मथुरा में योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश, बोले- समाज विरोधी ताकतों का हश्र कंस जैसा होगा जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन आस्था पर जोर देते हुए कहा कि धर्म को नुकसान पहुंचाने वालों का अंत तय है। उन्होंने अयोध्या और काशी के विकास का जिक्र करते हुए विरोधी ताकतों पर जमकर निशाना साधा। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सनातन धर्म की महत्ता और उसकी रक्षा का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि सनातन की आस्था को मिटाने और उसे कमजोर करने के लिए इतिहास में तमाम हमले किए गए, लेकिन इस शाश्वत संस्कृति को कोई भी समाप्त नहीं कर सका। इसके विपरीत, आस्था पर प्रहार करने वाले और इसे मिटाने का दुस्साहस दिखाने वाले खुद इतिहास के पन्नों से मिट गए और धूल में मिल गए। सनातन आस्था और भगवान कृष्ण के संदेश योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आगे कहा कि जिन ताकतों ने सनातन परंपरा को कुचलने का प्रयास किया, वे आज स्मृति शेष हो चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि न केवल ब्रज भूमि बल्कि पूरे भारतवर्ष में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की यादें आज भी जनमानस के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनी हुई हैं। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए आगे बढ़ने का एक ऊर्जावान और उत्साहपूर्ण माहौल तैयार करती है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि करीब 5200 वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण ने जो उपदेश दिए थे, वे आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। इस प्रासंगिकता को जीवित रखने के लिए सज्जन शक्तियों का संरक्षण हर हाल में किया जाएगा। हालांकि, राष्ट्र विरोधी और समाज विरोधी ताकतें जहां भी सिर उठाने की कोशिश करेंगी और समाज में द्वेष फैलाकर भारत की एकता, अखंडता तथा आस्था को चोट पहुँचाने का कुत्सित प्रयास करेंगी, तो भगवान श्री कृष्ण ने 5000 वर्ष पहले ही उनकी गति तय कर दी थी। कंस जैसी दुर्गति और इतिहास के आक्रांता सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अनास्था और नकारात्मकता हमेशा मनुष्य को अधोगति की ओर ले जाती है। कोई भी ताकतवर व्यक्ति तात्कालिक रूप से अपने आपको कितना भी शक्तिशाली क्यों न दिखाए, लेकिन कंस जैसी उसकी दुर्गति होना पूरी तरह निश्चित है। उसे कोई भी नहीं रोक सकता। यही अटूट आस्था पिछले 5000 वर्षों से सनातन धर्म की असली ताकत बनी हुई है और इसे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है. उन्होंने यह भी कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास का एक अद्भुत समन्वय देखने को मिल रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण काशी में काशी विश्वनाथ धाम का पुनरुद्धार है। आज से 10 वर्ष पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि बाबा विश्वनाथ का यह परिसर इतनी भव्यता के साथ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। अयोध्या का कायापलट और विकास कार्य अयोध्या के बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब कोई व्यक्ति अयोध्या जाता है, तो उसे भगवान श्री राम के साक्षात पधारने का अहसास होता है और त्रेता युग की याद ताजा हो जाती है। आज से 10 वर्ष पहले अयोध्या की स्थिति बेहद दयनीय थी, जहाँ न तो ढंग की सड़कें थीं, न बिजली और पानी की पूरी व्यवस्था थी, बल्कि चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा रहता था। रेलवे की केवल एक सिंगल लाइन जुड़ी हुई थी और अव्यवस्था व अराजकता देखकर श्रद्धालु रोते हुए लौटते थे। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रतिदिन लगभग 1 लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आ रहे हैं। वहीं रामनवमी, कार्तिक माह, सावन झूला मेला और दीपोत्सव जैसे विशेष अवसरों पर यह संख्या बढ़कर 5 लाख से 50 लाख तक पहुँच जाती है, और इसके बावजूद किसी को कोई असुविधा नहीं होती। वहाँ सामाजिक समता का अनूठा उदाहरण देखने को मिलता है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में एक आधुनिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन चुका है और चारों तरफ चार लेन की चौड़ी सड़कें, भक्ति पथ तथा राम पथ का निर्माण हो चुका है। अयोध्या अब रेलवे की डबल लाइन से भी जुड़ चुकी है। आलोचकों पर तीखा प्रहार इतिहास के पन्नों को पलटते हुए उन्होंने कहा कि ठीक 500 वर्ष पहले 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन आज उन आक्रांता को खोजने पर भी कोई नहीं मिलेगा क्योंकि वे सब समाप्त हो गए। आज अयोध्या में भगवान श्री राम का विशाल मंदिर बन चुका है और दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर वहीं स्थापित है। जिन लोगों को यह सब रास नहीं आ रहा है, वे बेवफाई कर रहे हैं और अयोध्या को बदनाम करने में लगे हुए हैं। जिन्हें इस बात की खुशी है, वे देख रहे हैं कि हमारे रामलला एक बार फिर से अपनी पूरी भव्यता के साथ अयोध्या में विराजमान हो चुके हैं। इसका आप पर असर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान से राज्यभर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जाने की संभावना है। - उत्तर प्रदेश में: धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के और अधिक पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। - मथुरा और अयोध्या में: तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर परिवहन, पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को सीधा बढ़ावा मिलेगा। सवाल-जवाब 1. योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी का संबोधन कहाँ दिया? योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में यह संबोधन दिया। 2. मुख्यमंत्री ने किन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विकास का जिक्र किया? उन्होंने अयोध्या और काशी विश्वनाथ धाम के विकास और पुनर्निर्माण का विशेष रूप से उल्लेख किया। 3. अयोध्या में प्रतिदिन लगभग कितने श्रद्धालु आ रहे हैं? वर्तमान में अयोध्या में प्रतिदिन लगभग 1 लाख श्रद्धालु आ रहे हैं, जो त्योहारों पर 5 लाख से 50 लाख तक पहुँच जाते हैं। 4. अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम किसके नाम पर रखा गया है? अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/mathura-men-yogi-adityanath-ka-kara-sndesha-bole-samaja-virodhi-takaton-ka-hashra-knsa-jaisa-hoga-27490 TrendKia — Har trend, sabse pehle.