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  "type": "article",
  "title": "मुरादाबाद में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी जरूरी सुविधाएं, महिला कल्याण विभाग की सराहनीय पहल",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर के जरिए संकट और घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता, पुलिस मदद, परामर्श और पांच दिन का अस्थायी आश्रय मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महिला कल्याण विभाग की ओर से एक बेहद अहम और मददगार पहल चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य घरेलू हिंसा या किसी भी प्रकार के संकट से जूझ रही महिलाओं को तत्काल और एक ही स्थान पर सहायता मुहैया कराना है। इस योजना के तहत महिलाओं को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं, बल्कि उन्हें एक ही परिसर में कई तरह की जरूरी सेवाएं पूरी तरह से निशुल्क मिलती हैं।\n\nवन स्टॉप सेंटर में मिलने वाली पांच प्रमुख सुविधाएं\nजिला परिवीक्षा अधिकारी मोनिका राणा के अनुसार, यह केंद्र भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना के रूप में काम कर रहा है और इसे स्थानीय स्तर पर महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। यहां संकट में फंसी महिलाओं को मुख्य रूप से पांच तरह की सहूलियतें दी जाती हैं। इनमें सबसे पहले उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। इसके साथ ही मामलों में तुरंत पुलिस सहायता भी सुनिश्चित की जाती है ताकि पीड़िता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।\n\nकानूनी सलाह और मुफ्त वकील की व्यवस्था\nन्याय पाने की प्रक्रिया में महिलाओं को किसी तरह की आर्थिक या अन्य परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र पर मुफ्त कानूनी सलाह दी जाती है। अगर किसी पीड़िता के पास अपनी पैरवी के लिए वकील नहीं है, तो उसे सरकार की तरफ से निःशुल्क वकील उपलब्ध कराया जाता है। इसके जरिए वह अपनी कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ सकती है और विधिक सहायता का पूरा लाभ उठा सकती है।\n\nकाउंसलिंग और पांच दिन का अस्थायी आश्रय\nशारीरिक और मानसिक रूप से टूटी महिलाओं को संबल देने के लिए उनकी विशेष काउंसलिंग की जाती है, ताकि उनकी समस्याओं को गहराई से समझा जा सके और उन्हें भविष्य की राह चुनने में मार्गदर्शन मिल सके। इसके अलावा, ऐसी महिलाओं को 5 दिनों तक का अस्थायी आश्रय भी दिया जाता है, जिससे उन्हें तुरंत रहने की चिंता न सताए। यदि कोई महिला उस घर में वापस नहीं लौटना चाहती जहां उसके साथ हिंसा हुई थी, तो वह इस केंद्र के माध्यम से पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करा सकती है।\n\nयोजना का लाभ कैसे उठाएं\nइस सुविधा का लाभ लेने के लिए पीड़ित महिलाएं सीधे महिला कल्याण विभाग से संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में महिलाएं 181 महिला हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी इस योजना की जानकारी ले सकती हैं और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मदद मांग सकती हैं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: देश भर में महिला सुरक्षा और सहायता योजनाओं के तहत संकट में फंसी महिलाओं को पुलिस, कानूनी और चिकित्सा सहायता एक ही जगह मिल जाती है।\n\nमुरादाबाद में: मुरादाबाद की घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं महिला कल्याण विभाग के वन स्टॉप सेंटर और 181 हेल्पलाइन के जरिए मुफ्त आश्रय और कानूनी मदद ले सकती हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मुरादाबाद में वन स्टॉप सेंटर किसके द्वारा संचालित किया जाता है?\nयह केंद्र महिला कल्याण विभाग द्वारा भारत सरकार की योजना के तहत संचालित किया जाता है।\n\n2. वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को कितने दिन का अस्थायी आश्रय मिलता है?\nइस केंद्र के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को 5 दिनों तक का अल्प आवास या अस्थायी आश्रय दिया जाता है।\n\n3. क्या पीड़ित महिलाओं को मुफ्त वकील की सुविधा मिलती है?\nहाँ, यदि पीड़िता के पास वकील नहीं है तो उसे मुफ्त में वकील और विधिक सहायता दी जाती है।\n\n4. इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाएं किस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकती हैं?\nमहिलाएं 181 महिला हेल्पलाइन के जरिए संपर्क कर इस योजना की जानकारी और लाभ प्राप्त कर सकती हैं।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-08-22",
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    "मुरादाबाद समाचार",
    "घरेलू हिंसा",
    "वन स्टॉप सेंटर",
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    "मोनिका राणा",
    "महिला सुरक्षा"
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