# कानपुर: सांसद रमेश अवस्थी ने पेश की अनूठी मिसाल, छात्र को बनाया मुख्य अतिथि और खुद बने दर्शक

> कानपुर के एक प्राइमरी स्कूल में सांसद रमेश अवस्थी ने वीआईपी संस्कृति को दरकिनार कर स्कूल के एक छात्र को मुख्य अतिथि का दर्जा दिया। उन्होंने अपनी निधि से स्कूल में स्मार्ट क्लास के निर्माण की शुरुआत की…

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanpur-sansada-ramesh-awasthi-ne-pesha-ki-anuthi-misala-chhatra-ko-banaya-mukhya-atithi-aura-khuda-bane-darshaka-6604 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर, रमेश अवस्थी, शिक्षा, स्मार्ट क्लास, सरकारी स्कूल

कानपुर में स्थित परमट प्राइमरी स्कूल के कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्थानीय सांसद रमेश अवस्थी ने अपनी सांसद निधि के माध्यम से इस शिक्षण संस्थान में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक सुविधाओं के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह थी कि यहाँ पारंपरिक वीआईपी संस्कृति पूरी तरह नदारद रही। सांसद रमेश अवस्थी ने मुख्य अतिथि के रूप में खुद की नियुक्ति के बजाय उसी विद्यालय के एक मेधावी छात्र कुमार शिवांशु को यह गौरव प्रदान किया।

## छात्र ने किया शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान शिष्टाचार और पद की गरिमा के पारंपरिक मानकों को तोड़ते हुए, छात्र कुमार शिवांशु ने भूमि पूजन से लेकर नारियल फोड़ने और रिमोट के माध्यम से शिलान्यास पट्ट का अनावरण करने तक की सभी महत्वपूर्ण औपचारिकताएं संपन्न कीं। सांसद रमेश अवस्थी ने न केवल छात्र का उत्साहवर्धन किया बल्कि उसे बैग और अन्य आवश्यक पठन-पाठन सामग्री भी भेंट स्वरूप प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान सांसद ने मंच पर सजाई गई वीआईपी कुर्सियों पर बैठने से इनकार कर दिया और सामान्य अभिभावकों एवं आम जनता के बीच जमीन पर बैठकर कार्यक्रम का आनंद लिया। उपस्थित लोगों ने इस सादगी और बदलाव की जमकर सराहना की।

## प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं
इस अवसर पर सांसद रमेश अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही राष्ट्र का निर्माण संभव है, न कि केवल इमारतों के ढांचे खड़े करने से। उनका मानना है कि यदि सरकारी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को बेहतर तकनीक और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, तो वे निजी स्कूलों के छात्रों से किसी भी मायने में पीछे नहीं रहेंगे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को डिजिटल युग की आवश्यकताओं से जोड़ना है। सांसद ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट क्लास शुरू होने से बच्चे कंप्यूटर, डिजिटल कंटेंट और प्रोजेक्टर के आधुनिक माध्यमों से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे, जिससे उनकी सीखने की गति और समझने की क्षमता में गुणात्मक सुधार आएगा।

## शिक्षा विभाग और स्थानीय लोगों की भागीदारी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अनुसार, सांसद रमेश अवस्थी लंबे समय से विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय हैं। स्मार्ट क्लास की इस नई सौगात से पहले उन्होंने छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाई थी। इन सुविधाओं के विस्तार से विद्यालय में न केवल बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि होने की उम्मीद है, बल्कि पढ़ाई का अनुभव भी अधिक रोचक बन जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. गिरीश मिश्रा, शिक्षा विभाग से संजय दुबे, राजन लाल, अंगद सिंह, सुरेश अवस्थी और देवी दीन वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, नागरिक और अभिभावक उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों के सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी लुत्फ उठाया।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** सरकारी स्कूलों के डिजिटलीकरण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्चों में तकनीक के प्रति रुझान बढ़ेगा।

**कानपुर में:** परमट प्राइमरी स्कूल के छात्रों को अब निजी स्कूलों की तरह आधुनिक डिजिटल सुविधाओं के साथ पढ़ने का अवसर मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर के किस स्कूल में स्मार्ट क्लास शुरू की गई है?
यह स्मार्ट क्लास कानपुर के परमट प्राइमरी स्कूल में शुरू की गई है।

### 2. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौन था?
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल के ही एक छात्र, कुमार शिवांशु थे।

### 3. सांसद रमेश अवस्थी ने मंच पर क्यों नहीं बैठे?
सांसद ने वीआईपी कुर्सियों पर बैठने के बजाय आम जनता और अभिभावकों के बीच जमीन पर बैठकर अपनी सादगी का परिचय दिया।

### 4. स्कूल में आधुनिक सुविधाओं से क्या लाभ होगा?
स्मार्ट क्लास से बच्चों को कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से पढ़ने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी सीखने की क्षमता बढ़ेगी।

## प्रेरणा और सबक
- **सादा जीवन:** वीआईपी संस्कृति से ऊपर उठकर आम लोगों के बीच बैठना नेतृत्व का एक बड़ा गुण है।
- **बच्चों का सम्मान:** छात्र को मुख्य अतिथि बनाकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास सराहनीय है।
- **शिक्षा के प्रति समर्पण:** शिक्षा को केवल ढांचा नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानना एक सकारात्मक सोच है।

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