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  "title": "मेरठ में नोटों की गड्डी में कागज भरकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो पुलिसकर्मियों समेत पांच धरे गए",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के मेरठ में भावनपुर थाना पुलिस ने नकली गड्डियों के जरिए ठगी करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है, जिसमें दो सिपाही और हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के मेरठ में नकली नोटों और कागजी गड्डियों के जरिए लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भावनपुर थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि स्थानीय थाने में तैनात दो पुलिसकर्मी भी हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर इस गैरकानूनी धंधे को चला रहे थे।\n\nखाकी की मिलीभगत और हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी\nजांच के दौरान पुलिस टीम ने पाया कि गिरोह में भावनपुर थाने में तैनात वर्ष 2025 बैच के दो सिपाही आशीष कुमार और प्रश्नचित्त आनंद सीधे तौर पर शामिल थे। पुलिस ने इन दोनों सिपाहियों के साथ इलाके के हिस्ट्रीशीटर साजिद उर्फ पिस्टल और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। वर्दीधारियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पूरे महकमे में हलचल मच गई है, क्योंकि कानून के रखवाले ही अपराधियों के साथ मिलकर जालसाजी का खेल खेल रहे थे।\n\nसादे कागज और असली नोटों से तैयार होती थी गड्डी\nपकड़े गए आरोपी भोले-भाले लोगों को कम समय में धन दोगुना या कई गुना करने का लालच देते थे। वे लोगों को झांसा देते थे कि असली करेंसी के बदले उन्हें भारी मात्रा में नकदी दी जाएगी। सौदे के वक्त लोगों को दिखाने के लिए जो गड्डियां बनाई जाती थीं, उनमें सबसे ऊपर और सबसे नीचे असली नोट लगाए जाते थे। गड्डी के बीच के पूरे हिस्से में नोटों के आकार में कटे हुए साधारण कागज भर दिए जाते थे। पहली नजर में देखने पर किसी को भी शक नहीं होता था और पूरी गड्डी असली नोटों की प्रतीत होती थी।\n\n33 गड्डियां और नकदी बरामद\nग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 500 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये के नोटों की कुल 33 गड्डियां बरामद की गई हैं। इसके अलावा तलाशी के दौरान करीब 25 हजार रुपये की असली नकदी भी जब्त की गई है। बरामद सामान से स्पष्ट है कि आरोपी बड़े पैमाने पर लोगों को अपने जाल में फंसाने की तैयारी कर चुके थे।\n\nअंतरजनपदीय नेटवर्क और पुराने मामलों की पड़ताल\nपुलिस अधिकारी अब इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितने पीड़ितों से ठगी कर चुका है। गिरोह के मोबाइल संपर्कों और अन्य मददगारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच टीम यह भी देख रही है कि इस सिंडिकेट के तार मेरठ के अलावा अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं। हाल ही में कानपुर में भी जाली नोटों से जुड़ा प्रकरण सामने आया था, जिसके मद्देनजर पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।\n\nइसका आप पर असर\nनकदी लेनदेन और धन कई गुना करने के लालच में आने वाले नागरिकों के लिए यह घटना बेहद सतर्क रहने का संदेश देती है।\n\n• भारत में: कम समय में भारी मुनाफे या ज्यादा नकदी का झांसा देने वाले किसी भी अनाधिकारिक लेन-देन से पूरी तरह दूर रहें। किसी भी संदिग्ध वित्तीय योजना या मुद्रा विनिमय के ऑफर की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस को दें।\n• मेरठ में: बड़ी नकद रकम का लेन-देन करते समय पूरी गड्डी के अंदरूनी नोटों की जांच अनिवार्य रूप से करें। यदि हाल के दिनों में किसी ने इस तरीके से ठगी का सामना किया है तो तुरंत भावनपुर पुलिस स्टेशन में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।\n• सुरक्षा उपाय: बैंक या वैध वित्तीय संस्थानों के बाहर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ नोटों की अदला-बदली बिल्कुल न करें। पहली नजर में असली दिखने वाले बंडलों को अच्छी तरह पलटकर देखना ही ठगी से बचा सकता है।\n• नागरिक सतर्कता: पुलिस वर्दी या किसी पद के प्रभाव में आकर नियमों के विरुद्ध जाकर नकदी न सौंपें। कोई भी सरकारी कर्मी अनौपचारिक नकद सौदेबाजी के लिए अधिकृत नहीं होता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह अपराध कम समय में अमीर बनने का लालच देने और पुलिस तंत्र की साख का दुरुपयोग करके अंजाम दिया जा रहा था।\n\n• सीधा कारण: आरोपियों ने अधिक रकम का लालच देकर लोगों को फंसाने के लिए ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में कागज भरकर नकली गड्डियां तैयार की थीं।\n• अपराध का माहौल: गिरोह में थाने के दो सिपाहियों की मौजूदगी के कारण आरोपियों को अपनी धोखाधड़ी को सुरक्षित तरीके से अंजाम देने का हौसला मिल रहा था।\n• जांच की स्थिति: मामले में पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया है, जबकि उनके अन्य संपर्कों और पिछले पीड़ितों की पहचान के लिए जांच अभी जारी है।\n• संभावित फैलाव: कानपुर में हाल ही में सामने आए इसी तरह के मामलों को देखते हुए पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि यह नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मेरठ में पुलिस ने किस तरह के गिरोह को पकड़ा है?\nपुलिस ने नोटों की गड्डी में कागज की कटिंग भरकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।\n\n2. इस मामले में कुल कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है?\nकार्रवाई के दौरान दो सिपाहियों और एक हिस्ट्रीशीटर समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।\n\n3. पकड़े गए पुलिसकर्मियों के नाम क्या हैं?\nपकड़े गए पुलिसकर्मियों के नाम भावनपुर थाने में तैनात वर्ष 2025 बैच के सिपाही आशीष कुमार और प्रश्नचित्त आनंद हैं।\n\n4. गिरोह लोगों को ठगने के लिए क्या तरीका अपनाता था?\nआरोपी असली रकम के बदले कई गुना अधिक पैसे देने का झांसा देते थे और गड्डी के ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर बीच में सादा कागज भर देते थे।\n\n5. पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया है?\nपुलिस ने 500, 200 और 100 रुपये के नोटों की 33 गड्डियां और लगभग 25 हजार रुपये की असली नकदी बरामद की है।\n\n6. यह मामला किस थाने के अंतर्गत सामने आया है?\nयह पूरा मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आया है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-06",
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