# लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर पर शिकंजा, नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार, तीन युवतियां शामिल

> लखनऊ साइबर क्राइम सेल ने नामी कंपनियों में ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 19 से 21 साल की तीन युवतियां शामिल हैं।

**Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-06-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/lakhanau-men-pharji-kola-sentara-para-shiknja-naukari-ka-jhansa-dekara-thagi-kar-105

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर क्राइम सेल ने एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन युवतियां भी हैं, जिनकी उम्र 19 से 21 साल के बीच बताई जा रही है। यह कॉल सेंटर नौकरी दिलाने के बहाने भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था। मिली जानकारी के मुताबिक, यहां से अमूल, Amazon, इंफोसिस, फ्लिपकार्ट, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी जानी-मानी कंपनियों में ऑनलाइन जॉब लगवाने का लालच देकर ठगी की जाती थी।

## कैसे रचा जाता था ठगी का जाल
आरोपियों से हुई पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह गिरोह Fresherworld.com और Shine.com जैसी वेबसाइटों से प्राइवेट नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थियों का डाटा खरीदता था और फिर अपने कॉल सेंटर से इन्हीं लोगों को फोन कराता था। जैसे ही कोई अभ्यर्थी नौकरी में दिलचस्पी दिखाता, उसकी कॉल गिरोह के किसी सदस्य को ट्रांसफर कर दी जाती थी। इसके बाद उसे अमूल, Amazon, इन्फोसिस, फ्लिपकार्ट, मैनकाइंड, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी कंपनियों में मोटी सैलरी पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। फिर इन कंपनियों के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर और रजिस्ट्रेशन लेटर व्हाट्सऐप के जरिए भेजे जाते थे और रजिस्ट्रेशन फीस, गेट-पास चार्ज तथा इन्टरव्यू चार्ज के नाम पर रकम फर्जी बैंक खातों में जमा करा ली जाती थी।

## छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर में ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे 11 की-पैड मोबाइल फोन, 02 एन्ड्रॉयड मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 102 वर्क डाटा शीट और 26 फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर व रजिस्ट्रेशन लेटर आदि बरामद किए हैं। बरामद की-पैड मोबाइल फोनों के नंबर और IMEI को जब एनसीआरपी पोर्टल पर जांचा गया, तो सामने आया कि इन नंबरों और IMEI के खिलाफ देशभर से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें शिकायतकर्ताओं को बड़ी कंपनियों में ऑनलाइन जॉब दिलाने के नाम पर ठगा गया था।

## कौन-कौन हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस गिरोह के मैनेजर जीशान खान, टीम लीडर और कॉलर सतीश पाल, कॉलर सोनाली चौरसिया, कॉलर शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा कॉल सेंटर में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर, IMEI और बैंक खातों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों के साइबर पुलिस पोर्टल पर लाखों रुपये की ठगी से जुड़ी 60 से ज्यादा ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन सभी शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने की कोशिश में जुटी है।

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