# मथुरा के गुरुकुल में सीवेज टैंक साफ करने उतरे चार छात्रों की दम घुटने से दर्दनाक मौत, संचालक हिरासत में

> वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनी गुरुकुल में जहरीली गैस की चपेट में आने से चार नाबालिग विद्यार्थियों की जान चली गई, जबकि एक छात्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/mathura-ke-gurukul-men-siveja-tainka-sapha-karane-utare-chara-chhatron-ki-dama-ghutane-se-dardanaka-mauta-snchalaka-hirasata-men-44457 · **Language:** Hindi
**Tags:** वृंदावन, मथुरा हादसा, गुरुकुल हादसा, छात्रों की मौत, उत्तर प्रदेश पुलिस, चैतन्य विहार, सीवेज टैंक

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित वृंदावन के चैतन्य विहार इलाके में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां संचालित महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में मंगलवार देर शाम एक गहरे टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के असर से चार विद्यार्थियों की सांसें थम गईं। वहीं, एक अन्य छात्र की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुकुल के प्रबंधक आशीष और उसके एक सहयोगी को हिरासत में ले लिया है। इस गंभीर घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने भी आवश्यक जांच पड़ताल और पीड़ित छात्र को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

## बिना कानूनी मान्यता के चल रहा था आवासीय संस्थान
जांच के दौरान सामने आई प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, इस संस्थान में कुल 200 छात्र पंजीकृत बताए गए हैं। इनमें से करीब 100 विद्यार्थी इसी भवन के छात्रावास में रहकर संस्कृत भाषा, वेद, कर्मकांड और पारंपरिक पूजा-पद्धति की शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। यहां पढ़ने वाले बच्चे उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों से धार्मिक अध्ययन के उद्देश्य से आए हुए थे। स्थानीय स्तर पर यह भी गंभीर आरोप लगा है कि यह गुरुकुल बिना किसी वैधानिक रजिस्ट्रेशन या मान्यता के गैर-कानूनी ढंग से चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं, अध्ययनरत बच्चों से पढ़ाई कराने के अलावा खाना पकाने और समूचे परिसर की साफ-सफाई जैसे भारी घरेलू काम भी जबरन कराए जाते थे।

## बदबू मिटाने के लिए छात्रों को 12 फीट गहरे टैंक में धकेला
घटना के क्रम के मुताबिक, मंगलवार शाम को इमारत के पिछले हिस्से में मौजूद लगभग 12 फीट गहरे टैंक से तेज दुर्गंध आ रही थी और उसमें जमा पानी ओवरफ्लो होकर बाहर फैल रहा था। समस्या के समाधान के लिए किसी पेशेवर सफाईकर्मी को बुलाने के बजाय प्रबंधन ने मासूम छात्रों को ही टैंक के भीतर उतार दिया। सबसे पहले मनु कटारे नामक छात्र सीवेज टैंक में सफाई के लिए उतरा, लेकिन भीतर मौजूद जहरीली गैस के प्रभाव से वह पलक झपकते ही अचेत हो गया। साथी को संकट में देख उसे बचाने की नीयत से चार अन्य छात्र आर्यन, देवांश, विशु और रुद्र भी बारी-बारी से टैंक के अंदर चले गए। घातक रासायनिक गैस की जद में आने के कारण पांचों विद्यार्थी टैंक के भीतर ही बेहोश हो गए।

## अस्पताल में डॉक्टरों ने चार बच्चों को घोषित किया मृत
शोर मचने और अफरा-तफरी का माहौल बनने के बाद सभी प्रभावित बच्चों को टैंक से बाहर खींचकर निकटतम चिकित्सालय पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद मनु, देवांश, आर्यन और विशु को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पांचवें छात्र रुद्र का उपचार अस्पताल में जारी है और चिकित्सक उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

## संस्थान का बैनर फाड़ा, लापरवाही पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
इस दुखद हादसे के सामने आते ही भारी आक्रोश देखा गया और संस्थान के बाहर लगा पहचान बोर्ड अथवा बैनर भी फाड़ दिया गया। एसएसपी श्लोक कुमार ने पुष्टि की है कि समूची घटना की विभिन्न पहलुओं से छानबीन की जा रही है कि आखिर यह लापरवाही किस स्तर पर हुई। उन्होंने बताया कि प्रबंधन से जुड़े दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पीड़ित परिवारों की तहरीर मिलते ही संबंधित धाराओं में औपचारिक मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

