लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 15 की मौत, तीन गिरफ्तार और CM योगी आदित्यनाथ का फूटा गुस्सा लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर की भीषण आग में 15 लोगों की जान जाने के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मालिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और गैर इरादतन मानव वध की धाराओं में FIR दर्ज की. CM योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को जमकर फटकारा और पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी की स्थिति पर कड़े सवाल उठाए. लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भड़की भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली और कई अन्य लोग घायल भी हुए. आग पर काबू पाने के घंटों बाद भी इमारत से धुआं उठ रहा था, बिल्डिंग अभी भी तप रही थी और दमकल कर्मी कूलिंग का काम कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इमारत से नीचे कूदना पड़ा, जबकि अनेक लोग धुएं और आग के बीच फंसे रहे. यह हादसा LDA और दमकल विभाग की घोर लापरवाही की ओर उंगली उठाता है, जिसका खामियाजा पीड़ितों के परिजन आज भुगत रहे हैं. बिल्डिंग सील, FSL टीम मौके पर पहुंची लखनऊ पुलिस ने अलीगंज थाना क्षेत्र की आग प्रभावित इमारत को सील कर दिया है. घटनास्थल पर FSL फोरेंसिक टीम पहुंच गई है और दमकल विभाग सबूत इकट्ठा करने में जुटा है. अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 लोगों में से 14 शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और 13 शव उनके परिजनों को सुपुर्द किए जा चुके हैं. तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार, FIR में संगीन धाराएं पुलिस ने अलीगंज थाने में गैर इरादतन मानव वध जैसी गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की और तीनों प्रमुख आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया. पहले आरोपी बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला पर सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाकर इस खतरनाक इमारत को खड़ा करने का आरोप है. दूसरे आरोपी डॉ. रामकृष्ण उपाध्याय ने ग्राउंड फ्लोर पर 'अलीगंज पेट शॉप एंड क्लीनिक' बिना तय मानकों के चला रखी थी. तीसरे आरोपी तुशाक कृष्णा जायसवाल ने ऊपरी मंजिलों पर 'हेक्सा थ्री डी एनिमेशन' और 'हेड हूपर्स इंस्टीट्यूट' का संचालन किया. इन तीनों पर अवैध कमर्शियल गतिविधियां चलाने और 15 बच्चों की जान जोखिम में डालने का संगीन आरोप है. राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज यह मामला राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता और मानवाधिकार शोधकर्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई और मांग की कि जिला प्रशासन, पुलिस व अग्निशमन विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाए. शिकायत में यह भी जांचने की अपील की गई है कि संबंधित इमारत और कोचिंग संस्थान के पास वैध फायर NOC और अन्य जरूरी अनुमतियां थीं या नहीं, और क्या राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) व अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था. डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि अगर सुरक्षा मानकों की अनदेखी साबित हुई तो यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों के जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है. उन्होंने तीन अहम मांगें रखीं: दोषी अधिकारियों, भवन मालिक और प्रबंधकों के खिलाफ कानूनी और विभागीय दोनों स्तर पर कार्रवाई हो; मृतकों के परिजनों और घायलों को उचित मुआवजा तथा पुनर्वास सहायता दी जाए; और प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों व बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों का विशेष अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो. CM योगी आदित्यनाथ का गुस्सा: लखनऊ का यह हाल तो बाकी शहरों का क्या सूत्रों के मुताबिक CM योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ हुई बैठक में कड़ी नाराजगी जताई और जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि जब राजधानी लखनऊ में सुरक्षा मानकों का यह हाल है तो प्रदेश के बाकी शहरों की क्या स्थिति होगी. दमकल विभाग से भी उन्होंने सीधे जवाब मांगा कि अब तक कितने सर्वे किए गए हैं और कितनी इमारतों की जांच की जा चुकी है. LDA ने पांच अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की LDA के वाइस चेयरमैन प्रथमेश कुमार ने अग्निकांड की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष दल का गठन किया है. यह टीम ज्ञानेंद्र वर्मा के नेतृत्व में काम करेगी और इसमें KK गौतम, मानवेंद्र सिंह, मनोज सागर और रविनंदन सिंह शामिल हैं. ये पांचों LDA अधिकारी घटना के सभी पहलुओं की गहन और विस्तृत जांच करेंगे. इसका आप पर असर • भारत में: इस हादसे ने देशभर के कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की खामियों को उजागर किया है, बच्चों को ऐसी जगह भेजने वाले माता-पिता को अपने संस्थान की वैध फायर NOC, आपातकालीन निकास और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करनी चाहिए. • लखनऊ में: LDA और दमकल विभाग की जांच के बाद शहर के कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक इमारतों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है, जिसका असर स्थानीय छात्रों, अभिभावकों और व्यवसायियों पर सीधे पड़ेगा. सवाल-जवाब 1. लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर की आग में कितने लोगों की मौत हुई? इस अग्निकांड में कुल 15 लोगों की जान गई है. 2. इस मामले में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर क्या आरोप हैं? तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं: बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, डॉ. रामकृष्ण उपाध्याय और तुशाक कृष्णा जायसवाल. इन पर अलीगंज थाने में गैर इरादतन मानव वध की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज है. 3. CM योगी आदित्यनाथ ने अफसरों की बैठक में क्या कहा? उन्होंने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि जब राजधानी लखनऊ का यह हाल है तो बाकी शहरों की क्या स्थिति होगी, साथ ही दमकल विभाग से पूछा कि कितने सर्वे किए गए और कितनी इमारतों की जांच हुई. 4. LDA ने जांच के लिए कौन सी टीम बनाई है? LDA के वाइस चेयरमैन प्रथमेश कुमार ने ज्ञानेंद्र वर्मा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जिसमें KK गौतम, मानवेंद्र सिंह, मनोज सागर और रविनंदन सिंह शामिल हैं. 5. राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत किसने दर्ज कराई? इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता और मानवाधिकार शोधकर्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने यह शिकायत दर्ज कराई है. 6. घटना वाली बिल्डिंग में कौन-कौन से संस्थान चल रहे थे? ग्राउंड फ्लोर पर 'अलीगंज पेट शॉप एंड क्लीनिक' और ऊपरी मंजिलों पर 'हेक्सा थ्री डी एनिमेशन' तथा 'हेड हूपर्स इंस्टीट्यूट' चल रहे थे. 7. मृतकों के शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं? 15 मृतकों में से 14 शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और 13 शव परिजनों को सुपुर्द किए जा चुके हैं. 8. डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने अनुच्छेद 21 का जिक्र क्यों किया? उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी सिद्ध होती है तो यह मामला केवल हादसे तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों के जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन बन जाएगा. https://trendkia.com/uttar-pradesh/lucknow-kochinga-sentara-agnikanda-15-ki-mauta-tina-giraphtara-aura-cm-yogi-adityanath-ka-phuta-gussa-2388 TrendKia — Har trend, sabse pehle.