# मेरठ जेल की बैरक 12ए की इनसाइड स्टोरी: जहां पति और बेटे की हत्या की 6 आरोपी महिलाएं एक साथ काट रहीं दिन

> मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल की बैरक नंबर 12ए में ऐसी छह महिलाएं बंद हैं, जिन पर अपने ही पति या मासूम बेटे की हत्या का आरोप है। अतुल पंवार हत्याकांड के बाद चर्चा में आई इस बैरक की सुबह सुंदरकांड से होती है, लेकिन दिन ढलते ही यहां सिर्फ पछतावे के आंसू नजर आते हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/meerut-jela-ki-bairaka-12a-ki-inasaida-stori-jahan-pati-aura-bete-ki-hatya-ki-6-aropi-mahilaen-eka-satha-kata-rahin-dina-9089 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेरठ जेल, क्राइम न्यूज, अतुल पंवार हत्याकांड, उत्तर प्रदेश पुलिस, मर्डर केस, जेल की जिंदगी

मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल की ऊंची और खामोश दीवारों के पीछे कई ऐसी कहानियां दफ्न हैं, जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं। इनमें सबसे खौफनाक दास्तान बैरक नंबर 12ए की है। हाल ही में सुर्खियों में रहे अतुल पंवार हत्याकांड के बाद एक बार फिर इस खास बैरक और इसमें बंद कैदियों की चर्चा जोरों पर है। जेल प्रशासन ने इस एक ही बैरक के अंदर छह ऐसी महिलाओं को रखा है, जिन पर अपने ही हंसते-खेलते परिवार को तबाह करने के सबसे संगीन आरोप लगे हैं। इन छह में से पांच महिलाओं पर अपने पतियों की जान लेने का आरोप है, जबकि एक महिला अपने ही सगे मासूम बेटे की हत्या की आरोपी है। कभी इन महिलाओं की जिंदगी बेहद सामान्य थी और घरों में खुशियां थीं, लेकिन अवैध संबंधों, लालच या किसी एक गलत फैसले ने न सिर्फ इनके घर उजाड़ दिए, बल्कि इन्हें ताउम्र पछतावे की आग में धकेल दिया है।

## प्रिंसिपल दामिनी: रुतबे से लेकर सदमे तक का सफर

इस बैरक में बंद कैदियों में दामिनी नाम की वह महिला भी शामिल है, जो कभी समाज में एक स्कूल की प्रिंसिपल के तौर पर सम्मान पाती थी। दामिनी पर अपने ही पति की हत्या करने का गंभीर आरोप है। बताया जाता है कि उसका पति स्कूल का संचालन करता था। एक सम्मानित शिक्षिका से हत्या की आरोपी बनने तक के इस सफर ने दामिनी को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। जेल के भीतर वह इस समय गहरे सदमे में है। वह बैरक में किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती और पूरी तरह खामोश रहती है। उसकी इस नाजुक दिमागी हालत को देखते हुए अब जेल प्रशासन उसकी खास काउंसलिंग कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि उसे इस गहरे तनाव से बाहर निकाला जा सके।

## अवैध प्रेम संबंधों और साजिशों का खौफनाक जाल

बैरक 12ए में बंद अन्य महिलाओं की कहानियां भी धोखे और अवैध प्रेम प्रसंगों के खौफनाक जाल को उजागर करती हैं। इनमें मुस्कान नाम की आरोपी भी शामिल है, जिस पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति सौरभ को मौत के घाट उतार दिया और जुर्म छुपाने के लिए उसके शव को ठिकाने लगाने की भी पूरी कोशिश की। ठीक इसी तरह, अंजलि पर इल्जाम है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राहुल की हत्या की खौफनाक साजिश रची। रविता नाम की एक अन्य कैदी पर अपने पति अमित की हत्या करने और फिर पुलिस की जांच को गुमराह करने के लिए पूरे मामले को दूसरा रूप देने का आरोप है। सबसे हैरान करने वाली साजिश कोमल ने रची थी। कोमल पर आरोप है कि उसने सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ में तैनात अपने जवान पति नैन सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रची और इस हत्या को अंजाम देने के लिए बहुत बड़ी रकम भी खर्च की।

