# कानपुर में शादी की सालगिरह पर पारिवारिक विवाद, मां ने बच्ची को उछालकर छत से लगाई छलांग, अस्पताल में तोड़ा दम

> कानपुर के गुजैनी में शादी की तीसरी सालगिरह के जश्न के बाद उपजे विवाद में 20 वर्षीय रोशनी ने अपनी 14 माह की बेटी को फेंककर दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। पिता की तत्परता से बच्ची बच गई, लेकिन दो दिन चले इलाज के बाद महिला की मौत हो गई।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-men-shadi-ki-salagiraha-para-parivarika-vivada-man-ne-bachchi-ko-uchhalakara-chhata-se-lagai-chhalanga-aspatala-men-tora-da-46830 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर समाचार, गुजैनी कानपुर, पारिवारिक विवाद, हैलट अस्पताल, घरेलू कलह, उत्तर प्रदेश पुलिस

कानपुर के गुजैनी क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला पारिवारिक हादसा सामने आया है, जहां शादी की सालगिरह के जश्न की रात अचानक हुए विवाद के बाद एक युवा महिला ने पहले अपनी 14 माह की नन्ही बच्ची को फेंक दिया और फिर खुद मकान की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गनीमत यह रही कि बच्ची को फेंकते ही उसके पिता ने तत्परता दिखाते हुए उसे हाथों में लपक लिया, जिससे मासूम की जिंदगी बाल-बाल बच गई। दूसरी मंजिल से नीचे कूदने की वजह से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। अस्पताल में दो दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।

## शादी की सालगिरह का जश्न और अचानक भड़की बहस
यह दुखद घटना गुजैनी थाना अंतर्गत मर्दनपुर इलाके में घटी। यहां रहने वाले नूर आलम पेशे से सिलाई का काम करते हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में उनकी 20 वर्षीय पत्नी रोशनी और उनकी 14 महीने की मासूम बेटी शामिल थी। दोनों की शादी तीन साल पहले हुई थी और 7 अक्टूबर को उनकी शादी की तीसरी वर्षगांठ थी। इस खास मौके पर खुशियां मनाने के लिए रोशनी की बड़ी बहन ईशरत भी उनके घर आई हुई थीं। पूरे परिवार ने मिलकर केक काटा, हंसी-खुशी समय बिताया और साथ में खाना भी खाया।

लेकिन देर रात अचानक माहौल बिगड़ गया जब किसी पारिवारिक बात को लेकर नूर आलम और ईशरत के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई। इस तकरार के बाद ईशरत गुस्से में उसी वक्त घर छोड़कर वापस जाने लगीं। रोशनी ने अपनी बड़ी बहन को रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब ईशरत नहीं रुकीं तो रोशनी भारी मानसिक तनाव और नाराजगी में आ गईं।

## मासूम को फेंका, पिता ने लपका और फिर दूसरी मंजिल से कूद गई रोशनी
बहन के न रुकने और घर में उपजे विवाद से उत्तेजित होकर 20 वर्षीय रोशनी ने अप्रत्याशित कदम उठा लिया। उन्होंने कमरे में मौजूद अपनी 14 माह की मासूम बेटी को उठाकर फेंक दिया। उसी वक्त कमरे में मौजूद पिता नूर आलम ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए बच्ची को सीधे कैच कर लिया, जिससे मासूम जमीन पर गिरने से बच गई और उसे कोई चोट नहीं आई।

इधर बच्ची को फेंकने के तुरंत बाद रोशनी तेजी से भागते हुए मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंचीं और वहां से नीचे छलांग लगा दी। अचानक हुई इस घटना के बाद पूरे घर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नीचे गिरते ही रोशनी लहूलुहान होकर अचेत हो गईं।

## निजी अस्पताल से हैलट रेफर, दो दिन बाद तोड़ा दम
हादसे के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में घायल रोशनी और बच्ची दोनों को लेकर पास के एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित और खतरे से बाहर है। वहीं दूसरी मंजिल से गिरने के कारण रोशनी के शरीर और सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं। निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद रोशनी की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने 9 अक्टूबर को उन्हें लाला लाजपत राय अस्पताल (हैलट अस्पताल) रेफर कर दिया।

हैलट अस्पताल के आईसीयू में रोशनी का सघन उपचार जारी रहा। परिजन उनके होश में आने और स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे, मगर दो दिन तक संघर्ष करने के बाद रविवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही शादी की सालगिरह की खुशियां पूरी तरह मातम में बदल गईं और परिवार में कोहराम मच गया।

