# मुरादाबाद में जाली दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

> उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपराधियों के पासपोर्ट तैयार कराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को दबोचा है। इनके पास से पच्चीस आधार कार्ड सहित बड़ी तादाद में जाली कागजात बरामद किए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/moradabad-men-jali-dastavejon-se-pasaporta-banavane-vale-antararajyiya-raiketa-ka-bhndaphora-do-giraphtara-44731 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुरादाबाद पुलिस, फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड जालसाजी, उत्तर प्रदेश अपराध, कटघर थाना, टेलीग्राम सिंडिकेट

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन को सतर्क करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। मुरादाबाद पुलिस ने जाली कागजात तैयार कर गैरकानूनी ढंग से पासपोर्ट बनवाने और लोगों को विदेश भेजने की साजिश रचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कटघर थाने की पुलिस टीम और सीओ कटघर की अगुवाई में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के तहत रामगंगा पुल के समीप घेराबंदी कर इस नेटवर्क से जुड़े दो प्रमुख सदस्यों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 25 आधार कार्ड के अलावा भारी मात्रा में जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

## टेलीग्राम के जरिए अपराधियों को जाल में फंसाता था नेटवर्क
इस सिंडिकेट के काम करने के तरीके की पड़ताल से पता चला है कि गिरोह खास तौर पर उन लोगों को अपना निशाना बनाता था, जिनका पुराना आपराधिक इतिहास दर्ज होने की वजह से सामान्य वैधानिक प्रक्रिया से पासपोर्ट नहीं बन सकता था। गिरोह के सदस्य नए ग्राहकों की तलाश और उनसे बातचीत के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के ग्रुपों का सहारा लेते थे। सौदेबाजी तय होने के बाद ग्राहकों के लिए पूरी तरह फर्जी नाम और पतों पर आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य जरूरी नागरिक पहचान पत्र तैयार किए जाते थे, ताकि पुलिस सत्यापन को आसानी से चकमा दिया जा सके।

## जेल में बंद अपराधी से जुड़े थे गिरोह के तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महफूज और आकाश के रूप में हुई है। महफूज मूल रूप से अगवानपुर का निवासी है और हाल में मझोला क्षेत्र के पीर का बाजार में रह रहा था। जांच पड़ताल के दौरान यह तथ्य सामने आया कि महफूज का सीधा संपर्क जेल में बंद मुकेश शर्मा नाम के एक आरोपी से था, जो सलाखों के पीछे से इस नेटवर्क को दिशा-निर्देश दे रहा था। वहीं दूसरा पकड़ा गया आरोपी आकाश हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है। आकाश का वास्तविक नाम छुपाकर 'रवि' नाम से फर्जी दस्तावेजों के सहारे नया पासपोर्ट बनवाने की तैयारी चल रही थी। इस पूरे गोरखधंधे के लिए ताजपुर माफी सहित आसपास के कई इलाकों के फर्जी पतों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

## नेताओं के फर्जी लेटर पैड सहित भारी तादाद में कागजात बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों के ठिकाने से बड़े पैमाने पर जालसाजी का सामान जब्त किया है। बरामद सामग्री में 25 आधार कार्ड, 6 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 4 पैन कार्ड, 5 जन्म प्रमाण पत्र और 2 वाहनों की आरसी शामिल हैं। इसके अलावा अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे लैपटॉप और मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए गए हैं। गंभीर बात यह है कि गिरोह के पास से वार्ड नंबर 25, वार्ड नंबर 31 तथा अगवानपुर के जनप्रतिनिधियों के नाम वाले कथित फर्जी लेटर पैड भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी पते सत्यापित कराने के लिए किया जाता था।

## पुराने फर्जी पासपोर्टों को निरस्त कराने की कवायद
एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने जानकारी दी कि पूरे नेटवर्क के वित्तीय और तकनीकी तारों को बारीकी से खंगाला जा रहा है। गिरोह द्वारा अतीत में तैयार कराए गए संदिग्ध पासपोर्टों का ब्योरा जुटाने के लिए पासपोर्ट विभाग से सीधा समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि ऐसे तमाम जाली पासपोर्टों को तुरंत रद्द कराया जा सके। पुलिस की टीमें इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार सहयोगियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि गहन पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य प्रभावशाली नाम और बड़े मददगार भी बेनकाब हो सकते हैं।