## एक मां का सबसे खौफनाक और अमानवीय कदम

पति की हत्या के मामले अपने आप में बेहद भयानक हैं, लेकिन इस बैरक में एक ऐसी कहानी भी है जो मातृत्व के हर मायने को तार-तार कर देती है। गुरप्रीत कौर नाम की कैदी पर एक ऐसा इल्जाम है, जिसे सुनकर इंसानियत भी कांप उठे। उस पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ रिश्ते में रोड़ा बन रहे अपने ही सात साल के मासूम बेटे की हत्या करवा दी। एक अवैध रिश्ते की खातिर अपने बच्चे की बलि चढ़ा देने वाली इस मां का मामला पूरे बैरक का सबसे दर्दनाक और अंधकार से भरा अध्याय है।

## सुंदरकांड के पाठ और भजनों में सुकून तलाशने की कोशिश

इस हाई-प्रोफाइल बैरक का रोजमर्रा का माहौल जेल के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग होता है। यहां सुबह की शुरुआत जेल के आम शोर-शराबे से नहीं, बल्कि भगवान के भजनों और सुंदरकांड के पाठ से होती है। ऐसा लगता है कि यह भक्ति और आध्यात्म इन महिलाओं के लिए अपने मन के भारी बोझ और अपराधबोध को कम करने की एक हताश कोशिश है। हालांकि, सुबह की यह शांति ज्यादा देर नहीं टिकती। जब भी परिवार के बचे हुए लोग या रिश्तेदार जेल में इनसे मुलाकात करने पहुंचते हैं, तो इनकी भावनाओं का बांध टूट जाता है। दिन भर बैरक में ये महिलाएं आपस में बैठकर यही चर्चा करती हैं कि आखिर उस मनहूस पल में उनके दिमाग पर ऐसा क्या सवार था, जिसकी वजह से उन्होंने अपने ही हाथों अपना सजा-धजा परिवार तबाह कर लिया। सुबह की शुरुआत भले ही भजन से हो, लेकिन इनकी शाम सिर्फ पछतावे और आंसुओं में डूब कर गुजरती है।

## जेल प्रशासन की खास रणनीति

इतने गंभीर आरोपों का सामना कर रही इन छह महिलाओं को एक ही बैरक में साथ रखना महज कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे जेल प्रशासन की एक सोची-समझी मनोवैज्ञानिक रणनीति है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, इन सभी को बैरक नंबर 12ए में एक साथ रखने का मुख्य उद्देश्य यही है कि ये मुश्किल वक्त में मानसिक रूप से एक-दूसरे का सहारा बन सकें। चूंकि इन सभी का पारिवारिक बैकग्राउंड टूट चुका है और जुर्म की प्रकृति एक जैसी है, इसलिए प्रशासन को लगता है कि साथ रहने से वे एक-दूसरे के दर्द को बेहतर समझ पाएंगी और अकेलेपन या डिप्रेशन का शिकार नहीं होंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. मेरठ जेल की बैरक 12ए अचानक चर्चा में क्यों है?
अतुल पंवार हत्याकांड के बाद यह बैरक चर्चा में है क्योंकि इसमें ऐसी छह महिलाएं बंद हैं जिन पर अपने पति या मासूम बेटे की हत्या करने का गंभीर आरोप है।

### 2. स्कूल प्रिंसिपल दामिनी पर क्या आरोप लगे हैं?
दामिनी पर स्कूल का संचालन करने वाले अपने ही पति की हत्या का आरोप है, जिसके बाद से वह गहरे सदमे में है और जेल में किसी से बात नहीं करती।

### 3. गुरप्रीत कौर जेल में क्यों बंद है?
गुरप्रीत कौर पर सबसे खौफनाक आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के लिए अपने ही सात साल के सगे मासूम बेटे की हत्या करवा दी।

### 4. जेल प्रशासन ने इन सभी हत्यारोपी महिलाओं को एक ही बैरक में क्यों रखा है?
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, इन सभी को एक साथ इसलिए रखा गया है ताकि ये मानसिक रूप से एक-दूसरे को संभाल सकें और डिप्रेशन का शिकार न हों।

### 5. बैरक 12ए में बंद इन महिलाओं की दिनचर्या क्या है?
इनके दिन की शुरुआत मन की शांति के लिए भजनों और सुंदरकांड के पाठ से होती है, लेकिन दिन ढलते-ढलते वे अपने किए पर पछतावा करते हुए रोने लगती हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._