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  "type": "article",
  "title": "कानपुर में त्योहारी मिलावटखोरी पर कड़ा प्रहार, खाद्य विभाग ने नष्ट कराई 12 क्विंटल से ज्यादा दूषित मिठाई और खोया",
  "summary": "दीपावली और भाईदूज से ठीक पहले कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 12 क्विंटल 40 किलो खराब मिठाई और दूषित खोया नष्ट कराया। अस्वास्थ्यकर हालात में चल रही एक निर्माणशाला का काम रुकवाकर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति भेजी गई है।",
  "content": "त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मिलावटी और दूषित खाद्य सामग्री खपाने वालों के खिलाफ प्रशासनिक शिकंजा सख्त हो गया है। दीपावली और भाईदूज के मौके पर आम लोगों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत दो अलग-अलग इलाकों में औचक छापेमारी की गई, जहां से कुल मिलाकर करीब 12 क्विंटल 40 किलो घटिया व दूषित खोया और अखाद्य मिठाई जब्त कर पूरी तरह नष्ट करा दी गई।\n\nघंटाघर चौराहे पर वैन से पकड़ा गया गंदे कपड़ों में लिपटा खोया\nजांच अभियान की पहली कार्रवाई घंटाघर इलाके में अंजाम दी गई। यहां खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोमनाथ कुशवाहा और डॉ. देवेंद्र सिंह आजाद के नेतृत्व वाली टीम वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान औरैया से आ रही एक ईको वैन को रोककर तलाशी ली गई। वाहन के भीतर करीब 2 क्विंटल 40 किलो खोया लदा मिला, जिसे खुलेआम बेहद अस्वास्थ्यकर दशा में गंदे कपड़ों में लपेटकर रखा गया था।\n\nपकड़े गए इस खोये का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 84 हजार रुपये आंका गया। स्वास्थ्य मानकों की खुली अनदेखी और संदूषण के भारी खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने इस खेप को बाजार में बिकने और जनता तक पहुंचने से तुरंत रोक दिया। इसके बाद पूरी खेप को नगर निगम के डंपिंग यार्ड ले जाया गया, जहां उसे नष्ट करा दिया गया ताकि किसी भी सूरत में इसका दोबारा उपयोग न हो सके।\n\nकोयला नगर की निर्माणशाला में बेहद गंदगी के बीच बन रही थी रंगीन मिठाई\nविभाग की दूसरी बड़ी कार्रवाई कोयला नगर स्थित स्वर्ण जयंती विहार, देहली सुजानपुर में सामने आई। वहां संचालित एक मिठाई निर्माणशाला पर टीम ने जब औचक छापा मारा, तो परिसर के अंदर का नजारा बेहद चिंताजनक था। पूरी मिठाई निहायत अस्वच्छ, दुर्गंधयुक्त और गंदगी से भरे माहौल में तैयार की जा रही थी। मौके से करीब 10 क्विंटल खराब और अत्यधिक रंग मिली मिठाई बरामद की गई।\n\nइस दूषित और बासी मिठाई का अनुमानित मूल्य करीब दो लाख रुपये बताया गया है। जनस्वास्थ्य के गंभीर खतरे को भांपते हुए टीम ने बिना किसी देरी के इस पूरी 10 क्विंटल सामग्री को मौके पर ही विनष्ट कर दिया। इसके साथ ही अस्वास्थ्यकर माहौल में काम पाए जाने के कारण निर्माणशाला के कामकाज को तुरंत प्रभाव से बंद करा दिया गया।\n\nजांच के लिए लैब भेजे गए संदिग्ध नमूने और लाइसेंस रद्दीकरण की प्रक्रिया\nछापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निर्माणशाला से मिठाइयों के दो संदिग्ध नमूने विधिवत सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत संबंधित कारोबारी के विरुद्ध सुसंगत विधिक धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त नियमों के घोर उल्लंघन को देखते हुए प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण को तत्काल निलंबित करने की संस्तुति भी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।\n\nजिलाधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष टीम का निरंतर अभियान\nदीपावली और भाईदूज पर्व को दृष्टिगत रखते हुए यह सघन अभियान जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बाद गति पकड़ चुका है। मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के मकसद से सहायक खाद्य आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने विशेष जांच दल गठित किए हैं, जिन्होंने दोनों स्थानों पर यह कार्रवाई पूरी की। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि त्योहारी सीजन में नागरिकों की सेहत से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता परखने के लिए बाजारों, परिवहन वाहनों और निर्माण इकाइयों पर लगातार छापेमारी जारी रहेगी।