# मरणोपरांत कीर्ति चक्र हासिल करने वाले यूपी पुलिस के प्रथम कर्मी बने इंस्पेक्टर सुनील कुमार, मिला वीरता पदक भी

> उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स के दिवंगत निरीक्षक सुनील कुमार को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मरणोपरांत कीर्ति चक्र और वीरता पदक प्रदान किया गया है। वह राज्य पुलिस के ऐसे पहले कर्मी हैं जिन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-08-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/maranoparanta-kirti-chakra-hasila-karane-vale-up-police-ke-prathama-karmi-bane-inspector-sunil-kumar-mila-virata-padaka-bhi-17072 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुनील कुमार, कीर्ति चक्र, यूपी पुलिस, यूपी एसटीएफ, गैलेंट्री मेडल, स्वतंत्रता दिवस 2026, अनिल दुजाना, शामली एनकाउंटर

स्वतंत्रता दिवस 2026 के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के नाम एक अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज हुई है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) के जांबाज निरीक्षक स्वर्गीय सुनील कुमार को भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत 'कीर्ति चक्र' से अलंकृत करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, अपराधियों के खिलाफ एक अन्य साहसिक कार्रवाई में असाधारण शौर्य का प्रदर्शन करने के लिए उन्हें वीरता पदक (गैलेंट्री मेडल) भी दिया गया है। उत्तर प्रदेश सिविल पुलिस के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी कर्मी को देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। सुनील कुमार को मिला यह दोहरा सम्मान उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन करता है।

## शामली मुठभेड़ और कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान
कीर्ति चक्र की यह सर्वोच्च मान्यता उस भयावह एनकाउंटर की देन है जो 20 जनवरी 2025 को शामली जिले में हुआ था। उस दिन उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कुछ कुख्यात और खतरनाक अपराधी छिपे हुए हैं। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना टीम की अगुवाई की और अपराधियों को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुनील कुमार ने सामने से मुकाबला करते हुए असाधारण वीरता दिखाई, लेकिन इस भीषण गोलीबारी के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जिंदगी और मौत से लड़ते हुए 22 जनवरी 2025 को वे शहीद हो गए। उनकी इसी निष्ठा और पराक्रम के सम्मान स्वरूप केंद्र सरकार ने उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र देने का निर्णय लिया है।

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## 66 मुकदमों में वांटेड अनिल दुजाना का एनकाउंटर
कीर्ति चक्र के साथ-साथ स्वर्गीय सुनील कुमार को एक अन्य एनकाउंटर में दिखाई गई बहादुरी के लिए वीरता पदक प्रदान किया गया है। यह मामला 4 मई 2023 का है, जब मेरठ जिले के थाना जानी क्षेत्र में एसटीएफ और खूंखार गैंगस्टर अनिल दुजाना के बीच आमना-सामना हुआ था। अनिल दुजाना पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक कुख्यात अपराधी था, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और डकैती समेत कुल 66 आपराधिक मामले दर्ज थे। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अदम्य साहस दिखाते हुए मोर्चा संभाला। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में अनिल दुजाना गंभीर रूप से जख्मी हो गया और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस जटिल अभियान को सफलता से अंजाम देने और अदम्य साहस दिखाने के कारण ही सुनील कुमार को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर गैलेंट्री मेडल से नवाजा गया है।

## 78 गैलेंट्री अवॉर्ड्स का ऐलान और पुलिस बल के लिए गर्व का क्षण
भारत सरकार ने स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर कुल 78 गैलेंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा की थी। इनमें से 13 जांबाज वीरों को मरणोपरांत सम्मान देने की घोषणा की गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नाम प्रमुखता से शामिल है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में स्वर्गीय सुनील कुमार की शहादत को नमन किया है। पुलिस बल के अनुसार, कर्तव्य की वेदी पर दिया गया उनका यह सर्वोच्च बलिदान संपूर्ण उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार के लिए ऐतिहासिक गौरव और प्रेरणा का विषय है। सुनील कुमार की वीरता और समर्पण की यह गाथा आने वाली पीढ़ियों के पुलिस अधिकारियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

## इसका आप पर असर
**इस खबर का आपके लिए क्या प्रभाव है:**

- **भारत में:** देश के सर्वोच्च नागरिक व सैन्य सुरक्षा सम्मान कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यों का पालन करने वाले जांबाज जवानों के समर्पण और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली में जनता के विश्वास को सुदृढ़ करते हैं।
- **उत्तर प्रदेश में:** यूपी पुलिस और एसटीएफ के इस ऐतिहासिक गौरव से राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश मजबूत होता है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था में भरोसा बढ़ता है।

## सवाल-जवाब

### 1. इंस्पेक्टर सुनील कुमार कौन थे?
इंस्पेक्टर सुनील कुमार उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) के एक जांबाज अधिकारी थे, जिन्हें जनवरी 2025 में शामली एनकाउंटर में सर्वोच्च बलिदान देने के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया है।

### 2. यूपी पुलिस के लिए कीर्ति चक्र सम्मान क्यों ऐतिहासिक है?
इंस्पेक्टर सुनील कुमार उत्तर प्रदेश सिविल पुलिस के पहले ऐसे कर्मी हैं जिन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।

### 3. इंस्पेक्टर सुनील कुमार को वीरता पदक (गैलेंट्री मेडल) किस लिए मिला?
उन्हें 4 मई 2023 को मेरठ में हुए एनकाउंटर में असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए वीरता पदक मिला, जिसमें 66 मामलों में वांटेड कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना ढेर हुआ था।

### 4. शामली एनकाउंटर कब हुआ था?
शामली एनकाउंटर 20 जनवरी 2025 को हुआ था, जिसमें इंस्पेक्टर सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे और 22 जनवरी 2025 को शहीद हुए थे।

### 5. स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर कितने गैलेंट्री अवॉर्ड्स का ऐलान किया गया था?
भारत सरकार द्वारा कुल 78 गैलेंट्री अवॉर्ड्स को मंजूरी दी गई थी, जिनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान किए गए।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सीख:**

- **कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा:** इंस्पेक्टर सुनील कुमार की जीवनगाथा सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने पेशे और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
- **अदम्य साहस और नेतृत्व:** संकट के समय अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर नेतृत्व करना ही सच्चे नायक की पहचान है।
- **सर्वोच्च बलिदान का सम्मान:** देश और समाज की सुरक्षा के लिए दिया गया निस्वार्थ योगदान कभी व्यर्थ नहीं जाता और हमेशा अमर रहता है।

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