मुरादाबाद: कांवड़ मार्ग पर बाधा बनी दो सदी पुरानी मजार पर चला बुलडोजर, सोमवती अमावस्या की सुबह हुई कार्रवाई मुरादाबाद के हरथला इलाके में मुरादाबाद-हरिद्वार हाईवे किनारे बनी करीब 200 साल पुरानी मजार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत हटा दिया, ताकि आगामी कांवड़ यात्रा का रास्ता सुगम और सुरक्षित रहे। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सोमवती अमावस्या के दिन प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शहर के हरथला इलाके में मुरादाबाद-हरिद्वार हाईवे के किनारे बनी करीब 200 साल पुरानी एक मजार पर सोमवार को तड़के सुबह बुलडोजर चला दिया गया। प्रशासन की मानें तो यह कदम अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा था और इसका मकसद आने वाली कांवड़ यात्रा के रास्ते को बाधामुक्त रखना था। क्यों चला बुलडोजर अधिकारियों के अनुसार यह मजार हाईवे के ठीक बीचों-बीच पड़ने वाले हिस्से में अवरोध की तरह खड़ी थी, जिसकी वजह से यातायात लगातार प्रभावित हो रहा था। हाईवे का यह हिस्सा पहले से ही काफी संकरा है और यहां आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। कांवड़ यात्रा नजदीक आने के साथ ही प्रशासन को आशंका थी कि इस रुकावट के चलते शिव भक्त कांवड़ियों को परेशानी हो सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए रास्ता साफ करने का फैसला लिया गया। कार्रवाई के दौरान सिर्फ मजार ही नहीं, बल्कि उससे सटा एक कमरा भी ध्वस्त कर दिया गया। पूरा मामला थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरथला इलाके का है, जो मुरादाबाद-हरिद्वार हाईवे पर स्थित है। किसकी अगुवाई में हुई कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। प्रशासन का तर्क है कि सार्वजनिक मार्गों पर बने अवैध निर्माणों और अवरोधों को हटाना जरूरी है, क्योंकि सड़क चौड़ीकरण और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए ऐसे ढांचों का रास्ते से हटना आवश्यक हो गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह कोई इकलौती कार्रवाई नहीं, बल्कि सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण साफ करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। स्थानीय लोगों का क्या कहना है दूसरी ओर, इलाके के लोगों की भावनाएं इस कार्रवाई से अलग हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मजार लंबे अरसे से यहीं मौजूद थी और धीरे-धीरे क्षेत्र की पहचान का हिस्सा बन चुकी थी। उनके मुताबिक इसकी उम्र करीब 200 वर्ष आंकी जाती रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्रवाई के वक्त भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। किसी भी अनहोनी या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर डटे रहे। मजार हटाए जाने के बाद भी इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई है। इसका आप पर असर यह खबर आपके लिए क्यों मायने रखती है: • भारत में: कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले शिव भक्तों के लिए हाईवे का यह हिस्सा अब पहले से ज्यादा चौड़ा और सुरक्षित होगा, जिससे आवाजाही आसान रहेगी। • मुरादाबाद में: हरथला और सिविल लाइंस इलाके के लोगों को कार्रवाई के बाद भी कुछ समय तक पुलिस तैनाती और यातायात बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. मुरादाबाद में मजार कहां और कब हटाई गई? मुरादाबाद के हरथला इलाके में मुरादाबाद-हरिद्वार हाईवे किनारे बनी मजार को सोमवती अमावस्या यानी सोमवार की सुबह तड़के हटाया गया। 2. मजार कितनी पुरानी बताई जा रही है? स्थानीय लोगों के अनुसार यह मजार करीब 200 साल पुरानी थी और क्षेत्र की पहचान का हिस्सा बन चुकी थी। 3. प्रशासन ने यह कार्रवाई क्यों की? प्रशासन का कहना है कि मजार हाईवे के बीच अवरोध बन रही थी और कांवड़ यात्रा के रास्ते को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इसे हटाया गया। 4. कार्रवाई किसके नेतृत्व में हुई? यह कार्रवाई अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई, और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। https://trendkia.com/uttar-pradesh/muradabada-kanvara-marga-para-badha-bani-do-sadi-purani-majara-para-chala-bulado-963 TrendKia — Har trend, sabse pehle.