# कानपुर में लेजर मशीन से कम शुद्धता वाले सोने पर नकली हॉलमार्क लगाने की साजिश बेनकाब

> कानपुर के चौक सर्राफा बाजार में लेजर मशीन से कम कैरेट के सोने पर फर्जी हॉलमार्क बनाने के मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गहने बेचने पहुंची महिला की सतर्कता के बाद पुलिस ने उपकरण जब्त कर केस दर्ज कर लिया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-men-lejara-mashina-se-kama-shuddhata-vale-sone-para-nakali-hallmark-lagane-ki-sajisha-benakaba-46876 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर, हॉलमार्क, सर्राफा बाजार, सोना धोखाधड़ी, फीलखाना पुलिस, लेजर कटिंग मशीन, चौक सर्राफा

कानपुर के प्रसिद्ध चौक सर्राफा बाजार में कम शुद्धता वाले सोने के आभूषणों पर लेजर मशीन से हूबहू हॉलमार्क जैसा निशान बनाकर बेचने और गिरवी रखने के गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। फीलखाना थाना क्षेत्र में सामने आई इस घटना में पुलिस ने मौके से लेजर कटिंग मशीन को अपने कब्जे में ले लिया है। इस फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

## ज्वेलर्स की दुकान पर जब जांच में खुली पोल
इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई जब एक महिला फीलखाना इलाके में स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान पर अपने सोने के जेवर बेचने पहुंची। सुनार ने जब सोने की शुद्धता परखने के लिए आभूषणों की बारीकी से जांच की, तो पता चला कि उनमें सोने की मात्रा काफी कम थी। इसके बावजूद उन जेवरों पर आधिकारिक हॉलमार्क जैसा दिखने वाला निशान छपा हुआ था। शक गहराने पर ज्वेलर्स ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब मामले की पड़ताल की, तो पता चला कि यह साधारण मिलावट का मामला नहीं बल्कि संगठित तरीके से सरकारी निशान की नकल कर ग्राहकों को चूना लगाने का खेल था। पूछताछ में सामने आया कि अक्षय गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने महिला को ये आभूषण दिए थे। इन कम शुद्धता वाले जेवरों के बदले अक्षय गुप्ता ने महिला से 40 हजार रुपये की रकम ली थी।

## चौक सर्राफा की दुकान में चल रहा था लेजर का खेल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि चौक सर्राफा क्षेत्र में स्थित दिनेश वर्मा की दुकान पर लेजर कटिंग मशीन का अवैध रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी उपकरण के जरिए कम कैरेट वाले हल्के सोने के आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क उकेरा जा रहा था, ताकि वे बाजार में सामान्य खरीदारों को पूरी तरह खरे और अधिक कैरेट के दिखें।

आरोप है कि इस तरीके का इस्तेमाल कम शुद्धता वाले सोने को अधिक कैरेट का बताकर खुले बाजार में खपाने और वित्तीय संस्थानों या लोगों के पास गिरवी रखने के लिए किया जा रहा था। किसी भी सोने के आभूषण पर हॉलमार्क इसलिए लगाया जाता है ताकि आम खरीदार को उसकी शुद्धता की पुख्ता और आधिकारिक गारंटी मिल सके। जब कम कैरेट वाले जेवर पर लेजर तकनीक से फर्जी मुहर लगा दी जाती है, तो आम ग्राहकों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ता है और पूरे सर्राफा कारोबार की साख पर गहरा असर पड़ता है।

## मशीन जब्त कर नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
कानून व्यवस्था की टीम ने कार्रवाई करते हुए फर्जी हॉलमार्क बनाने के काम में लाई जा रही लेजर कटिंग मशीन को जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान पूरी हो चुकी है। अब जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस मशीन से अब तक कितने गहनों पर फर्जी निशान बनाए जा चुके थे और इस खेल के जरिए कितने खरीदारों को निशाना बनाया गया है। आभूषणों की वास्तविक शुद्धता की जांच के साथ पूरे सिंडिकेट पर सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

## इसका आप पर असर
कम शुद्धता वाले सोने पर नकली लेजर हॉलमार्क लगाए जाने का यह मामला आम उपभोक्ताओं और गहने खरीदने वालों के लिए वित्तीय सतर्कता का कड़ा संदेश देता है।

