मऊ के रानीपुर बाजार में पथ प्रकाश न होने से शाम 6 बजे ही ढल जाता है कारोबार, व्यापारियों ने की स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर की मांग उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर बाजार में स्ट्रीट लाइट न होने से शाम 6 बजे ही दुकानें बंद हो रही हैं। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने पथ प्रकाश के साथ मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने की गुहार लगाई है। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्थित रानीपुर बाजार इन दिनों शाम ढलते ही अंधेरे के आगोश में समा जाता है। मुख्य बाजार क्षेत्र और रानीपुर मऊ मुख्य मार्ग पर पथ प्रकाश यानी स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और खरीदारी करने आने वाले आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूर्य अस्त होते ही और शाम के छह बजते ही पूरे बाजार परिसर में गहरा अंधेरा छा जाता है। किसी अनहोनी, चोरी या सड़क हादसे के खौफ से व्यापारी अपनी दुकानों को समय से पहले बंद करने पर मजबूर हो जाते हैं। इस प्रशासनिक उपेक्षा की वजह से न केवल स्थानीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र के आम नागरिकों और राहगीरों के लिए भी शाम के बाद घर से निकलना जोखिम भरा बन गया है। दिन में धूप और रात में अंधेरा, ठप हो रहा स्थानीय कारोबार रानीपुर बाजार की अर्थव्यवस्था काफी हद तक छोटे विक्रेताओं, गुमटी चालकों और ठेले पर दुकान सजाने वाले फुटपाथ दुकानदारों पर टिकी हुई है। इन छोटे व्यापारियों के पास खुद के बिजली कनेक्शन या महंगे जनरेटर लगाने के साधन मौजूद नहीं हैं, जिससे वे पूरी तरह से सार्वजनिक पथ प्रकाश पर निर्भर रहते हैं। गर्मी के मौसम में दिन के समय तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण अधिकांश ग्राहक दोपहर में खरीदारी करने से बचते हैं। व्यापारियों को उम्मीद रहती है कि वे शाम के समय अच्छी बिक्री कर सकेंगे। हालांकि, शाम छह से सात बजे के बीच बाजार में रोशनी का कोई इंतजाम न होने की वजह से उन्हें अपनी दुकानें जल्द समेटनी पड़ती हैं। स्थानीय व्यापारी अंकित ने बताया कि स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से बाजार की व्यावसायिक गतिविधियां शाम छह बजे ही थम जाती हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन बाजार के मुख्य हिस्सों और सड़कों पर आधुनिक स्ट्रीट लाइटें स्थापित कर दे, तो दुकानों को देर रात तक खोला जा सकता है। इससे न केवल दुकानदारों की दैनिक आय और बिक्री में इजाफा होगा, बल्कि रानीपुर क्षेत्र में स्वरोजगार और नए व्यावसायिक अवसरों को भी बल मिलेगा। रानीपुर मऊ मुख्य मार्ग पर दुर्घटनाओं का अंदेशा और ब्रेकर की जरूरत बाजार क्षेत्र से गुजरने वाले रानीपुर मऊ मुख्य मार्ग पर रात के समय अंधेरा छा जाने से यातायात सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। पर्याप्त उजाला न होने की वजह से सड़क पर दूर तक देखना मुश्किल हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के बीच टक्कर का खतरा बना रहता है। क्षेत्र के नागरिक बंटी ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट न होने से शाम के समय कुछ भी साफ दिखाई नहीं देता, जिसकी वजह से इस मार्ग पर सड़क हादसों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बंटी के अनुसार, इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ-साथ मुख्य सड़क पर स्पीड ब्रेकर यानी गति अवरोधक बनाया जाना अति आवश्यक है। सड़क पर ब्रेकर न होने की वजह से तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर गुजरते हैं, जो अंधेरे के समय राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। यदि मार्ग पर स्पीड ब्रेकर का निर्माण करा दिया जाए और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कर दी जाए, तो सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और देर तक दुकानें खुलने से राहगीरों को भी रास्ते में जरूरी सामान आसानी से मिल सकेगा। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चौखट पर चक्कर, पर समाधान शून्य रानीपुर बाजार के निवासियों और व्यापारी संगठन के सदस्यों में प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मिले हैं और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। हालांकि, बार-बार की गई शिकायतों और मांगों के बावजूद अब तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ है कि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई आपराधिक घटना या बड़ा हादसा न हो जाए। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने शासन तथा जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि रानीपुर बाजार में अविलंब स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं और मुख्य मार्ग पर गति अवरोधक बनाए जाएं। उनका मानना है कि उजाले की व्यवस्था होने से न केवल बाजार में सुरक्षा का अहसास बढ़ेगा, बल्कि दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों को भी निर्भीक होकर खरीदारी करने की सुविधा प्राप्त होगी। इसका आप पर असर इस समस्या के समाधान से स्थानीय व्यापारियों की कार्यप्रणाली और नागरिकों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: छोटे शहरों के बाजारों में बेहतर रोशनी और बुनियादी ढांचा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। पर्याप्त पथ प्रकाश होने से रात के समय व्यापारिक गतिविधियां बढ़ती हैं और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। • मऊ में: रानीपुर बाजार में स्ट्रीट लाइट लगने से शाम 6 बजे दुकानें बंद करने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। दुकानदार देर रात तक व्यापार कर सकेंगे, जिससे उनकी दैनिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। • रानीपुर में राहगीरों के लिए: मुख्य मार्ग पर रोशनी और स्पीड ब्रेकर बनने से रात के समय दुर्घटनाओं का अंदेशा काफी कम हो जाएगा। पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों के लिए शाम के बाद यात्रा करना सुरक्षित और सुगम हो जाएगा। • स्थानीय छोटे दुकानदारों के लिए: गुमटी और ठेले लगाने वाले विक्रेता बिना महंगे रोशनी उपकरणों के आसानी से व्यापार कर सकेंगे। इससे धूप वाले घंटों के बाद शाम के समय ग्राहकों की आमद बढ़ेगी। सवाल-जवाब 1. रानीपुर बाजार किस जिले में स्थित है? रानीपुर बाजार उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्थित है। 2. रानीपुर बाजार में दुकानें शाम को कितने बजे बंद करनी पड़ती हैं? स्ट्रीट लाइट न होने और अंधेरा छा जाने के कारण दुकानें शाम 6 से 7 बजे के बीच बंद कर दी जाती हैं। 3. स्थानीय व्यापारियों और निवासियों की मुख्य मांगे क्या हैं? व्यापारियों और निवासियों ने पूरे रानीपुर बाजार में स्ट्रीट लाइट लगाने और मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की है। 4. मुख्य सड़क पर दुर्घटनाएं बढ़ने का मुख्य कारण क्या बताया गया है? रानीपुर मऊ मुख्य मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था न होना और स्पीड ब्रेकर न होना ही दुर्घटनाएं बढ़ने का मुख्य कारण है। 5. क्या इस समस्या की शिकायत अधिकारियों से की गई थी? हां, स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। 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