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  "title": "मेरठ के एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट में पहुंचे 4.63 लाख रुपये के नकली नोट, 186 शाखाओं की जमा राशि की जांच शुरू",
  "summary": "मेरठ स्थित एक्सिस बैंक के मुख्य करेंसी चेस्ट में 13 महीने के ऑडिट के बाद 4 लाख 63 हजार 650 रुपये के जाली नोट पकड़े गए हैं। इस केंद्र से जुड़ी 186 शाखाओं से आए कैश और बैंक कर्मियों की भूमिका की पुलिस पड़ताल कर रही है।",
  "content": "पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बैंकिंग नेटवर्क में जाली नोटों की आवाजाही को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े मामले के बाद अब मेरठ के मंगलपांडे नगर में स्थित एक्सिस बैंक के मुख्य करेंसी चेस्ट में बड़ी तादाद में नकली मुद्रा मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। बैंक के आंतरिक मिलान और ऑडिट के दौरान 4 लाख 63 हजार 650 रुपये मूल्य के जाली नोट पाए गए हैं। इस करेंसी चेस्ट से एक्सिस बैंक की लगभग 186 शाखाएं सीधे जुड़ी हुई हैं, जहां दैनिक कामकाज में एकत्र होने वाली नकदी को अंतिम मिलान और सुरक्षा जांच के लिए भेजा जाता है। इतनी बड़ी तादाद में नकली नोटों का सीधे करेंसी चेस्ट तक पहुंच जाना बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े कर रहा है।\n\n13 महीने की जमा राशि के ऑडिट में सामने आई गड़बड़ी\nइस पूरे मामले का खुलासा बैंक के आंतरिक ऑडिट और जांच प्रक्रिया के दौरान हुआ। हरियाणा के हिसार निवासी और एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सरताज सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बीबीजीटीएस मूर्ति को इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पत्र के अनुसार, बैंक प्रबंधन ने 1 दिसंबर 2024 से लेकर 31 दिसंबर 2025 तक, यानी कुल 13 महीनों के दौरान विभिन्न बैंक शाखाओं से चेस्ट में जमा कराई गई पूरी नकदी का सिलसिलेवार परीक्षण किया। इस लंबी अवधि के दौरान जमा हुई भारी नकदी की गहन छंटनी के बाद अलग-अलग मूल्य वर्ग के जाली नोट पकड़े गए।\n\n500 से लेकर 10 रुपये तक के कुल 1323 जाली नोट बरामद\nआधिकारिक जांच रिकॉर्ड के मुताबिक चेस्ट से कुल 1,323 जाली नोट बरामद किए गए हैं, जिनका कुल मूल्य 4,63,650 रुपये बैठता है। बरामद नकदी में सबसे बड़ा हिस्सा 500 रुपये के नोटों का है, जिनकी संख्या 805 है। इसके अलावा 200 रुपये मूल्य वर्ग के 142 नोट, 100 रुपये के 279 नोट और 50 रुपये के 97 नोट पकड़े गए हैं। जांच में 10 रुपये समेत अन्य छोटे मूल्य वर्ग की जाली मुद्रा मिलने की बात भी सामने आई है। नोटों के भौतिक निरीक्षण में पाया गया कि इनमें से कई नोट काफी पुराने और घिसे हुए थे, जबकि कुछ नोट दो हिस्सों में फटे हुए थे जिन्हें सेलोटेप या गोंद की मदद से दोबारा चिपकाकर जमा कराया गया था।\n\nशाखा स्तर की जांच प्रणाली और कर्मियों की भूमिका पर सवाल\nनियमों के तहत किसी भी वाणिज्यिक बैंक की शाखा में जब कोई ग्राहक नकद जमा करता है, तो काउंटर पर ही कैश सॉर्टिंग मशीन और पराबैंगनी किरणों वाली प्रणाली से उसकी प्रामाणिकता जांची जाती है। इसके बाद शाखा स्तर से करेंसी चेस्ट भेजे जाने से पहले भी मिलान किया जाता है। ऐसे में कई स्तरों की अनिवार्य जांच को पार कर इतनी बड़ी संख्या में नकली नोटों का करेंसी चेस्ट तक पहुंच जाना गंभीर लापरवाही या साठगांठ की ओर इशारा करता है। पुलिस अब 186 संबंधित शाखाओं के नकदी जमा रजिस्टर, दैनिक वाउचर और सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकली खेप किस विशेष शाखा से और किस खातेदार के जरिए बैंक तक पहुंची।\n\nसंगठित गिरोह और बैंकिंग मिलीभगत की पड़ताल में जुटी पुलिस\nमामले की तफ्तीश कर रहे अधिकारियों का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय कोई संगठित जाली नोट गिरोह सीधे बैंकों के तंत्र में सेंध लगाने में सफल हो गया है। आम नागरिकों के लिए जाली और असली नोट के बारीक अंतर को पहचानना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन यदि अत्याधुनिक मशीनों से लैस बैंक कर्मी भी इन्हें नहीं पकड़ पा रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर सुरक्षा खामी है। पुलिस इस बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है कि क्या बैंक के किसी कर्मचारी ने जानबूझकर इन नोटों को स्वीकार किया या फिर यह केवल शाखा कर्मियों की लापरवाही का नतीजा था। जमा रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल खंगालने के बाद ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा।