एटा में बुखार के इलाज के दौरान बड़ा हादसा, झोलाछाप का इंजेक्शन लगते ही युवक की मौत उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक 32 वर्षीय युवक की बुखार के इलाज के दौरान संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एक स्थानीय झोलाछाप द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के महज पांच मिनट बाद ही उसकी सांसें थम गईं। उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जसवंतपुर थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के कथित तौर पर जानलेवा नतीजे सामने आए। यहाँ बुखार की शिकायत से जूझ रहे 32 वर्षीय एक व्यक्ति की उस वक्त संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जब घर पर उसका उपचार किया जा रहा था। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। बुखार से पीड़ित था मृतक प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान रत्नेश के तौर पर हुई है, जो पिछले कुछ दिनों से बुखार से गंभीर रूप से पीड़ित चल रहा था। उसकी इस बीमारी से निजात पाने के लिए परिजनों ने नगला हिम्मत इलाके में रहने वाले एक स्थानीय व्यक्ति को अपने घर पर बुलाया था। वह शख्स अपने इलाके में मेडिकल स्टोर चलाने के साथ-साथ घरों पर जाकर लोगों का इलाज करने का भी अवैध काम करता था। इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी तबीयत मृतक के परिवारजनों ने बताया कि उस कथित चिकित्सक ने घर पहुँचकर रत्नेश को बुखार ठीक करने के नाम पर एक इंजेक्शन लगाया था। जैसे ही दवा शरीर के भीतर पहुँची, वैसे ही युवक की सेहत बहुत तेजी से बिगड़ने लगी। हालात इतने खराब हो गए कि महज पाँच मिनट के भीतर ही उसने दम तोड़ दिया। इस अचानक आए संकट से घबराए परिजन फौरन उसे अलीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, लेकिन वहाँ मौजूद डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। आरोपी फरार और पुलिस की कार्रवाई घटना को अंजाम देने के बाद से आरोपी व्यक्ति मौके से फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। जसवंतपुर थाना प्रभारी सुबोध कुमार उपाध्याय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। थाना प्रभारी ने आगे स्पष्ट किया कि रिपोर्ट हाथ में आने के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो पाएगा और यह भी साफ हो सकेगा कि उस इंजेक्शन का इस पूरी घटना से क्या संबंध था। रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हापुड़ में दो बहनों पर तेजाब हमला इसी बीच उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के सिंभावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम माधापुर से भी एक अन्य गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ देर रात अपने घर के भीतर चैन की नींद सो रही दो सगी बहनों पर एक नशेड़ी युवक ने तेजाब से हमला कर दिया। इस अचानक और क्रूर हमले में दोनों पीड़ित बहनें बुरी तरह झुलस गईं। इसका आप पर असर झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से घर पर इलाज करने वालों से जुड़ी इस घटना का सीधा असर आम लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ता है। • भारत में: अयोग्य या बिना लाइसेंस के प्रैक्टिस करने वाले लोगों से इलाज कराने पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और जान का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में मरीजों को हमेशा किसी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर या अस्पताल से ही सलाह लेनी चाहिए। • एटा में: स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अवैध मेडिकल स्टोर संचालकों तथा घर-घर जाकर इंजेक्शन लगाने वाले झोलाछाप लोगों के खिलाफ सख्त अभियान चलाना चाहिए। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जिले में हुई है? यह घटना उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जसवंतपुर थाना क्षेत्र में हुई है। 2. मृतक व्यक्ति का नाम क्या था? मृतक व्यक्ति का नाम रत्नेश था, जिनकी उम्र 32 वर्ष थी। 3. युवक की तबीयत क्यों बिगड़ी थी? परिजनों के अनुसार, एक स्थानीय झोलाछाप द्वारा बुखार के इलाज के लिए इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद युवक की तबीयत बिगड़ गई थी। 4. युवक को कहाँ ले जाया गया था? तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अलीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए थे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 5. पुलिस इस मामले में क्या कर रही है? पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/man-dies-within-minutes-of-receiving-injection-for-fever-in-etah-quack-flees-the-scene-24594 TrendKia — Har trend, sabse pehle.