## इसका आप पर असर
यह दुखद घटना आवासीय शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और अवैध रूप से चल रहे स्कूलों पर कड़े नियामक कदमों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

- **अभिभावकों के लिए:** यदि आपका बच्चा किसी आवासीय विद्यालय या गुरुकुल में पढ़ता है, तो संस्थान की आधिकारिक मान्यता और सुरक्षा मानकों की तुरंत जांच करें। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चों से किसी भी प्रकार का जोखिम भरा या अमानवीय श्रम न कराया जा रहा हो।
- **संस्थानों के नियमन पर:** गैर-पंजीकृत संस्थानों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण और कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। ऐसे केंद्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्वच्छता व्यवस्था की जांच तेज होगी।
- **सीवेज और टैंक सुरक्षा:** गहरे टैंक या सीवर की सफाई के लिए पेशेवर मशीनों के बिना इंसानों को उतारना प्रतिबंधित है। किसी भी आवासीय परिसर में इस नियम के उल्लंघन पर तुरंत शिकायत दर्ज की जा सकती है।
- **उत्तर प्रदेश में:** राज्य सरकार की ओर से ऐसे धार्मिक व संस्कृत शिक्षण केंद्रों के पंजीकरण की जांच के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। प्रबंधकों पर छात्रों की सुरक्षा की सीधी जवाबदेही तय की जा रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दर्दनाक हादसा गैर-जिम्मेदाराना प्रबंधन, अनिवार्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी और बंद स्थान में बनी घातक गैसों के कारण घटित हुआ।

- **असुरक्षित सफाई कार्य:** भवन के पिछले हिस्से में मौजूद 12 फीट गहरे टैंक से दुर्गंध आने और पानी ओवरफ्लो होने पर बिना सुरक्षा उपकरणों के मासूम छात्रों को उतार दिया गया। पेशेवर सीवर सफाई कर्मियों की जगह बच्चों को भेजने से यह संकट पैदा हुआ।
- **जहरीली गैसों का जमाव:** लंबे समय से बंद सीवेज या गंदे पानी के टैंक में मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी दम घोंटने वाली गैसें जमा हो जाती हैं। मनु के बेहोश होने के बाद बचाव के प्रयास में अन्य छात्र भी बिना ऑक्सीजन उपकरण के नीचे उतरे और तुरंत अचेत हो गए।
- **प्रबंधन की अवैध कार्यप्रणाली:** संस्थान का संचालन बिना पंजीकरण के हो रहा था, जिससे वहां सुरक्षा मानकों और निरीक्षण की पूरी कमी थी। बच्चों से पढ़ाई के नाम पर जोखिम भरे काम करवाना इस हादसे का मूल कारण बना।
- **प्रशासनिक जांच:** स्थानीय पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है कि किस स्तर पर घोर लापरवाही बरती गई। परिजनों की शिकायत के आधार पर औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज किया जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह हादसा कहां और किस संस्थान में हुआ?
यह घटना उत्तर प्रदेश के वृंदावन में चैतन्य विहार स्थित महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में हुई।

### 2. हादसे में कितने छात्रों की जान गई?
टैंक में दम घुटने से चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र अस्पताल में उपचाराधीन है।

### 3. टैंक में उतरने वाले मृतक छात्रों के नाम क्या हैं?
मृतक छात्रों के नाम मनु कटारे, आर्यन, देवांश और विशु हैं। घायल छात्र का नाम रुद्र है।

### 4. विद्यार्थी टैंक के अंदर क्यों गए थे?
भवन के पीछे बने 12 फीट गहरे टैंक से दुर्गंध आने और पानी ओवरफ्लो होने पर प्रबंधन ने छात्रों को सफाई के लिए उतारा था।

### 5. पुलिस ने मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई की है?
पुलिस ने गुरुकुल संचालक आशीष और उसके एक साथी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

### 6. संस्थान के संचालन को लेकर क्या अनियमितताएं सामने आई हैं?
गुरुकुल कथित तौर पर बिना वैध पंजीकरण के चल रहा था और वहां पढ़ने वाले बच्चों से भोजन पकाने तथा सफाई जैसे काम कराए जाते थे।

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