\n\nइसका आप पर असर\nबैंक की मुख्य तिजोरी में नकली नोट पहुंचने से आम ग्राहकों की सुरक्षा और नकदी लेनदेन की विश्वसनीयता पर सीधा असर पड़ता है।\n\n• भारत में: बैंक शाखाओं और एटीएम से नकदी प्राप्त करते समय ग्राहकों को नोटों के सुरक्षा चिन्हों की सतर्कता से जांच करनी चाहिए। यदि बैंक से कोई संदिग्ध नोट मिलता है, तो तुरंत शाखा प्रबंधक से संपर्क कर उसी समय शिकायत दर्ज कराएं।\n• मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में: मेरठ की 186 शाखाओं में नकदी जमा और निकासी की जांच प्रक्रिया काफी कड़ी कर दी गई है। इसके चलते बैंक काउंटरों पर जमाकर्ताओं को कैश जमा करते समय सामान्य से थोड़ा अधिक समय लग सकता है।\n• खाताधारकों के लिए: जब भी भारी मात्रा में नकदी जमा करें, तो बैंक से मशीन सत्यापन के बाद प्राप्त जमा रसीद अवश्य संभाल कर रखें। भविष्य में किसी विसंगति या जांच के दौरान यह रसीद आपके वैध लेनदेन का एकमात्र कानूनी प्रमाण होगी।\n• दुकानदारों और व्यापारियों के लिए: व्यापारिक प्रतिष्ठानों को फटे हुए, चिपकाए गए या अत्यधिक पुराने 500 और 200 रुपये के नोट स्वीकार करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। स्थानीय बाजारों में काउंटर पर नोट जांचने वाली मशीनें लगाना जोखिम को कम कर सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह घटना 13 महीनों तक कई बैंक शाखाओं में बुनियादी जांच नियमों के उल्लंघन और करेंसी चेस्ट में जमा नकदी के नियमित परीक्षण के दौरान हुई चूक के कारण घटित हुई।\n\n• शाखा स्तर पर जांच की विफलता: बैंक की शाखाओं में नोट गिनने और जाली नोट पहचानने वाली मशीनों के सही उपयोग में घोर लापरवाही बरती गई। इसके चलते काउंटर पर जमा हुई नकली मुद्रा बिना किसी रोकटोक के स्वीकृत होती रही।\n• कटा-फटा और चिपकाया हुआ कैश: बरामद 1,323 नोटों में कई नोट पुराने, फटे और चिपकाए हुए थे, जिन्हें सुरक्षा मानकों के विपरीत कैश बंडलों में मिलाकर चेस्ट भेज दिया गया। सामान्य जांच में ऐसे नोटों को तुरंत अलग किया जाना चाहिए था।\n• आंतरिक ऑडिट में देरी: दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 13 महीनों तक यह नकदी बिना अंतिम पहचान के चेस्ट में पड़ी रही। जब चेस्ट स्तर पर व्यापक ऑडिट और मिलान शुरू हुआ, तब जाकर यह गंभीर विसंगति पकड़ में आई।\n• सहारनपुर जैसी पूर्व घटनाएं और गिरोह: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले भी सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक में भारी मात्रा में नकली मुद्रा पकड़ी जा चुकी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या कोई संगठित गिरोह बैंकिंग कर्मचारियों की मिलीभगत से यह काम कर रहा था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मेरठ के एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट से कुल कितने रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं?\nजांच के दौरान चेस्ट से 4 लाख 63 हजार 650 रुपये मूल्य के कुल 1,323 जाली नोट बरामद किए गए हैं।\n\n2. इस करेंसी चेस्ट से कितनी बैंक शाखाएं जुड़ी हुई हैं?\nमंगलपांडे नगर स्थित इस करेंसी चेस्ट से एक्सिस बैंक की लगभग 186 शाखाएं सीधे जुड़ी हुई हैं।\n\n3. बरामद नोटों में 500 रुपये के कितने नोट शामिल हैं?\nबरामद जाली मुद्रा में 500 रुपये मूल्य वर्ग के 805 नोट शामिल पाए गए हैं।\n\n4. यह गड़बड़ी कितने समय की नकदी जांच में सामने आई?\nयह खुलासा 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक, यानी 13 महीने के दौरान जमा हुई नकदी की जांच में हुआ।\n\n5. मामले में पुलिस से आधिकारिक शिकायत किसने दर्ज कराई है?\nएक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सरताज सिंह ने एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को इस संबंध में औपचारिक शिकायत दी है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-24",
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    "एक्सिस बैंक",
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