- **भारत में:** देश भर के आभूषण खरीदारों को केवल आंखों से दिखने वाले निशान पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक बीआईएस केयर मोबाइल ऐप के जरिए 6 अंकों वाले एचयूआईडी नंबर का मिलान करना चाहिए। ऐसा सत्यापन करने से खरीदार कम कैरेट वाले सोने के बदले ऊंची कीमत चुकाने के धोखे से बच सकते हैं।
- **कानपुर में:** चौक सर्राफा और फीलखाना जैसे प्रमुख बाजारों में पुराने जेवर बेचने या गिरवी रखने वाले स्थानीय लोगों को अपनी रसीदें और जेवर दोबारा जांचने की जरूरत है। यदि किसी ने बिना पक्के बिल के निजी स्तर पर जेवर खरीदे हैं, तो वे अधिकृत केंद्र पर शुद्धता की जांच करवा सकते हैं।
- **आभूषण गिरवी रखने वालों के लिए:** निजी साहूकारों या अनाधिकृत माध्यमों से गिरवी रखे गए जेवरों के बदले कर्ज लेने वाले लोगों को भारी नुकसान हो सकता है। किसी भी गिरवी सौदे से पहले प्रमाणित लैब में कैरेटेज की स्वतंत्र जांच करा लेना ही सुरक्षित रहता है।
- **कानूनी रसीद का महत्व:** बिना बिल या बिना उचित रिकॉर्ड के की गई खरीद-फरोख्त पर शिकायत दर्ज कराना मुश्किल हो जाता है। हमेशा जीएसटी युक्त पक्का बिल लें जिसमें हॉलमार्क का विशिष्ट पहचान कोड दर्ज हो।

## ऐसा क्यों हुआ
यह धोखाधड़ी सोने की कीमतों में तेजी का फायदा उठाने और बिना आधिकारिक जांच के कम लागत में भारी मुनाफा कमाने की नीयत से अंजाम दी गई।

- **लेजर तकनीक का दुरुपयोग:** सर्राफा बाजार में डिजाइनिंग और बारीक कटाई के लिए रखी जाने वाली लेजर कटिंग मशीनों का गलत इस्तेमाल कर आधिकारिक हॉलमार्क के प्रतीकों की हूबहू नकल की गई। इस आधुनिक तकनीक से साधारण नजर में नकली और असली निशान का फर्क पहचानना बेहद मुश्किल हो गया था।
- **कम कैरेट के सोने में बड़ा मार्जिन:** घटिया और कम कैरेट वाले सोने को 22 या 18 कैरेट बताकर बेचने पर जालसाजों को भारी अनुचित मुनाफा मिलता था। इसी लालच में कम शुद्धता वाले गहनों को तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा था।
- **जांच और पड़ताल की स्थिति:** पुलिस ने लेजर उपकरण को जब्त कर सभी नामजद लोगों की पहचान कर ली है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह फर्जीवाड़ा कितने समय से संचालित था। पूरे नेटवर्क के तार किन अन्य व्यापारियों या बिचौलियों से जुड़े हैं, इसकी तकनीकी जांच अभी जारी है।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर में पुलिस ने किस इलाके से फर्जी हॉलमार्क बनाने की मशीन पकड़ी?
पुलिस ने कानपुर के चौक सर्राफा इलाके में दिनेश वर्मा की दुकान से यह लेजर कटिंग मशीन जब्त की है।

### 2. इस फर्जीवाड़े की जानकारी पुलिस तक कैसे पहुंची?
एक महिला जब फीलखाना क्षेत्र की दुकान पर जेवर बेचने पहुंची, तो सुनार ने जांच में सोने की शुद्धता कम पाकर पुलिस को सूचना दी।

### 3. आरोपी ने महिला को गहने देकर कितने रुपये लिए थे?
जांच में पता चला कि अक्षय गुप्ता नामक व्यक्ति ने महिला को ये कम शुद्धता वाले आभूषण देकर 40 हजार रुपये लिए थे।

### 4. कम शुद्धता वाले सोने पर फर्जी हॉलमार्क लगाने का क्या मकसद था?
इसका मुख्य मकसद कम कैरेट के सोने को अधिक शुद्ध बताकर खुले बाजार में बेचना और अधिक रकम पर गिरवी रखना था।

### 5. पुलिस ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने लेजर कटिंग मशीन जब्त कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

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