## इसका आप पर असर
इस खुलासे के बाद पासपोर्ट सत्यापन और नागरिक पहचान पत्रों के दुरुपयोग को लेकर प्रशासनिक निगरानी कड़ी की जा रही है।

- **नागरिकों पर असर:** अपने पहचान पत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। किसी भी अनधिकृत एजेंट या अनजान ऑनलाइन समूहों को अपने दस्तावेज साझा न करें।
- **पासपोर्ट आवेदकों के लिए:** स्थानीय स्तर पर पुलिस और दस्तावेजी जांच प्रक्रिया अधिक सख्त की जा सकती है। सामान्य आवेदकों को अपने पते और प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियों को पूरी तरह दुरुस्त रखना होगा।
- **किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए:** फर्जी पते दर्ज कराने के मामलों के चलते सत्यापन अभियान तेज हो सकते हैं। मकान मालिक अपने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन समय रहते अवश्य पूरा कराएं।
- **मुरादाबाद में:** कटघर और मझोला इलाकों में स्थानीय प्रशासन जनप्रतिनिधियों के लेटर पैड और पहचान पत्रों की जांच बढ़ाएगा। स्थानीय निवासियों को किसी भी संदिग्ध दस्तावेजी गतिविधि की सूचना नजदीकी थाने को देनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह सिंडिकेट संगठित तरीके से कानूनी पाबंदियों को दरकिनार करने के लिए तैयार किया गया था। आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को वैध तरीकों से पासपोर्ट न मिल पाने की वजह से उन्होंने इस गैरकानूनी रास्ते का सहारा लिया।

- **आपराधिक रिकॉर्ड की बाधा:** गंभीर मामलों में लिप्त आरोपी पुलिस सत्यापन में पकड़े जाने के डर से सामान्य तरीके से आवेदन नहीं कर पाते थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर गिरोह ने उन्हें फर्जी पहचान पर विदेश भेजने की पेशकश की।
- **जेल से संचालित नेटवर्क:** हिरासत में मौजूद विचाराधीन कैदी और स्थानीय अपराधियों के बीच संपर्कों ने इस सिंडिकेट को फलने-फूलने में मदद की। जेल के भीतर से मिलने वाली जानकारियों के आधार पर बाहर सक्रिय सहयोगी फर्जी कागजात जुटा रहे थे।
- **जाली लेटर पैड और तकनीक का दुरुपयोग:** गिरोह ने लैपटॉप और प्रिंटिंग तकनीक से स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लेटर पैड की नकल तैयार की। इन लेटर पैडों के जरिए पते का प्रमाण आसानी से प्रमाणित करा लिया जाता था।
- **वर्तमान स्थिति:** पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए टेलीग्राम नेटवर्क और डिजिटल उपकरणों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है। पासपोर्ट कार्यालय के साथ मिलकर पिछले रिकॉर्ड की छानबीन की जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. मुरादाबाद में पुलिस ने किस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों और जाली पहचान पत्रों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

### 2. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम क्या हैं?
पकड़े गए आरोपियों के नाम महफूज, निवासी मझोला (मूल अगवानपुर) और आकाश, निवासी फरीदाबाद (हरियाणा) हैं।

### 3. पुलिस ने छापेमारी में क्या-क्या सामान बरामद किया है?
पुलिस ने 25 आधार कार्ड, 6 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 4 पैन कार्ड, 5 जन्म प्रमाण पत्र, 2 आरसी, लैपटॉप, मोबाइल फोन और जनप्रतिनिधियों के फर्जी लेटर पैड जब्त किए हैं।

### 4. यह सिंडिकेट ग्राहकों से संपर्क कैसे करता था?
गिरोह टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों से संपर्क करता था और उनके लिए जाली नाम-पते पर दस्तावेज तैयार करता था।

### 5. आरोपी आकाश किस नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाने की फिराक में था?
हरियाणा निवासी आरोपी आकाश 'रवि' नाम से जाली दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने की कोशिश कर रहा था।

### 6. पुलिस प्रशासन फर्जी पासपोर्ट्स के खिलाफ क्या कदम उठा रहा है?
एसपी सिटी के अनुसार, पासपोर्ट विभाग से संपर्क कर इस गिरोह द्वारा पहले बनवाए गए सभी संदिग्ध और फर्जी पासपोर्टों को निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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