# कानपुर पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल पर हंगामा, रिश्वत न देने पर 70 अभ्यर्थियों को अनफिट बताने का आरोप

> कानपुर की रिजर्व पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण के दौरान जमकर बवाल हुआ। अभ्यर्थियों ने रिश्वत न देने पर अनफिट करने और डॉक्टर की कार से एक युवक को खींचकर पीटने का आरोप लगाया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-police-line-me-homeguard-bharti-ke-medical-par-hungama-48133 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर, होमगार्ड भर्ती, पुलिस लाइन, उत्तर प्रदेश, भर्ती विवाद

सरकारी नौकरी की आस लेकर कानपुर पहुंचे युवाओं का गुस्सा गुरुवार की रात रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में अचानक भड़क उठा। होमगार्ड के पदों के लिए चल रही चयन प्रक्रिया के दौरान मेडिकल टेस्ट में गंभीर धांधली के आरोप लगाए गए। अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें जानबूझकर छोटी-छोटी कमियां बताकर बाहर किया जा रहा है। हालात इतने बिगड़े कि प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद एक कार से एक युवक को बाहर खींचकर उसकी पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और फौरन वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।

 

## मेडिकल परीक्षा में अनफिट करने का गंभीर आरोप
 गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन के मैदान में लगभग 200 अभ्यर्थी अपने मेडिकल परीक्षण के लिए एकत्रित हुए थे। जांच प्रक्रिया शुरू होने के कुछ समय बाद ही वहां मौजूद युवाओं ने मेडिकल प्रणाली पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षण के दौरान उन्हें कभी नाक की हड्डी टेढ़ी होने तो कभी आंखों की कमजोर रोशनी का हवाला देकर अनफिट घोषित किया जा रहा था। युवाओं का दावा है कि प्रक्रिया के नाम पर उनसे 15 हजार से 50 हजार रुपये तक की मांग की जा रही थी। जो लोग पैसे देने में असमर्थ थे या जिन्होंने मना कर दिया, उन्हें मेडिकल में असफल कर दिया गया। अभ्यर्थियों के मुताबिक इस तरह करीब 70 लोगों को अनफिट करार दिया गया था, हालांकि इन सभी दावों की सत्यता जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेगी।

 

## पर्ची पर नंबर और कथित वसूली का खेल
 वसूली के इस कथित खेल को लेकर युवाओं ने कई खुलासे किए हैं। उनका कहना था कि मेडिकल जांच के दौरान कुछ खास पर्चियों पर मोबाइल नंबर लिखकर थमाए जा रहे थे और उन नंबरों पर संपर्क करने का निर्देश दिया जा रहा था। अभ्यर्थियों के अनुसार पुलिस लाइन परिसर के एक कोने में खड़ी कार में डॉक्टर प्रवीण का एक परिचित व्यक्ति बैठा हुआ था, जिसकी भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में संदिग्ध बताई जा रही है। युवाओं का दावा है कि रकम चुकाने के बाद ही कथित तौर पर फिटनेस की हरी झंडी दी जा रही थी। हालांकि इन तमाम आरोपों में किस स्तर तक सच्चाई है और वास्तव में कितने लोगों से पैसे वसूले गए, इस बात की पुष्टि अभी पुलिस जांच के दायरे में है।

 

## रात आठ बजे उग्र हुआ प्रदर्शन और मारपीट
 मेडिकल परीक्षण में बरती जा रही कथित अनियमितताओं को लेकर रोष लगातार बढ़ता गया और गुरुवार रात लगभग आठ बजे यह गुस्सा खुलकर बाहर आ गया। आक्रोशित भीड़ ने डॉक्टर की गाड़ी के पास पहुंचकर उसमें बैठे एक युवक को बाहर खींच लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पूरे पुलिस लाइन परिसर में नारेबाजी का दौर शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच कराई जाए और कथित रिश्वतखोरी में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय और एसीपी कर्नलगंज अंजना दहिया समेत कई बड़े पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और नाराज युवाओं को शांत कराने का प्रयास किया।

 

## 25 अभ्यर्थियों द्वारा रकम देने का दावा
 पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है क्योंकि कई अभ्यर्थियों ने यह दावा भी किया है कि उनमें से लगभग 25 लोगों ने मेडिकल में पास होने के एवज में पैसे दिए थे। वहीं कुछ अन्य युवाओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उनसे भी रकम की मांग की गई थी लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया था। इन विरोधाभासी बयानों और गंभीर आरोपों के कारण पुलिस के लिए यह पता लगाना बेहद जरूरी हो गया है कि वास्तव में यह लेनदेन हुआ था या नहीं। यदि यह बात सच साबित होती है, तो इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे, इसका खुलासा भी जांच के बाद ही हो पाएगा।

