मऊ के वलीदपुर में 90 लाख की स्ट्रीट लाइट योजना ठप, 80 लाइटें महीनों से बंद, अंधेरे में सहमे राहगीर मऊ की वलीदपुर नगर पंचायत में करीब 90 लाख रुपये खर्च कर लगाई गई लगभग 80 स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं। पोल खड़े हैं पर लाइटें गायब, जिससे सड़कों पर अंधेरा और हादसों का डर बना हुआ है। सड़कों पर रात के समय रोशनी हो और लोग बिना डर के आ-जा सकें, इसी मकसद से सरकार हर नगर पंचायत में स्ट्रीट लाइटें लगवाती है। लेकिन मऊ जनपद की वलीदपुर नगर पंचायत में यह व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। यहां करीब 90 लाख रुपये की लागत से लगाई गई लगभग 80 स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। नतीजा यह कि जिन सड़कों को रोशन करने पर लाखों रुपये खर्च हुए, वहीं अब रात होते ही घुप अंधेरा छा जाता है। लाखों खर्च, फिर भी सड़कों पर अंधेरा नगर पंचायत के मनोनीत सभासद विनोद सोनकर ने TrendKia से बातचीत में बताया कि करीब 90 लाख रुपये की लागत से तकरीबन 80 स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं, जो कई महीनों से खराब हैं। हालत यह है कि लाइट के पोल तो जगह-जगह खड़े दिखाई देते हैं, मगर उन पर लाइटें ही नहीं हैं। आम राहगीरों को इससे भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनके मुताबिक पूरे नगर पंचायत क्षेत्र में लगी ज्यादातर लाइटें या तो खराब हैं या फिर पोल से गायब हो चुकी हैं। इस बारे में नगर पंचायत कार्यालय से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों से शिकायत की गई, पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। पहले छिनैती की घटनाएं, अब फिर डर का माहौल विनोद सोनकर बताते हैं कि इस सड़क पर पहले अक्सर छिनैती की वारदातें होती थीं और लोग या तो डरते-डरते निकलते थे या किसी के साथ ही आते-जाते थे। जब स्ट्रीट लाइटें लगीं तो उम्मीद जगी कि अब यह समस्या खत्म हो जाएगी और आवागमन आसान हो जाएगा। उनका कहना है कि कई साल तक तो लाइट खराब होते ही उसे तुरंत ठीक करा दिया जाता था, मगर जब से सावित्री देवी नगर पंचायत अध्यक्ष बनीं, तभी से लाइटें खराब होती चली गईं और पोल से एक-एक कर गायब होती गईं। आज तक इन्हें ठीक नहीं कराया गया। पोल तो दिखते हैं पर रोशनी नदारद है, जिससे सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है और हादसों का खतरा बना रहता है। सोनकर ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द लाइटें दुरुस्त नहीं की गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। RTI में सामने आया 200 लाइटों का सवाल सभासद अंसारुल हक के अनुसार तीन साल पहले के कार्यकाल में लाइटों की नियमित मरम्मत और जांच होती थी, और सभी लाइटें ठीक से जलती थीं। मगर जब से सावित्री गुप्ता का अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल शुरू हुआ, तब से अब तक एक भी लाइट नहीं जली। उनका कहना है कि नई लाइटें लगाने के लिए टेंडर भी हुआ और लाइटें आ भी गईं, लेकिन लगाई नहीं गईं। जब आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी गई तो बताया गया कि करीब 200 लाइटें उपलब्ध हो चुकी हैं, मगर ये कहां लगाई गईं, इसका कोई ब्योरा नहीं दिया गया। ऐसे में पूरे नगर पंचायत के लोग अंधेरे में डर के साये में चलने को मजबूर हैं। अधिकारी का दावा, जल्द होगी रोशनी की व्यवस्था वलीदपुर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह ने कहा कि उन्होंने हाल ही में यहां कार्यभार संभाला है। उनका कहना है कि अगर सड़कों पर लाइटें नहीं जल रहीं और पोल से लाइटें गायब हैं, तो इसकी जांच कराकर तुरंत लाइटें लगवाई जाएंगी। जो लाइटें खराब हैं उनकी मरम्मत कराई जाएगी, और जो ठीक नहीं हो सकतीं, उनके लिए नया टेंडर कराकर सभी लाइटें लगवाई जाएंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सड़कों पर उजाले की व्यवस्था जल्द से जल्द कर दी जाएगी। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला दिखाता है कि जनसुविधाओं पर खर्च हुआ सरकारी पैसा अगर रखरखाव के अभाव में बर्बाद हो जाए तो आम नागरिक की सुरक्षा और टैक्स दोनों दांव पर लगते हैं। • मऊ (वलीदपुर) में: रात को इन सड़कों से गुजरने वाले लोगों के लिए हादसों और छिनैती जैसी वारदातों का खतरा बढ़ गया है, इसलिए अकेले सफर करने से बचें और लाइट दुरुस्ती की शिकायत दर्ज कराते रहें। सवाल-जवाब 1. वलीदपुर नगर पंचायत में कितनी स्ट्रीट लाइटें और कितनी लागत से लगाई गई थीं? यहां करीब 90 लाख रुपये की लागत से लगभग 80 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, जो कई महीनों से खराब पड़ी हैं। 2. लाइटें खराब होने से लोगों को क्या दिक्कत हो रही है? पोल तो खड़े हैं पर लाइटें गायब होने से सड़कों पर अंधेरा रहता है, जिससे हादसों और पहले होती रहीं छिनैती जैसी घटनाओं का डर बना रहता है। 3. RTI में क्या जानकारी सामने आई? सभासद अंसारुल हक के अनुसार आरटीआई में बताया गया कि करीब 200 लाइटें उपलब्ध हो चुकी हैं, लेकिन वे कहां लगाई गईं, इसका कोई ब्योरा नहीं दिया गया। 4. अधिकारियों ने क्या आश्वासन दिया है? अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह ने कहा कि जांच कराकर खराब लाइटों की मरम्मत या नया टेंडर कराकर सभी लाइटें जल्द लगवाई जाएंगी। https://trendkia.com/uttar-pradesh/mau-ke-validapura-men-90-lakha-ki-strita-laita-yojana-thapa-80-laiten-mahinon-se-1146 TrendKia — Har trend, sabse pehle.