दबोचा।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-men-chachere-bhai-ki-jana-lene-vala-ravi-prajapati-charha-pulisa-ke-hatthe-55774 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर पुलिस, काकादेव, शास्त्री नगर, रवि प्रजापति, हत्या का मामला, भारतीय न्याय संहिता

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से पारिवारिक कलह का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। काकादेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत शास्त्री नगर इलाके में दो सगे चचेरे भाइयों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस सनसनीखेज घटना के बाद सक्रिय हुई स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई को अंजाम देते हुए नामजद आरोपी को घटना के 24 घंटे पूरे होने से पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया है। पकड़े गए हमलावर की पहचान मतैय्यापुरवा निवासी 35 वर्षीय रवि कुमार प्रजापति के तौर पर की गई है। प्रशासनिक स्तर पर विधिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए पुलिस अब उसे अदालत में प्रस्तुत करने की तैयारी में जुटी हुई है।

## शास्त्री नगर की कुम्हार वाली गली में हुआ था खूनी विवाद
यह दुखद वाकया काकादेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शास्त्री नगर मोहल्ले के मतैय्यापुरवा स्थित कुम्हार वाली गली का है। यहां राकेश और उसका चचेरा भाई रवि कुमार आसपास ही रहते थे। बीते दिनों दोनों के बीच किसी घरेलू विषय को लेकर बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई। शुरुआती दौर में सामान्य प्रतीत होने वाली यह नोकझोंक पल भर में बेकाबू हो गई और दोनों पक्षों में हाथापाई होने लगी। इस मारपीट के दौरान राकेश गंभीर रूप से चोटिल हो गया। चोटों की गंभीरता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय बाद उसकी सांसें थम गईं। राकेश की असामयिक मृत्यु से पूरे परिवार में कोहराम मच गया, वहीं आसपास के इलाके में भारी तनाव फैल गया।

## भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज
अस्पताल और घर में मातम के बीच पीड़ित परिवार ने सीधे काकादेव थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों द्वारा सौंपी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस महकमे ने बिना विलंब किए अपराध संख्या 259/2026 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया। पुलिस प्रशासन ने नए आपराधिक कानून यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, धारा 352 तथा धारा 351(3) के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया है। मामले की संवेदनशीलता और इलाके के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने फौरन टीमें गठित कर आरोपी की घेराबंदी करने के सख्त निर्देश जारी किए थे।

## पुलिस टीम की त्वरित छापेमारी में दबोचा गया हमलावर
फरार आरोपी को पकड़ने के लिए डीसीपी सेंट्रल और एडीसीपी सेंट्रल के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में एक विशेष टीम तैयार की गई। स्वरूप नगर के एसीपी की निरंतर निगरानी और काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम की अगुवाई में पुलिस बल ने संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। मुखबिर तंत्र और सटीक सूचना के सहारे पुलिस टीम ने मतैय्यापुरवा, शास्त्री नगर के मकान नंबर 122/367 के बाशिंदे 35 वर्षीय रवि कुमार प्रजापति को हिरासत में ले लिया। इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम के साथ शास्त्री नगर पुलिस चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक नितिन कुमार, उपनिरीक्षक गौरी शंकर सिंह, मुख्य आरक्षी राजेश कुमार एवं आरक्षी अनूप सिंह मुख्य रूप से तैनात रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त घटना की तह तक जाने के लिए पुलिस पूरे घटनाक्रम के तमाम पहलुओं की गहन छानबीन कर रही है, ताकि विवाद के मूल कारण और मौत के स्पष्ट कारणों की समग्र कड़ियां जोड़ी जा सकें।

## इसका आप पर असर
घरेलू विवादों में अनियंत्रित गुस्सा और हिंसक झड़पें परिवारों को कानूनी और भावनात्मक रूप से बर्बाद कर सकती हैं।

- **कानूनी परिणाम:** मामूली तकरार के हिंसक रूप लेने पर सीधे गैर-इरादतन हत्या या हत्या जैसी गंभीर धाराएं लगती हैं। इसमें आरोपी को तुरंत गिरफ्तारी और वर्षों तक कठोर अदालती ट्रायल का सामना करना पड़ता है।
- **पारिवारिक और सामाजिक संकट:** आपस के झगड़े में जान जाने से पीड़ित और आरोपी दोनों के परिवार टूट जाते हैं। पड़ोस और रिश्तेदारों के बीच वर्षों पुरानी सामाजिक सौहार्द की भावना समाप्त हो जाती है।
- **कानपुर में:** काकादेव और शास्त्री नगर के स्थानीय निवासियों के लिए पुलिस की तेज कार्रवाई सुरक्षा का भरोसा दिलाती है। इलाके में किसी भी विवाद की स्थिति में फौरन पुलिस मध्यस्थता का सहारा लेना चाहिए।
- **भारत में:** देश भर के नागरिकों को यह समझना होगा कि पारिवारिक विवादों को मारपीट के बजाय बातचीत या विधिक प्रक्रिया से सुलझाना ही एकमात्र सुरक्षित रास्ता है। ऐसा न करने पर तात्कालिक आवेश में लिया गया कदम जीवन भर के कारावास में बदल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
पारिवारिक संबंधों में अचानक भड़की हिंसा और आपसी समझ की कमी ने एक सामान्य झगड़े को जानलेवा हादसे में बदल दिया।

- **तात्कालिक विवाद का बढ़ना:** दोनों चचेरे भाइयों के बीच किसी व्यक्तिगत या घरेलू मुद्दे पर शुरू हुई कहासुनी ने अचानक हाथापाई का रूप ले लिया। दोनों के बीच आवेश पर नियंत्रण न रहने के कारण मारपीट गंभीर स्तर तक पहुंच गई।
- **गंभीर शारीरिक चोटें:** झड़प के दौरान राकेश को गंभीर अंदरूनी या बाहरी चोटें आईं। समय पर विवाद न रुकने और हिंसक प्रहारों के चलते उसकी तबीयत बिगड़ी और अंततः मौत हो गई।
- **कानून की सख्त कार्रवाई:** पीड़ित परिजनों द्वारा काकादेव थाने में तुरंत दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी और दबिश के चलते आरोपी को 24 घंटे में पकड़ लिया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर में यह घटना किस इलाके में घटी?
यह घटना काकादेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत शास्त्री नगर के मतैय्यापुरवा स्थित कुम्हार वाली गली में हुई।

### 2. मृतक और गिरफ्तार आरोपी का आपस में क्या संबंध है?
मृतक राकेश और आरोपी रवि कुमार प्रजापति आपस में सगे चचेरे भाई हैं।

### 3. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 352 और 351(3) के तहत मुकदमा संख्या 259/2026 दर्ज किया है।

### 4. गिरफ्तार आरोपी का नाम और पता क्या है?
आरोपी की पहचान 35 वर्षीय रवि कुमार प्रजापति के रूप में हुई है, जो मकान नंबर 122/367, मतैय्यापुरवा, शास्त्री नगर का निवासी है।

### 5. वारदात के कितने समय बाद आरोपी को पकड़ा गया?
काकादेव थाना पुलिस की विशेष टीम ने घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

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