 

## डॉक्टर प्रवीण समेत दो लोग हिरासत में
 इस पूरी घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉक्टर प्रवीण समेत कुल दो लोगों को अपनी हिरासत में ले लिया है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि मेडिकल परीक्षा के तौर-तरीकों, युवाओं को अनफिट ठहराने के आधार और पैसों के लेनदेन से जुड़े तमाम पहलुओं की सच्चाई का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी केवल आरोप सामने आए हैं और किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि पूरी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

## इसका आप पर असर
कानपुर में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुए इस हंगामे का सीधा असर नौकरी की तैयारी कर रहे अन्य युवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ा है।

- **उत्तर प्रदेश में:** इस घटना के सामने आने के बाद राज्यभर की अन्य चल रही सरकारी भर्तियों में मेडिकल और चयन प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में रोष है कि इस तरह की कथित धांधलियों से ईमानदार युवाओं का भविष्य अधर में लटक सकता है।

- **कानपुर में:** रिजर्व पुलिस लाइन में हुई इस हिंसा और तोड़फोड़ के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन को अब आगामी सभी शारीरिक और चिकित्सीय परीक्षणों के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

- **भर्ती पारदर्शिता:** इस पूरे प्रकरण ने चयन बोर्डों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिससे भविष्य की परीक्षाओं में डिजिटल निगरानी और सख्त नियमों की मांग तेज होगी।

- **जांच का दायरा:** पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद यह तय होगा कि इस रैकेट में कौन-से अन्य अधिकारी या बाहरी लोग शामिल थे।

- **परीक्षार्थियों की सुरक्षा:** युवाओं को यह संदेश मिला है कि प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर वे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर अपनी आवाज मुखर कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
कानपुर पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण के दौरान हंगामा और मारपीट की यह घटना कई प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कमियों के कारण सामने आई।

- **तत्कालिक कारण:** मेडिकल जांच के दौरान एक साथ कई अभ्यर्थियों को नाक और आंख जैसी शारीरिक कमियां बताकर अनफिट घोषित किया जाना और कथित रूप से रिश्वत की मांग करना इस पूरे विवाद की मुख्य वजह बना।

- **संदिग्ध गतिविधियां:** पर्चियों पर मोबाइल नंबर लिखकर देना और परिसर में खड़ी एक कार में डॉक्टर के परिचित की संदिग्ध मौजूदगी ने अभ्यर्थियों के मन में धांधली का शक पैदा किया।

- **आक्रोश का फूटना:** जब कथित तौर पर पैसे देने से इनकार करने वाले युवाओं को लगातार बाहर किया जाने लगा, तो लंबे समय से सुलग रहा गुस्सा रात आठ बजे उग्र रूप में बाहर आ गया।

- **पूर्व की स्थितियां:** इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में बिचौलियों द्वारा भर्ती का झांसा देकर पैसे ऐंठने के मामले पहले भी कई बार सामने आते रहे हैं, जिससे युवाओं में पहले से ही अविश्वास का माहौल रहता है।

- **जांच की स्थिति:** पुलिस द्वारा डॉक्टर प्रवीण समेत दो लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद यह स्पष्ट किया जा रहा है कि इन आरोपों की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाया जाए।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर पुलिस लाइन में हंगामा क्यों हुआ?
होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण के दौरान कथित धांधली और रिश्वत न देने पर 70 अभ्यर्थियों को अनफिट करने के आरोप के बाद हंगामा हुआ।

### 2. अभ्यर्थियों ने मेडिकल में क्या आरोप लगाए?
अभ्यर्थियों का आरोप था कि उन्हें नाक की हड्डी टेढ़ी होने और आंख की रोशनी कम होने का झूठा बहाना बनाकर अनफिट किया जा रहा था।

### 3. फिट होने के लिए कितने रुपये मांगे जा रहे थे?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का दावा है कि मेडिकल में फिट घोषित करने के नाम पर 15 हजार से 50 हजार रुपये तक मांगे जा रहे थे।

### 4. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की गहनता से पूछताछ की जा रही है।

### 5. यह पूरी घटना कब और कहां हुई?
यह घटना गुरुवार रात को उत्तर प्रदेश के कानपुर की रिजर्व पुलिस लाइन में हुई।

### 6. कितने अभ्यर्थियों ने पैसे देने का दावा किया?
लगभग 25 अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उन्होंने मेडिकल में पास होने के लिए पैसे दिए थे।

### 7. मौके पर कौन-से अधिकारी पहुंचे थे?
हंगामे की सूचना मिलने पर एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय और एसीपी कर्नलगंज अंजना दहिया मौके पर पहुंचे थे।

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