लखनऊ में पंजाब मेल को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम, ट्रैक पर रखा 50 किलो का लोहे का चौखट, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा लखनऊ कैंट के पास रेलवे ट्रैक पर 50 किलो वजनी लोहे का चौखट रखकर पंजाब मेल को डिरेल करने की साज़िश की गई, लेकिन लोको पायलट ने वक्त रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली। लखनऊ में एक बार फिर सैकड़ों रेल यात्रियों की जान को जानबूझकर खतरे में डालने की कोशिश सामने आई है। राजधानी से होकर गुज़रने वाली पंजाब मेल को पटरी से उतारने के मकसद से रेलवे ट्रैक पर 50 किलो वजनी लोहे का भारी चौखट रख दिया गया। गनीमत रही कि इंजन चला रहे लोको पायलट की नज़र समय रहते इस पर पड़ गई और उन्होंने जो सूझबूझ दिखाई, उसी ने एक बड़े हादसे को होने से रोक लिया। कहां और कब हुई वारदात यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे की है। अमृतसर से हावड़ा की ओर जा रही 13006 पंजाब मेल जैसे ही कैंट इलाके के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास पहुंची, लोको पायलट को आगे ट्रैक पर लोहे का बड़ा चौखट पड़ा हुआ दिखाई दिया। बिना एक पल गंवाए उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। ब्रेक के बावजूद इंजन से टकराया चौखट इमरजेंसी ब्रेक लगने के बाद भी ट्रेन की रफ्तार पूरी तरह थम नहीं सकी और इंजन ट्रैक पर रखे 50 किलो वजनी लोहे के चौखट से जा टकराया। टक्कर के बाद यह भारी चौखट इंजन के नीचे जाकर फंस गया। हालांकि लोको पायलट की तत्परता की वजह से ट्रेन डिरेल होने से बच गई और यात्री सुरक्षित रहे। सूचना मिलते ही पहुंची टीमें घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। इंजन में फंसे चौखट को बाहर निकाला गया और उसे आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। मुकदमा दर्ज, साज़िश या शरारत? इस पूरे मामले को लेकर कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि ट्रैक पर इतना भारी चौखट रखना किसी सोची-समझी साज़िश का हिस्सा था या महज़ शरारत, लेकिन जिस तरह 50 किलो का लोहे का ढांचा चलती ट्रेन के रास्ते में रखा गया, उससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। TrendKia इस मामले से जुड़ी हर नई जानकारी पर नज़र बनाए हुए है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/lakhanau-men-punjab-mela-ko-patari-se-utarane-ki-koshisha-nakama-traika-para-rak-668 TrendKia — Har trend, sabse pehle.