# मां की डांट से गुस्साकर साइकिल से जौनपुर निकले दो मासूम भाई, हाथरस पुलिस ने परिवार से मिलवाया

> अलीगढ़ में मां के डांटने पर नाराज होकर दो मासूम भाई साइकिल से 800 किलोमीटर दूर जौनपुर अपने दादा से मिलने निकल पड़े। हाथरस पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और परिजनों से मिलवाया।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/man-ki-danta-se-gussakara-saikila-se-jaunpur-nikale-do-masuma-bhai-hathras-pulisa-ne-parivara-se-milavaya-48987 · **Language:** Hindi
**Tags:** हाथरस, अलीगढ़, जौनपुर, उत्तर प्रदेश पुलिस, बच्चों का घर छोड़ना

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक हैरान कर देने वाला और दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहां मां के डांटने से नाराज दो मासूम भाई अलीगढ़ से साइकिल उठाकर करीब 800 किलोमीटर दूर जौनपुर स्थित अपने दादा के घर के लिए निकल पड़े। हालांकि रास्ते में हाथरस पुलिस की सतर्क नजर इन दोनों बच्चों पर पड़ गई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों भाइयों को रोक लिया और पूछताछ की। बच्चों से बात करने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आई और पुलिस ने सुरक्षित तरीके से दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चों को सकुशल पाकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए और उन्होंने पुलिस प्रशासन का तहदिल से शुक्रिया अदा किया।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार, घर से रूठकर साइकिल द्वारा लंबी यात्रा पर निकले दोनों भाइयों में बड़े भाई की उम्र 13 वर्ष है जिसका नाम अभिनव है, जबकि उसका छोटा भाई महज 7 साल का है जिसका नाम अक्षय है। ये दोनों बच्चे अलीगढ़ से अपनी साइकिल लेकर जौनपुर जाने की जिद ठानकर निकल पड़े थे, जो कि उनके घर से लगभग 800 किलोमीटर दूर था। इतनी लंबी दूरी तय करने का उनका यह बालसुलभ प्रयास हर किसी को अचरज में डालने वाला था, क्योंकि कम उम्र और नासमझ होने के कारण उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि रास्ता कितना लंबा और कठिन है।

 

## रात के समय सड़क पर साइकिल चलाते देख पुलिस को हुआ शक
 यह घटना उस समय प्रकाश में आई जब हाथरस जिले के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र अंतर्गत अलीगढ़ रोड से ये दोनों बच्चे रात के वक्त अपनी साइकिल पर सवार होकर गुजर रहे थे। गश्त पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने इतनी रात गए दो छोटे बच्चों को इस तरह अकेले साइकिल चलाते हुए देखा तो उन्हें संदेह हुआ। पुलिस ने तुरंत अपनी गाड़ी रोककर दोनों बच्चों को अपने पास बुलाया और उनसे इतनी रात में अकेले सफर करने की वजह पूछी। पूछताछ के दौरान जब दोनों बच्चों ने मासूमियत से बताया कि वे अपनी मां के डांटने से नाराज होकर जौनपुर में रह रहे अपने दादा से मिलने जा रहे हैं, तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

 पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें तुरंत सड़क से हटाया और अपने साथ थाना सिकंदराराऊ ले आए। थाने लाने के बाद पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बच्चों को अपने संरक्षण में रखा और उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने फौरन अलीगढ़ में उनके परिजनों से संपर्क साधा और बच्चों के सुरक्षित होने की सूचना दी। अपने बच्चों के लापता होने से परेशान परिवार को जब यह सुखद खबर मिली, तो उनकी जान में जान आई और वे तुरंत बच्चों को लेने के लिए हाथरस के थाना सिकंदराराऊ के लिए रवाना हो गए।

 

## परिजनों ने हाथरस पुलिस के प्रति जताया गहरा आभार
 थाना सिकंदराराऊ पहुंचने पर बच्चों के पिता अभिषेक ने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। बच्चों के पिता ने कहा कि वे अपने बच्चों के अचानक गायब होने से बेहद चिंतित थे, लेकिन हाथरस पुलिस की मुस्तैदी और संवेदनशीलता के कारण उनके दोनों बेटे अभिनव और अक्षय सुरक्षित उनके पास वापस लौट आए हैं। पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों मासूमों को सकुशल उनके पिता अभिषेक को सौंप दिया। इस सफल और मानवीय कार्रवाई के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और सभी ने राहत की सांस ली है।

## इसका आप पर असर
यह घटना बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, अभिभावकों की संवाद शैली और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है।

- **भारत में:** यह मामला बच्चों के गुस्से और बचकानी हरकतों के दौरान सड़क सुरक्षा और पुलिस की सतर्कता के महत्व को रेखांकित करता है। रात के समय हाइवे या मुख्य सड़कों पर बच्चों की आवाजाही ड्राइवरों और सुरक्षा बलों दोनों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन सकती है।

- **हाथरस और अलीगढ़ में:** स्थानीय स्तर पर अभिभावकों के लिए यह एक चेतावनी है कि बच्चों के साथ संवाद स्थापित करते समय उनकी मानसिकता का विशेष ध्यान रखें। बच्चों के इस तरह घरों से दूर निकलने की घटनाओं से स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच बाल सुरक्षा को लेकर चौकसी और बढ़ जाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरी घटना एक बच्चे के भावनात्मक आवेग और घरेलू अनबन के कारण उत्पन्न हुई, जिसमें बच्चों ने नासमझी में एक असंभव लगने वाली यात्रा शुरू कर दी थी।

- **घटना का कारण:** बच्चों के घर छोड़ने की मुख्य वजह उनकी मां की डांट थी, जिससे नाराज होकर उन्होंने अपने दादा के पास जाने का निर्णय लिया।

- **लंबी दूरी की नासमझी:** 7 वर्ष और 13 वर्ष की कम आयु होने के कारण दोनों भाई अलीगढ़ से जौनपुर की 800 किलोमीटर की दूरी और रास्ते की कठिनाइयों से पूरी तरह अनजान थे।

- **पुलिस की सतर्कता:** रात के समय अलीगढ़ रोड पर गश्त कर रही पुलिस ने जब दो छोटे बच्चों को साइकिल चलाते देखा, तो समय रहते सही सवाल पूछकर इस संभावित खतरे को टाल दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. दोनों बच्चे कहां से कहां तक जा रहे थे?
दोनों बच्चे अलीगढ़ से साइकिल चलाकर जौनपुर अपने दादा के पास जा रहे थे।

### 2. बच्चों की उम्र कितनी थी?
बड़े भाई अभिनव की उम्र 13 वर्ष और छोटे भाई अक्षय की उम्र 7 वर्ष थी।

### 3. बच्चों को किस जगह पर रोका गया?
बच्चों को हाथरस जिले के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के अलीगढ़ रोड पर रोका गया।

### 4. बच्चों ने घर छोड़ने का फैसला क्यों किया?
मां के डांटने से नाराज होकर दोनों भाइयों ने घर छोड़ने का फैसला किया था।

### 5. बच्चों को किसने परिवार से मिलाया?
हाथरस पुलिस ने दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर उनके पिता अभिषेक को सौंप दिया।

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