# कांवड़ यात्रा के चलते मुजफ्फरनगर में 10 और मेरठ में 12 अगस्त तक बंद रहेंगे सभी शैक्षणिक संस्थान

> सावन की कांवड़ यात्रा के कारण मुजफ्फरनगर में 3 से 10 अगस्त और मेरठ में 3 से 12 अगस्त 2026 तक सभी स्कूल, कॉलेज और तकनीकी संस्थान बंद रहेंगे। एनएच 58 पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यह आदेश दिया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-08-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/kanwar-yatra-ke-chalate-muzaffarnagar-men-10-aura-meerut-men-12-agasta-taka-bnda-rahenge-sabhi-shaikshanika-snsthana-12894 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुजफ्फरनगर स्कूल बंद, मेरठ स्कूल छुट्टी, कांवड़ यात्रा 2026, उत्तर प्रदेश समाचार, सावन कांवड़ यात्रा, एनएच 58

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में सावन की कांवड़ यात्रा की वजह से प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और आवाजाही में सुरक्षा तथा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर और मेरठ जिलों में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। मुजफ्फरनगर में जहां 3 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक अवकाश रहेगा, वहीं मेरठ में प्रशासनिक आदेश के तहत 3 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक सभी स्कूल, कॉलेज और तकनीकी संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे। कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं के सैलाब को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि स्कूली छात्रों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

## मुजफ्फरनगर में सभी प्रकार के शिक्षण संस्थानों के लिए कड़ा निर्देश
मुजफ्फरनगर जनपद में छुट्टियों के संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के पालन में जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्धारित अवधि के दौरान बंद रखने का हुक्म जारी किया गया है। यह आदेश जनपद में संचालित प्री-प्राइमरी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, मान्यता प्राप्त, और माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगा। इसके अतिरिक्त यूपी बोर्ड, सीबीएसई तथा आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध सभी निजी और सरकारी स्कूल, डिग्री कॉलेज, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) तथा सभी तकनीकी संस्थान 3 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक बंद रहेंगे।

प्रशासन की ओर से जनपद के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर होने वाली भारी भीड़ और मार्ग परिवर्तन के कारण छात्रों तथा शिक्षकों की सुरक्षा सर्वोपरि रखी गई है, जिसके चलते किसी भी संस्थान को इस अवधि में संचालित करने की अनुमति नहीं होगी।

## मेरठ जनपद में 12 अगस्त तक बंद रहेंगे विश्वविद्यालय और कॉलेज
मेरठ जिले में भी कांवड़ यात्रा के महत्व और व्यापक स्तर पर श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। मेरठ के जिलाधिकारी ने जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में 3 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है। मेरठ में अवकाश की यह अवधि 10 दिनों तक प्रभावी रहेगी। इस आदेश के दायरे में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, विश्वविद्यालय स्तर के संस्थान तथा सभी तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षण संस्थान शामिल हैं।

इस वर्ष कांवड़ यात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो चुकी है। बीते वर्ष हरिद्वार से लगभग 4 करोड़ शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने गंतव्य स्थलों की ओर पहुंचे थे। इस बार यह अनुमान जताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष के आंकड़े को भी पार कर सकती है। आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 (NH-58) पर कांवड़ियों का विशाल सैलाब देखने को मिलेगा। पूरे मार्ग में चारों ओर केवल भगवा रंग नजर आएगा और वातावरण बोल बम-बम तथा हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहेगा।

## कांवड़ यात्रा का धार्मिक महत्व और परंपरा
हिंदू धर्म संस्कृति में सावन माह के दौरान आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस पवित्र महीने में भगवान शिव के भक्त देश की पावन नदियों, मुख्य रूप से गंगाजी से जल भरकर नंगे पांव पदयात्रा करते हैं। इसके पश्चात वे अपने गृह क्षेत्र अथवा प्रमुख शिव मंदिरों में पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। इस कठिन साधना और यात्रा को पूरा करने वाले श्रद्धालुओं को कांवड़िये या भोले कहा जाता है।

कांवड़ वास्तव में बांस या लकड़ी का एक सजा हुआ डंडा होता है, जिसे श्रद्धालु सुंदर फूलों, रंग-बिरंगे झंडों और सजावटी वस्तुओं से सजाते हैं। इस डंडे के दोनों सिरों पर गंगाजल अथवा अन्य पवित्र जल से भरे पात्र या कलश लटकाए जाते हैं। श्रद्धालु इस पूरी कांवड़ को अपने कंधों पर संतुलित करते हुए मीलों लंबी यात्रा पैदल ही तय करते हैं।

## कांवड़ मार्ग पर मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और पवित्र माहौल में संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित सभी मांस और शराब की दुकानों को यात्रा अवधि के दौरान बंद रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना और मार्ग में स्वच्छता तथा पवित्रता बनाए रखना है। साथ ही यात्रा के दौरान अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश भी पुलिस और प्रशासन को दिए गए हैं।

## इसका आप पर असर
- **उत्तर प्रदेश और श्रद्धालुओं के लिए:** कांवड़ यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी तथा रूट पर मांस व शराब की दुकानें बंद रहेंगी।
- **मुजफ्फरनगर और मेरठ में:** 3 अगस्त से शुरू हो रही छुट्टियों के चलते सभी छात्र, अभिभावक और शिक्षण संस्थान यात्रा अवधि के दौरान प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।

## सवाल-जवाब

### 1. मुजफ्फरनगर में स्कूलों में कब से कब तक छुट्टी घोषित की गई है?
मुजफ्फरनगर में 3 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज तथा तकनीकी संस्थान बंद रहेंगे।

### 2. मेरठ जिले में शिक्षण संस्थान कितने दिनों के लिए बंद रहेंगे?
मेरठ के जिलाधिकारी के आदेशानुसार जिले के सभी बेसिक, माध्यमिक, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान 3 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक बंद रहेंगे।

### 3. कांवड़ यात्रा के दौरान स्कूलों को बंद करने का निर्णय क्यों लिया गया?
कांवड़ यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग 58 (NH-58) और मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, जिससे यातायात और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।

### 4. साल 2026 में कांवड़ यात्रा की शुरुआत किस तिथि से हुई है?
सावन माह की कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है।

### 5. क्या यह छुट्टी केवल सरकारी स्कूलों पर लागू होगी या निजी बोर्डों पर भी?
यह अवकाश यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई से संबद्ध सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों, डिग्री कॉलेजों, डाइट (DIET) और तकनीकी संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा।

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