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारों के दौरान बाजारों में बिकने वाले मावा और मिठाइयों की शुद्धता को लेकर यह कार्रवाई सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं की सेहत और जेब से जुड़ी है।\n\n• भारत में: त्योहारी सीजन में मिलावटी खोया और कृत्रिम रंगों वाली मिठाइयों की भारी आपूर्ति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। ऐसे में खरीदारों को किसी भी अनजान या अत्यधिक चमकीले रंग वाली मिठाई से परहेज करना चाहिए और केवल विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खरीदारी करनी चाहिए।\n• कानपुर में: शहर के घंटाघर और कोयला नगर क्षेत्र में हुई इस धरपकड़ से त्योहार की आड़ में खप रही सवा बारह क्विंटल से अधिक दूषित सामग्री बाजार में आने से रुक गई है। स्थानीय लोग किसी भी दुकान पर खुली गंदगी या संदेहास्पद खाद्य पदार्थ दिखने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित कर सकते हैं।\n• उपभोक्ता स्वास्थ्य: गंदे कपड़ों में लाए गए खोये और बिना स्वच्छता मानकों के बनी मिठाइयों के सेवन से पेट में गंभीर संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। ग्राहकों को मावा खरीदते समय उसकी बनावट, सुगंध और शुद्धता की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।\n• कारोबारियों पर असर: नियमों का उल्लंघन करने वाले कारखानों के लाइसेंस निलंबित करने और विधिक कार्रवाई से मिलावटखोरों पर अंकुश लगेगा। वैध और स्वच्छ तरीके से काम करने वाले मिष्ठान विक्रेताओं को अपनी विनिर्माण इकाइयों में स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदीपावली और भाईदूज के दौरान बाजार में मिठाइयों और मावे की खपत अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। मुनाफा कमाने के चक्कर में स्वच्छता और सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर माल तैयार और सप्लाई किया जा रहा था।\n\n• मांग और आपूर्ति का भारी अंतर: त्योहार के दिनों में पारंपरिक मिठाइयों की मांग आसमान छूने लगती है, जिससे निपटने के लिए व्यापारी पड़ोसी जिलों से आनन-फानन में कच्चा माल मंगाते हैं। इसी जल्दबाजी और मुनाफे की होड़ में औरैया से बिना न्यूनतम स्वच्छता का ख्याल रखे खुले में खोया भेजा जा रहा था।\n• अवैध निर्माण इकाइयों की सक्रियता: त्योहारी मांग को भुनाने के लिए रिहायशी व उपनगरीय इलाकों में बिना स्वच्छता मानकों के अस्थायी व अनधिकृत मिष्ठान इकाइयां खड़ी कर दी जाती हैं। कोयला नगर में चल रही फैक्ट्री इसी अनदेखी का फायदा उठाकर गंदगी के बीच असुरक्षित तरीके से रंगीन मिठाइयां बना रही थी।\n• प्रशासनिक सतर्कता और अभियान: हर वर्ष त्योहारों से पूर्व मिलावटखोरी का इतिहास देखते हुए जिलाधिकारी ने पहले से ही सघन निगरानी के आदेश जारी कर दिए थे। इसी योजनाबद्ध निर्देश के तहत सहायक खाद्य आयुक्त द्वारा गठित टीमों ने आवागमन मार्गों और संदिग्ध कारखानों पर एक साथ दबिश दी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कुल कितनी सामग्री नष्ट कराई?\nविभाग ने दो स्थानों पर कार्रवाई कर करीब 12 क्विंटल 40 किलो दूषित खोया और खराब मिठाई नष्ट कराई।\n\n2. घंटाघर इलाके में पकड़े गए खोये की मात्रा और कीमत क्या थी?\nघंटाघर में औरैया से ईको वैन में लाया जा रहा 2 क्विंटल 40 किलो खोया पकड़ा गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 84 हजार रुपये थी।\n\n3. कोयला नगर में मिली खराब मिठाई की मात्रा और मूल्य कितना था?\nकोयला नगर की निर्माणशाला से करीब दो लाख रुपये मूल्य की 10 क्विंटल खराब और रंगीन मिठाई बरामद हुई।\n\n4. गंदगी में चल रही निर्माणशाला के खिलाफ क्या प्रशासनिक कार्रवाई की गई?\nवहां मिठाई निर्माण का कार्य तुरंत बंद करा दिया गया और प्रतिष्ठान का लाइसेंस व पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति भेजी गई।\n\n5. क्या मामले में कोई नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं?\nहां, निर्माणशाला से दो संदिग्ध नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई होगी।\n\n6. यह छापेमारी किसके आदेश और निर्देशन में की गई?\nयह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश पर सहायक खाद्य आयुक्त संजय प्रताप सिंह द्वारा गठित टीमों ने की।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-31",
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    "मिलावटी खोया",
    "दिवाली मिलावट",
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    "कोयला नगर",
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