## पोस्टमार्टम पर असमंजस के बाद पुलिस की समझाइश
सूचना मिलने पर गुजैनी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वैधानिक प्रक्रिया शुरू करते हुए शव को कब्जे में ले लिया। शुरुआत में मायके और ससुराल दोनों पक्षों के लोग शव का पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े हुए थे। बाद में गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने परिजनों को कानून के नियमों और मौत की परिस्थितियों से अवगत कराया और काफी देर समझाने-बुझाने के बाद दोनों पक्ष पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए।

थाना प्रभारी राजन शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तरफ से अभी तक मामले में कोई औपचारिक लिखित तहरीर या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार परिजनों से तहरीर मिलने के बाद मामले की सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच की जाएगी और जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

## इसका आप पर असर
पारिवारिक कलह और अचानक उपजे मानसिक तनाव के कारण घटी इस घटना से समाज और परिवारों के लिए गहरे सबक सामने आते हैं।

- **भारत में:** घरेलू विवादों और अचानक बढ़े गुस्से के दौरान कई बार लोग जानलेवा आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में परिजनों को संवाद बनाए रखने और तनाव प्रबंधन के प्रति सचेत रहने की सख्त आवश्यकता है।
- **कानपुर में:** गुजैनी और आसपास के स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना अप्रत्याशित पारिवारिक कलह के दर्दनाक परिणाम को दर्शाती है। स्थानीय स्तर पर पुलिस अब मामले में परिजनों से लिखित तहरीर मिलने के बाद ही वैधानिक जांच को आगे बढ़ाएगी।
- **बच्चों की सुरक्षा:** घरेलू तकरार के बीच बच्चों की शारीरिक सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना बेहद अहम साबित हुआ। पिता की त्वरित सूझबूझ के चलते 14 माह की मासूम बच्ची की जान बचाई जा सकी।
- **कानूनी प्रक्रिया:** अप्राकृतिक मौत के मामलों में पोस्टमार्टम प्रक्रिया अनिवार्य कानूनी चरण होती है। परिजनों द्वारा शुरुआत में इनकार किए जाने के बाद पुलिस की समझाइश से यह प्रक्रिया पूरी की जा सकी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दर्दनाक घटना शादी की सालगिरह के जश्न के तुरंत बाद उपजे अचानक पारिवारिक विवाद और मानसिक आवेग के कारण हुई।

- **सीधा कारण:** रात के समय नूर आलम और उनकी साली ईशरत के बीच किसी अज्ञात घरेलू बात पर तीखी बहस हो गई थी। ईशरत के नाराज होकर जाने से रोशनी अत्यंत क्षुब्ध हो गईं और उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
- **परिस्थितियों की श्रृंखला:** वर्षगांठ का केक काटने और भोजन करने के बाद उपजी इस तकरार को रोकने में रोशनी असमर्थ रहीं। बड़ी बहन के न मानने पर वह गहरे गुस्से व तनाव में आ गईं और पहले बच्ची को फेंका व फिर खुद छत से छलांग लगा दी।
- **जांच की स्थिति:** पुलिस के अनुसार विवाद की मूल वजह को लेकर अभी कोई आधिकारिक तहरीर दर्ज नहीं कराई गई है। परिजनों की शिकायत सामने आने के बाद ही विवाद के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कानपुर के किस इलाके में हुई?
यह घटना कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र स्थित मर्दनपुर इलाके में घटित हुई।

### 2. महिला और उसके परिवार की क्या पहचान है?
महिला का नाम 20 वर्षीय रोशनी था, जिनके पति नूर आलम पेशे से सिलाई का काम करते हैं।

### 3. 14 माह की मासूम बच्ची की जान कैसे बची?
जब रोशनी ने गुस्से में बच्ची को फेंका, तब सामने खड़े पिता नूर आलम ने तुरंत उसे हाथों में लपक लिया, जिससे बच्ची सुरक्षित बच गई।

### 4. रोशनी को गंभीर चोटें कैसे आईं और उनकी मृत्यु कब हुई?
बच्ची को फेंकने के बाद रोशनी ने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी, जिसके बाद दो दिन चले इलाज के उपरांत रविवार सुबह हैलट अस्पताल में उनका निधन हो गया।

### 5. इस मामले में पुलिस की क्या कार्रवाई चल रही है?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों की औपचारिक तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

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