मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी, परिवार लड़ेगा छह साल की बेटी की कस्टडी उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने दोषी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड सुनाया है। इधर सौरभ के परिजन अब उनकी छह साल की बच्ची की कस्टडी हासिल करने के लिए कानूनी दरवाजा खटखटाएंगे। उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दोषी पत्नी मुस्कान और उसके साथी साहिल को मृत्युदंड की सजा दी है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने इस सनसनीखेज वारदात में दोनों आरोपियों को सौरभ राजपूत की सुनियोजित हत्या का पूरी तरह जिम्मेदार और दोषी ठहराया। जिस समय अदालत अपना यह ऐतिहासिक फैसला सुना रही थी, उस दौरान सुरक्षा कारणों से मुस्कान और साहिल को वर्चुअल माध्यम से पेश कराया गया था। जिला अदालत ने दोनों को फांसी की सजा देने के साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया। अदालत का फैसला और परिजनों में न्याय की भावना अदालत द्वारा दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने का आदेश सुनते ही पीड़ित सौरभ राजपूत के परिजनों की आंखें नम हो गईं। लंबे वक्त से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के सदस्यों का कहना था कि यह निर्णय इंसाफ की दिशा में एक बेहद जरूरी और बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि जिस क्रूरता के साथ सौरभ की जान ली गई थी, उसमें दोषियों के लिए फांसी से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं था। अदालत परिसर में इस ऐतिहासिक फैसले के सामने आने के बाद सौरभ के समर्थकों और परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए मिठाई बांटी। गवाहों के बयान और आर्थिक जुर्माने का निर्धारण इस पूरे मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों की गवाही कराई। पुलिस की व्यापक विवेचना और अदालत में रखी गई ठोस दलीलों ने यह साबित कर दिया कि वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया था। अदालत ने दोनों मुजरिमों पर जुर्माने का प्रावधान भी किया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 302 यानी हत्या के अपराध के तहत 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि धारा 238a के अंतर्गत 20 हजार रुपये का अतिरिक्त आर्थिक दंड भी निर्धारित किया गया है। छह साल की मासूम बेटी के लिए कानूनी जंग सौरभ राजपूत की छह साल की बेटी को लेकर अब परिवार अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है। सौरभ के भाई और बच्ची के ताऊ राहुल ने स्पष्ट किया है कि वह अपने दिवंगत भाई की आखिरी निशानी के रूप में इस छह साल की बच्ची को अपने संरक्षण में रखना चाहते हैं। राहुल के अनुसार, वह पहले भी बच्ची की देखभाल अपने पास रखकर करना चाहते थे, मगर बच्ची के नाना-नानी उसे सौंपने को तैयार नहीं हुए। इसी वजह से अब वे औपचारिक रूप से न्यायालय से बच्ची की कस्टडी की मांग करेंगे। इसके साथ ही राहुल ने यह भी साफ कर दिया कि जेल में जन्मी बच्ची को साहिल की बेटी मानते हुए सौरभ का परिवार अपनाने से साफ इनकार कर चुका है। मार्च 2025 का खौफनाक हत्याकांड मेरठ में मार्च 2025 के दौरान सामने आए इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था। सौरभ राजपूत विदेश में रहकर नौकरी करता था और अपनी पत्नी मुस्कान तथा बेटी का जन्मदिन साथ मनाने के लिए छुट्टी लेकर भारत आया हुआ था। इसी दौरान उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। दोनों ने मिलकर सौरभ का कत्ल किया, उसके शव के टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट से पूरी तरह सील कर दिया था। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिस पर अब अदालत का अंतिम फैसला आ चुका है। इसका आप पर असर इस ऐतिहासिक न्यायिक फैसले से समाज में गंभीर अपराधों पर कड़ा संदेश गया है और पीड़ित परिवार के लिए कानूनी लड़ाई का नया चरण शुरू हुआ है। • मेरठ और उत्तर प्रदेश में: जघन्य अपराधों में त्वरित कानूनी कार्रवाई और कठोर दंड से अपराधियों में कानून का भय स्थापित होगा। पीड़ित परिवार को न्याय मिलने से अदालत और जांच एजेंसियों के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। • भारत भर में: पारिवारिक विवाद और साजिश के गंभीर मामलों में अदालतों का ऐसा कड़ा रुख कड़ा नजीर पेश करता है। इससे समाज में यह संदेश जाता है कि क्रूरता और साक्ष्य छिपाने की किसी भी कोशिश से बचा नहीं जा सकता। • अभिभावक और बाल अधिकार: सजा के बाद अब बच्चों के भरण-पोषण और कस्टडी के विवाद सीधे अदालतों में तय होंगे। इससे प्रभावित मासूमों की कानूनी सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा का रास्ता साफ होगा। • आपराधिक न्याय प्रणाली: मामले में 22 गवाहों की गवाही और ठोस विवेचना की बदौलत फैसला मुकाम तक पहुंचा। यह न्यायिक व्यवस्था में समयबद्ध गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्यों के महत्व को रेखांकित करता है। ऐसा क्यों हुआ यह भयानक घटना अवैध संबंधों और पारिवारिक विश्वासघात की परिणति थी, जिसमें आरोपियों ने विदेश से लौटे व्यक्ति की सुनियोजित हत्या कर दी। • आपराधिक साजिश और अवैध संबंध: सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने अपने प्रेम प्रसंग के रास्ते से सौरभ को हटाने के लिए यह साजिश रची। विदेश में रहने वाला सौरभ जब परिवार के साथ जन्मदिन मनाने भारत आया, तब मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया गया। • सबूत मिटाने का क्रूर प्रयास: हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट से बंद कर दिया गया था। आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए यह तरीका अपनाया, जिसे पुलिस जांच ने बेनकाब कर दिया। • ठोस पैरवी और गवाही: मामले में पुलिस की पुख्ता चार्जशीट और अदालत में 22 गवाहों के बयानों ने दोनों की भूमिका को साबित किया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सभी साक्ष्यों को सही पाते हुए दोनों को मौत की सजा सुनाई। सवाल-जवाब 1. मेरठ की अदालत ने मुस्कान और साहिल को क्या सजा सुनाई है? जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के जुर्म में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई है। 2. दोषियों पर अदालत ने कितना जुर्माना लगाया है? अदालत ने दोनों पर हत्या की धारा 302 के तहत 50 हजार रुपये और धारा 238a के तहत 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। 3. सौरभ राजपूत की हत्या कब और कैसे की गई थी? हत्या मार्च 2025 में हुई थी, जब विदेश से लौटे सौरभ को मारकर उसके शव के टुकड़े नीले ड्रम में सीमेंट से बंद कर दिए गए थे। 4. सौरभ की छह साल की बेटी को लेकर परिवार की क्या योजना है? सौरभ के भाई राहुल छह साल की बेटी की कस्टडी पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। 5. सौरभ के परिवार ने जेल में जन्मी बच्ची के बारे में क्या कहा? सौरभ के परिजनों ने जेल में जन्मी बच्ची को साहिल की बेटी बताते हुए उसे अपनाने से साफ इनकार कर दिया है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/meerut-nila-drama-hatyakanda-men-patni-muskan-aura-premi-sahil-ko-phansi-parivara-larega-chhaha-sala-ki-beti-ki-kastadi-47387 TrendKia — Har trend, sabse pehle.